माधव राव सिंधिया से लेकर अजित पवार तक, प्लैन क्रैश में देश ने कई बड़े नेताओं को खो दिया

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Last Updated:January 28, 2026, 11:58 IST

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के मुखिया अजित पवार का बारामती में एक विमान हादसे में बुधवार को निधन हो गया. अजित दादा का निधन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है. देश में कई बड़े नेता जैसे विजय रुपाणी, दोरजी खांडू, वाईएसआर, माधव राव सिंधिया, जीएमसी बालयोगी भी ऐसे ही हादसों के शिकार हो गए थे.

माधव राव से लेकर अजित पवार तक, प्लैन क्रैश में देश ने कई बड़े नेताओं को खोयामाधव राव सिंधिया और अजित पवार सहित कई नेता विमान दुर्घटना में असमय मौत के शिकार हुए हैं.

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बुधवार को उनके गृह नगर बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया. वह 66 वर्ष के थे. उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया है, जिसको भरना नामुमकिन है. वह एनसीपी के प्रमुख थे. महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार उनके राजनीति गुरु और रिश्ते में चाचा हैं. अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की पवार फैमिली में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है. लेकिन, देश की राजनीति के नजरिये से देखें तो विमान हादसे में अजित पवार का निधन अपनी तरह की पहली घटना नहीं है. इस देश ने एक से बढ़कर एक होनहार नेताओं को विमान हादसे में असमय खो दिया है.

विजय रुपाणी का निधन

बीते साल 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का निधन हो गया. उस हादसे में कम से कम 260 लोगों की मौत हुई थी. विजय रुपाणी राज्य के लगातार दो बार सीएम रहे.

दोरजी खांडू

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू का 30 अप्रैल 2011 एक विमान हादसे में निधन हो गया. वे पवन हंस की यूरोकॉप्टर AS350 B3 हेलीकॉप्टर से तवांग से ईटानगर जा रहे थे. तभी हेलीकॉप्टर लापता हो गया. खराब मौसम और पहाड़ी इलाके में क्रैश होने से मुख्यमंत्री समेत पांचों लोग (दो पायलट, सुरक्षा अधिकारी येशी चोडक और येशी ल्हामू) की मौत हो गई. मलबा और शव 4 मई को लुगुथांग (पश्चिम कामेंग जिले) में मिले. खोज अभियान में सेना और स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी मौत से राज्य में शोक की लहर दौड़ी और बाद में जारबोम गमलिन मुख्यमंत्री बने. दोरजी खांडू (1955-2011) 2007 से सीएम थे. उनके पुत्र पेमा खांडू वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं.

वाईएस राजशेखर रेड्डी

वाईएस राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) का 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए वे चित्रावती से चिलकुर बालाजी मंदिर जा रहे थे, जब उनका बेल 430 हेलीकॉप्टर नल्लमला जंगलों (कुरनूल जिला) में क्रैश हो गया. खराब मौसम और घने जंगलों के कारण हेलीकॉप्टर लापता हो गया. 48 घंटे के तीव्र खोज अभियान के बाद 4 सितंबर को मलबा और शव मिले. हादसे में मुख्यमंत्री समेत पांचों लोग मारे गए थे. वाईएसआर (1949-2009) 2004 से सीएम थे. वह राज्य में एक बेहद लोकप्रिय नेता थे.

ओपी जिंदल

कांग्रेस के नेता, हरियाणा के तत्कालीन पावर मंत्री और उद्योगपति ओपी जिंदल की हेलीकॉप्टर हादसे में 31 मार्च 2005 में निधन हो गया. जिंदल का 31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया. वे JSW स्टील और जिंदल ग्रुप के संस्थापक थे. घटना उत्तर प्रदेश के सहरनपुर जिले में हुई, जब उनका बेल 407 हेलीकॉप्टर गढ़वाल क्षेत्र से दिल्ली लौटते समय खराब मौसम और घने कोहरे के कारण क्रैश हो गया. हादसे में जिंदल (1950-2005) समेत पांचों लोग मारे गए. मलबा और शव कुछ घंटों में मिले.

जीएमसी बालयोगी

जीएमसी बालयोगी (गंती मोहना चंद्र बालयोगी) का 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया. वे लोकसभा के स्पीकर थे और पद पर रहते हुए मृत्यु प्राप्त करने वाले पहले और एकमात्र स्पीकर हैं. हादसा आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ, जब भीमावरम (पश्चिम गोदावरी) से हैदराबाद लौटते समय उनका बेल 206 हेलीकॉप्टर (डेकन एविएशन का) खराब मौसम, कम विजिबिलिटी और पायलट की गलती से नारियल के पेड़ से टकराकर कोव्वदलंका गांव (मंडवल्ली मंडल) के पास एक तालाब में क्रैश हो गया. हादसे में बालयोगी (1951-2002), पायलट जीवी मेनन और उनके निजी सहायक सती राजू की मौके पर मौत हो गई. वे TDP से जुड़े थे.

माधवराव सिंधिया

माधवराव सिंधिया (माधवराव जीवाजीराव सिंधिया) का 30 सितंबर 2001 को विमान दुर्घटना में निधन हो गया. वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री (सिविल एविएशन सहित) और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी थे. हादसा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के मोट्टा गांव (भैंसरोली के पास) में हुआ, जब दिल्ली से कानपुर जा रहे उनके प्राइवेट जेट बीचक्राफ्ट किंग एयर C90 में आग लग गई और वह क्रैश हो गया. वे एक राजनीतिक रैली को संबोधित करने जा रहे थे. खराब मौसम और 14,000 फीट पर उड़ान के दौरान विमान नियंत्रण से बाहर हो गया. विमान में सवार सभी आठ लोग—माधवराव सिंधिया, उनके निजी सचिव रूपिंदर सिंह, चार पत्रकार, पायलट रे गौतम और सह-पायलट रितु मलिक की मौत हो गई. सिंधिया की पहचान उनके गले में दुर्गा लॉकेट से हुई.

संजय गांधी

संजय गांधी का 23 जून 1980 को विमान दुर्घटना में निधन हो गया. वे इंदिरा गांधी के छोटे बेटे, कांग्रेस नेता और युवा कांग्रेस के प्रमुख थे. हादसा नई दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास हुआ, जब वे पिट्स एस-2ए विमान उड़ाते हुए स्टंट करते समय क्रैश हो गए. विमान टेकऑफ के तुरंत बाद अनियंत्रित हो गया और एक पेड़ से टकराकर जमीन पर गिरा, जिसमें आग लग गई. संजय गांधी (1946-1980) और उनके साथी कैप्टन सुभाष सक्सेना (पायलट) दोनों की मौके पर मौत हो गई. जांच में पाया गया कि स्टंट उड़ान के दौरान पायलट की गलती और विमान की कम ऊंचाई मुख्य कारण थे. उनकी मौत से कांग्रेस और गांधी परिवार पर गहरा सदमा लगा, और इंदिरा गांधी के राजनीतिक करियर पर भी प्रभाव पड़ा.

मोहन कुमारमंगलम

पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहन कुमारमंगलम (एस. मोहन कुमारमंगलम) का 31 मई 1973 को विमान दुर्घटना में निधन हो गया. वे इंदिरा गांधी सरकार में इस्पात और खान मंत्री थे और कम्युनिस्ट पृष्ठभूमि से कांग्रेस में आए प्रमुख नेता थे. हादसा इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 440 (बोइंग 737-200, नाम ‘सरंगा’) में हुआ, जो चेन्नई से दिल्ली जा रही थी. पालम एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान धूल भरी आंधी और खराब मौसम के कारण विजिबिलिटी बहुत कम थी. विमान अप्रोच के दौरान हाई-टेंशन पावर लाइनों से टकराया, क्रैश हो गया और आग लग गई. विमान में 65 लोग सवार थे, जिनमें से 48 की मौत हो गई और 17 बच गए.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

January 28, 2026, 11:55 IST

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माधव राव से लेकर अजित पवार तक, प्लैन क्रैश में देश ने कई बड़े नेताओं को खोया

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