मादुरो पर US ने रखा था 9/11 कराने वाले लादेन से ज्यादा 450 करोड़ का इनाम, जानिए किस अपराध में सत्ता से बेदखल किया

16 hours ago

US $50m reward on Nicolas Maduro: अमेरिका के हवाई और जमीनी हमले में वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत कई शहरों को भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप के ट्वीट के बावजूद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो कहां हैं? इस पर असमंजस बना हुआ है. वेनेजुएला में तख्तापलट यानी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को निपटाने की पटकथा अमेरिका में पांच महीने पहले लिखी जा चुकी थी, बस स्क्रिप्ट को अंजाम देने के लिए सही वक्त की तलाश थी जो तीन जनवरी, 2026 को पूरी हुई.

मादुरो के तख्तापलट में इनाम की कितनी भूमिका?

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका को 9/11 हमले में दहलाने वाले ओसामा बिन लादेन से भी ज्यादा यानी करीब 450 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम मादुरो के सिर पर घोषित किया था. आखिरकार मादुरो, ट्रंप की आंखों को क्यों चुभ रहे थे, उनपर क्या आरोप थे, आइए आपको एक-एक करके बताते हैं. एक सवाल ये भी उठता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ या इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के दायरे से इतर अमेरिका आखिरकार किसी देश के चुने राष्ट्रपति के सिर पर इतना बड़ा इनाम कैसे रख सकता है.

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मादुरो पर 450 करोड़ का इनाम क्यों रखा?

यूं तो निकोलस मादुरो कई सालों से अमेरिका की आखों की किरकिरी बन चुके थे. ट्रंप की निगाह उनपर ज्यादा टेढ़ी थी, इसलिए पिछले साल अगस्त के महीने में अमेरिका ने मादुरो पर दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्कर होने के आरोप लगाया था. इसके साथ ही वेनेजुएला के सर्वोच्च नेता यानी अपदस्थ राष्ट्रपति मादुरो पर ड्रग कार्टल्स के साथ काम करने और अमेरिका में कोकेन लाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. उस समय अमेरिकी एटॉर्नी जनरल पैम बोंडी ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में मादुरो न्याय की चाबुक से बच नहीं पाएंगे और उन्हें अपने अपराधों की सजा जरूर मिलेगी. इसके साथ ही अमेरिका ने उन पर 450 करोड़ का इनाम धर दिया था.

क्या है पूरा मामला?

मादुरो पर पहली बार 2020 में, ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान, न्यूयॉर्क के मैनहटन की संघीय अदालत में नार्को-टेररिज्म और कोकीन आयात की साजिश के आरोप लगे थे. तब साल 2020 में मादुरो को अमेरिका में कोकेन पहुंचाने की साजिश में मैनहैटन की अदालत में दोषी पाया गया था. तब अमेरिकी सकार ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 15 मिलियन डॉलर का ऐलान किया था. इसके बाद राष्ट्रपति पद संभालने वाले जो बाइडेन ने रकम को बढ़ाकर 25 मिलयन डॉलर कर दिया था. खास बात है कि तब अमेरिका ने ठीक इतना ही इनाम उस ओसामा बिन लादेन पर रखा था जिसने अमेरिका को कुछ घंटों के लिए ही सही घुटनों पर ला दिया था.

उसी समय अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि न्याय विभाग ने मादुरो से जुड़ी 700 मिलियन डॉलर की संपत्तियों को जब्त कर दिया है. जिसमें उनके 2 प्राइवेट जेट शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने ये कहा कि लगभग 7 टन कोकेन के तार सीधे तौर पर मादुरो से जुड़े हैं.अगस्त 2025 में ट्रंप प्रशासन ने इसे सीधे दोगुना कर 50 मिलियन डॉलर कर दिया है. यानी यह ओसामा बिन लादेन पर रखे गए ईनाम से ज्यादा हो गई थी.

वेनेजुएला की जनता ने तब क्या कहा था?

अमेरिकी इनाम पर अमेरिका में रहने वाले वेनेजुएला के प्रवासियों ने बड़ी मुखर प्रतिक्रिया दी थी. प्रवासियों ने इनाम की सराहना करते हुए कहा था कि ये मादुरो प्रशासन के खिलाफ एक कड़ा संदेश है. उन्हें आस जगी है कि एक न एक दिन उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा. उन्होंने कहा था कि मादुरो के सिर पर $50 मिलियन का इनाम होने से ये साफ होता है कि वो लोग किसी बुरे राष्ट्रपति से नहीं बल्कि अपराधी से निपट रहे हैं. वो मादुरो को सजा दिलाना चाहते हैं.

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