भारत के नेक्‍स्‍ट जेनरेशन को जिसकी चाहत, PM मोदी ने जापान में कर दिया वही काम

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Last Updated:August 30, 2025, 06:24 IST

PM Modi Japan Visit: डोनाल्‍ड ट्रंप की सनकी नीतियों की वजह से दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है. भारत पर भी इसका असर पड़ा है. अब दुनिया के तमाम अन्‍य देश और बड़ी इकोनोमी एकजुट होकर एक्‍शन प्‍लान तैयार करने और टैरि...और पढ़ें

भारत के नेक्‍स्‍ट जेनरेशन को जिसकी चाहत, PM मोदी ने जापान में कर दिया वही कामपीएम मोदी की जापान यात्रा के दौरान स्किल्‍ड वर्कर्स को लेकर बड़ा समझौता हुआ है.

PM Modi Japan Visit: डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच रोजगार का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है. अमेरिकी सरकार की ओर से भारत पर 50 फीसद का टैरिफ लगाया गया है, जिससे एक्‍सपोर्ट सेक्‍टर का प्रभावित होना स्‍वाभाविक है. इसका असर रोजगार पर भी पड़ने की बात कही जा रही है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी काट ढूंढ़ ली है. पीएम मोदी जापान की दो दिनों की यात्रा पर हैं. इस दौरान भारत और जापान के बीच रोजगार को लेकर काफी अहम समझौता हुआ है. इस करार के तहत जापान अगले 5 सालों में 50000 स्किल्‍ड और सेमी स्किल्‍ड वर्कफोर्स को अपने यहां एम्‍प्‍लॉयमेंट देगा. इस अवधि के दौरान 5 लाख लोगों के आदान-प्रदान का लक्ष्‍य रखा गया है. इससे इंडियन टैलेंट के लिए नौकरी के नए अवसर बनेंगे.

भारत और जापान ने शुक्रवार को मानव संसाधन (Human Resource) सहयोग पर एक महत्वपूर्ण कार्ययोजना (Action Plan) को अंतिम रूप दिया, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच 5 लाख लोगों का आदान-प्रदान होगा. इसमें 50,000 कुशल और सेमी-स्किल्‍ड भारतीय पेशेवरों को जापान भेजा जाएगा. विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी जानकारी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा को लेकर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों देशों ने यह मान्यता दी है कि भारत के पास बड़ी संख्या में स्किल्‍ड और सेमी-स्किल्‍ड जनशक्ति उपलब्ध है, जबकि जापान की अर्थव्यवस्था में कुछ विशेष क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी है. इसको ध्यान में रखते हुए यह समझौता किया गया है.

जापान में लेबर वर्कफोर्स की कमी

मिस्री ने कहा, ‘जापान एक गतिशील अर्थव्यवस्था है, लेकिन कुछ खास क्षेत्रों में वहां श्रमिकों की कमी है. वहीं, भारत के पास बड़ी संख्या में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हैं. यह एक्‍शन प्‍लान इसी आवश्यकता को पूरा करेगी.’ एक्‍शन प्‍लान के अनुसार, मानव संसाधन आदान-प्रदान के जरिए दोनों देश न सिर्फ रोजगार के अवसरों को बढ़ाएंगे, बल्कि ज्‍वाइंट रिसर्च, कमर्शियलाइजेशन और वैल्‍यू ग्रोथ में भी सहयोग करेंगे. इसमें जापानी भाषा शिक्षा को भारत में बढ़ावा देने के साथ ही सांस्कृतिक, शैक्षिक और जनस्तरीय आदान-प्रदान पर भी जोर दिया गया है.

द्विपक्षीय संबंध को नई ऊंचाई

प्रधानमंत्री मोदी और जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा ने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान इस पहल को मंजूरी दी. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, ‘मानव संसाधन आदान-प्रदान की कार्ययोजना के तहत अगले पांच साल में विभिन्न क्षेत्रों में पांच लाख लोगों का एक्सचेंज किया जाएगा.’ गौरतलब है कि पीएम मोदी 29-30 अगस्त को दो दिवसीय जापान यात्रा पर हैं. इसके बाद वे चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे.

Manish Kumar

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First Published :

August 30, 2025, 06:24 IST

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