दक्षिण कोरिया की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला, जब अपदस्थ राष्ट्रपति Yoon Suk-yeol को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार कर लिया गया. इस कार्रवाई के साथ ही वह देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिन्हें अल्पकालिक मार्शल लॉ लागू करने के मामले में हिरासत में लिया गया है. समाचार एजेंसी Xinhua की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरफ्तारी सुबह स्थानीय समयानुसार 10:33 बजे की गई. अधिकारियों ने एक संक्षिप्त नोटिस जारी कर इसकी पुष्टि की. बताया गया है कि यह कार्रवाई एक संयुक्त जांच इकाई द्वारा की गई, जिसमें भ्रष्टाचार जांच कार्यालय (CIO), राष्ट्रीय जांच कार्यालय (NOI) और रक्षा मंत्रालय के जांच मुख्यालय के अधिकारी शामिल थे.
इन एजेंसियों ने मिलकर यून सुक-योल से जुड़े मामलों की जांच की और इसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की. गौरतलब है कि यून सुक-योल पर अल्पकालिक मार्शल लॉ लागू करने के फैसले को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. इस कदम ने देश की राजनीति में भारी उथल-पुथल मचा दी थी और संवैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर बहस तेज हो गई थी. अब उनकी गिरफ्तारी के बाद दक्षिण कोरिया में राजनीतिक और कानूनी हलचल और तेज होने की संभावना है. यह घटनाक्रम न केवल दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है, बल्कि शासन और संवैधानिक जवाबदेही को लेकर भी एक बड़ा संदेश देता है. फिलहाल यून सुक-योल को ग्वाचियोन के सीआईओ कार्यालय में पूछताछ के लिए ले जाया गया है.
भ्रष्टाचार जांच दफ्तर में हुई पूछताछ
दक्षिण कोरिया पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल की गिरफ्तारी के बाद टीवी फुटेज में साफ दिखाई दिया कि कैसे सुरक्षा अधिकारियों का काफिला मध्य सोल स्थित उनके आधिकारिक आवास से बाहर उन्हें लेकर निकल रहा है. इस समय माहौल गंभीर था और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे. सबसे पहले उन्हें सोल के दक्षिण में स्थित ग्वाचियोन ले जाया गया, जहां सीआईओ (भ्रष्टाचार जांच कार्यालय) में उनसे पूछताछ की गई. घंटों चली प्रक्रिया के बाद उन्हें उइवांग स्थित सियोल डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया, जो सीआईओ कार्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर है.
कौन हैं यून सुक-योल?
यून सुक येओल का जन्म 18 दिसंबर 1960 में हुआ था. वो एक दक्षिण कोरियाई राजनीतिज्ञ और वकील हैं, उन्होंने 2022 से 2025 में पद से हटाए जाने तक दक्षिण कोरिया के 13वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था. अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान पीपुल्स पावर पार्टी के सदस्य रहे. 1987 के बाद से वो देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे कम समय तक सीधे निर्वाचित राष्ट्रपति रहे. यून ने इससे पहले 2019 से 2021 तक दक्षिण कोरिया के अभियोजक जनरल के रूप में कार्य किया था. यून ने सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी से कानून में स्नातक और फिर वहीं से स्नातकोत्तर किया था.
राष्ट्रपति की रेस में ऐसे शामिल हुए थे यून सुक-योल
सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर ऑफिस के प्रमुख के रूप में, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपतियों पार्क ग्यून-हे और ली म्युंग-बाक को भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के लिए दोषी ठहराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. 2019 में राष्ट्रपति मून जे-इन ने यून को दक्षिण कोरिया का प्रॉसिक्यूटर जनरल नियुक्त किया था. यून के नेतृत्व में सुप्रीम प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने मून प्रशासन के एक प्रभावशाली व्यक्ति चो कुक के खिलाफ विवादित जांच की, जिसके परिणामस्वरूप चो ने न्याय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. 2021 में प्रॉसिक्यूटर जनरल के पद से इस्तीफा देने से पहले मून प्रशासन के साथ यून के टकराव ने उन्हें रूढ़िवादी मतदाताओं के बीच संभावित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उभरने का मौका दिया था.
कोरियाई युद्ध समाप्त होने के बाद पैदा होने वाले पहले राष्ट्रपति
29 जून 2021 को, यून ने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की. उन्होंने जुलाई में पीपुल्स पावर पार्टी (पीपीपी) में शामिल हुए और नवंबर में पार्टी का नामांकन जीता. एक रूढ़िवादी राजनेता माने जाने वाले यून ने आर्थिक उदारीकरण , नारीवाद का विरोध और लैंगिक समानता एवं परिवार मंत्रालय को समाप्त करने जैसे उपायों का वादा करते हुए चुनाव लड़ा. 9 मार्च 2022 को उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ली जे म्युंग को एक प्रतिशत से भी कम अंतर से हराया और 10 मई को राष्ट्रपति पद ग्रहण किया. वे कोरियाई युद्ध की समाप्ति के बाद पैदा हुए पहले निर्वाचित राष्ट्रपति बने.

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