Mark Carney: कहते हैं कि वक्त कब किसकी ओर करवट ले ले इसका कोई भरोसा नहीं है. ऐसा ही कुछ चीन की राजधानी में देखने को मिला है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में मुलाकात की है. यह मीटिंग दोनों देशों के नेताओं के बीच आठ साल बाद पहली मीटिंग है, इस मुलाकात के बाद दोनों पक्षों ने इसे पारंपरिक रूप से तनावपूर्ण रिश्तों में एक टर्निंग पॉइंट बताया है.
करने वाले हैं बातचीत
दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडाई प्रोडक्ट्स पर एग्रेसिव टैरिफ लगाने के बाद हो रही है, जिसकी वजह से कार्नी अपने देश की अपने मुख्य बाजार, यूनाइटेड स्टेट्स पर आर्थिक निर्भरता कम करना चाहते हैं. हालांकि अमेरिका और कनाडा टैरिफ कम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है. कार्नी ने गुरुवार को प्रीमियर ली कियांग से भी मुलाकात की और ट्रेड पर चर्चा करने के लिए बिजनेस लीडर्स के साथ बातचीत करने वाले हैं.
मुलाकात से खुश हैं जिनपिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक बाइलेटरल मीटिंग के दौरान कार्नी ने जिनपिंग से कहा कि कनाडा और चीन एक नई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप बना रहे हैं जिससे एक-दूसरे की ताकत का इस्तेमाल करके ऐतिहासिक फायदे मिलेंगे. इस मुलाकात को लेकर शी जिनपिंग ने कहा कि वो दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग से काफी ज्यादा खुश हैं. उन्होंने कहा कि सहयोग की वजह से सकारात्मक परिणाम मिले हुए हैं. चीन-कनाडा संबंधों का स्वस्थ और स्थिर विकास दुनिया में शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए अनुकूल है. हालांकि दोनों नेताओं ने किन-किन मुद्दों पर चर्चा की और इस मुलाकात के क्या नतीजे रहे ये बात सामने नहीं आ पाई है.
खराब चल रहे हैं रिश्ते
पिछले साल अमेरिका ने कनाडा पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, इसके अलावा ट्रंप कनाडा को 10 प्रतिशत और टैरिफ लगाने की धमकी भी दे रहे थे. जिसकी वजह से अमेरिका और कनाडा के रिश्ते खराब होते चले गए. अब कनाडा चीन से नजदीकियां बढ़ाने में लगा हुआ है.

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