'जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुककर उठाना होगा', UGC गाइडलाइन पर मोहन भागवत बोले- कानून मानना चाहिए

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'जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर उठाना होगा', UGC गाइडलाइन पर क्या बोले भागवत

Last Updated:February 18, 2026, 05:35 IST

Mohan Bhagwat on UGC Guidelines: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ में यूजीसी गाइडलाइन पर अपनी राय रखी. आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने यूजीसी गाइडलाइन पर कहा कि कि कानून सभी को मानना चाहिए, गलत हो तो बदलने का उपाय है. समाज में सद्भाव, समन्वय और सहयोग जरूरी है.

'जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर उठाना होगा', UGC गाइडलाइन पर क्या बोले भागवतZoom

मोहन भागवत ने यूजीसी गाइडलाइन पर कहा कि कानून का पालन सबको करना होगा.

Mohan Bhagwat on UGC Guidelines: यूजीसी (UGC) गाइडलाइन पर आरएसएस चीफ मोहन भागलत ने चुप्पी तोड़ी है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने यूजीसी गाइडलाइन पर साफ कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए. जो नीचे गिरे हैं, उन्हें उठाना ही होगा. यूजीसी गाइडलाइन को लेकर एक सवाल के जवाब में सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए. अगर कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है. इस पर दोनों पक्ष की अपनी-अपनी राय है. मोहन भागवत ने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित करने के दौरान यह बात कही.

यूजीसी गाइडलाइन से जुड़े एक सवाल के जवाब में मोहन भागवत ने कहा, ‘कानून सभी को मानना चाहिए. यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है. इस पर दोनों पक्ष की अपनी-अपनी राय है. जातियां झगड़े का कारण नहीं बननी चाहिए. समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी. जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा. सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए. संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है. एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए.’

‘भारत दुनिया को मार्गदर्शन देगा’

मोहन भागवत ने कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देगा. विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भारत के पास ही है. उन्‍होंने समाज की सज्जन शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि बस्ती स्तर पर सामाजिक सद्भाव से जुड़ी बैठकें नियमित होनी चाहिए. हम आपस में मिलेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी. इस प्रकार की बैठकों में रूढ़ियों से मुक्त होने पर चर्चा होनी चाहिए. जो समस्याएं सामने आएं, उनको दूर करने का प्रयास होना चाहिए। जो दुर्बल है, उनकी सहायता करना चाहिए. आरएसएस चीफ भागवत ने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं. इससे हमें सावधान रहना होगा. एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा. एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा.

तीन बच्चों पर जोर

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने हिंदू समाज से संगठित और सशक्त होने का आह्वान करते हुए कहा कि हमको किसी से खतरा नहीं, लेकिन सावधान रहना आवश्यक है. मोहन भागवत ने घटती हिंदू जनसंख्या, कथित जबरन मतांतरण और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होने पर वह भविष्य में कमजोर हो जाता है, इसलिए परिवारों को इस विषय में जागरूक किया जाना चाहिए.

हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर भागवत की चिंता

मोहन भागवत ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए. जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा. उन्होंने बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा. उन्हें रोजगार नहीं देना है. उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए. वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है. यह बात हमारे परिवारों में नवदंपतियों को बताई जानी चाहिए.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho...और पढ़ें

First Published :

February 18, 2026, 05:35 IST

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