DNA: अब हम आपके सामने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी का लेटेस्ट चैप्टर दिखाने जा रहे हैं. इस नए चैप्टर को ईरान के खलीफा यानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की कलम से लिखा गया है. लंबे वक्त बाद खामेनेई ने ट्रंप को सीधी धमकी दी है. अब तक आपने ईरान के खिलाफ ट्रंप की धमकियों के वीडियो देखे होंगे. सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट देखे होंगे. लेकिन आज खामेनेई ने लिखित तौर पर भी..और बोलकर भी..ट्रंप की हर धमकी का जवाब दिया है. इसे आप खलीफा की झटका स्पीच भी कह सकते हैं. पहले आप उनके पोस्ट देखिए, फिर आपको उनकी जवाबी धमकी सुनाएंगे.
अब से ठीक 5 घंटे पहले अयातुल्ला खामेनेई ने दो पोस्ट किए हैं. पहले पोस्ट में खामेनेई ने लिखा है अपनी सैन्य ताकत पर अमेरिका का घमंड ही उसकी बर्बादी की वजह बनेगा. दूसरे पोस्ट में लिखा गया है कि 47 साल से ईरान को अमेरिका कुचल नहीं पाया है. अच्छी बात है कि ट्रंप ने इस सच को समझ लिया है. इन चेतावनियों के साथ ही साथ खामेनेई ने एक ऐसा बयान भी दिया है जिसके जरिए उन्होंने ट्रंप को अपनी ताकत का एहसास कराया है . अब हम आपको खामेनेई के भाषण का यही हिस्सा दिखाने जा रहे हैं.
खामेनेई ने अमेरिका को दिखा दिया आईना
आज खामेनेई ने ना सिर्फ ट्रंप को चेतावनी दी है बल्कि अमेरिका की सैन्य शक्ति पर ऐसा तंज भी किया है जो यकीनन ट्रंप को चुभा होगा. वियतनाम और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभ्यासों का जिक्र करते हुए कैसे खामेनेई ने अमेरिका को आइना दिखाया. ये भी आपको ध्यान से सुनना चाहिए. ईरान में कहा जाता है कि जब जब खामेनेई अपने प्रतिद्वंदियों के लिए सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हैं तो इसका मतलब होता है कि ईरान बड़े बल-प्रयोग के लिए तैयार हो रहा है. यानी खामेनेई के अल्फाज ही ईरान के अटैक का पहला सिग्नल होते हैं . अब हम आपको खामेनेई के बयानों और बारूदी कार्रवाई का यही कनेक्शन बताने जा रहे हैं .
अमेरिकी धमकियों के सामने सरेंडर नहीं करेगा ईरान
पिछले साल जून के महीने में खामेनेई ने कहा था कि गाजा को लेकर अमेरिकी धमकियों के सामने ईरान सरेंडर नहीं करेगा. इस बयान के दो हफ्ते बाद ईरान ने इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला कर दिया था . जनवरी 2026 में खामेनेई ने कहा था कि वो ईरान में विदेशी ताकतों की साजिशें कामयाब नहीं होने देंगे. इस बयान के बाद ईरान में प्रदर्शनकारियों पर भारी बल प्रयोग किया गया था और हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए थे. इन घटनाओं की वजह से माना जा रहा है कि सख्त अल्फाजों से भरे खामेनेई के सोशल मीडिया पोस्ट किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की तरफ इशारा कर रहे हैं. एक तरफ खामेनेई ने वॉर्निंग जारी की है तो दूसरी तरफ खामेनेई की सबसे खास सैन्य यूनिट यानी IRGC ने एक बड़ा सैन्य अभ्यास भी शुरु कर दिया है.
ईरान की सेना ने जारी किया वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे ईरान की सेना ने जारी किया है. इस वीडियो में ईरान की IRGC के कमांडो समंदर में अटैक और डिफेंस की प्रैक्टिस कर रहे हैं. वीडियो में आपको नौसैनिक जहाजों पर उतरकर सैन्य कार्रवाई करने का अभ्यास दिखेगा और साथ ही किनारे से जहाजों पर रॉकेट और मिसाइल दागने की ट्रेनिंग भी नजर आएगी. ये सैन्य अभ्यास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किया गया है. ये समंदर का वही इलाका है जिससे तकरीबन 240 किलोमीटर दूर अमेरिकी नेवी के विमानवाहक बेड़े तैनात हैं. कल तक ईरान के विदेशमंत्री कह रहे थे कि वो बातचीत की टेबल से ही समाधान निकालना चाहते हैं लेकिन आज सुप्रीम लीडर चेतावनी दे रहे हैं...ईरान की सेना अभ्यास कर रही है . आखिर चौबीस घंटों में ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से ईरान का रूख सख्त हो गया. इस सवाल का जवाब समझने के लिए आपको मिडिल ईस्ट में बढ़ते बारूदी जमावड़े से जुड़ी जानकारी को बेहद गौर से देखना चाहिए .
ट्रंप ने ईरान के इर्द-गिर्द सेना तैनात की
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भले ही बार-बार ईरान के साथ बातचीत की दुहाई दे रहे हैं लेकिन साथ ही साथ ट्रंप ईरान के इर्द गिर्द अपनी सैन्य तैनाती भी बढ़ा रहे हैं. आज ही अमेरिकी एयरफोर्स के अठ्ठारह F-35 विमान मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं. इनमें से 10 विमानों को जॉर्डन के साल्ती सैन्य अड्डे पर तैनात किया गया है जबकि 8 विमानों को कतर के अल-उदेद सैन्य अड्डे पर तैनात किया गया है. F-35 विमानों को सपोर्ट करने के लिए ब्रिटेन से हवा में ईंधन भरने वाले दो विमान भी भेजे गए हैं. इस नई तैनाती के साथ ईरान के इर्द गिर्द मौजूद अमेरिकी लड़ाकू विमानों की संख्या 66 पर पहुंच गई है.
लंबी दूरी के ड्रोन और राडार वाले विमानों की तैनाती
लड़ाकू विमानों के साथ ही साथ अमेरिका ने 4 लंबी दूरी के ड्रोन और 8 राडार से लैस विमान भी तैनात कर रखे हैं. इतनी बड़ी तादाद में एयरफोर्स और नेवी की मौजूदगी वाकई ईरान के लिए खतरा है . इसी खतरे को आज खामेनेई ने सख्त अल्फाजों के साथ जवाब दिया है. एक तरफ ईरान ने ट्रंप को आंखें दिखाई हैं तो दूसरी तरफ पारंपरिक पार्टनर कनाडा ने अमेरिका से दूरी बनाने का फैसला कर लिया है. कनाडा की सरकार ने एक बयान जारी करके कहा है कि अपने व्यापारिक हित साधने के लिए कनाडा अब यूरोपीयन यूनियन और एशिया पैसेफिक के देशों के साथ आर्थिक गठबंधन बनाने की दिशा में कदम उठाएगा. दरअसल पिछले महीने ट्रंप ने कनाडा पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. इस धमकी के जवाब में नया ब्लॉक बनाने की बात कहकर कनाडा ने ट्रंप को सख्त संदेश दिया है.
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1 hour ago
