Last Updated:January 26, 2026, 09:43 IST
India-China Border: इंडियन आर्मी समय-समय पर सैन्य अभ्यास करती रहती है, ताकि युद्ध तैयारियों को आंका जा सके. अरुणाचल प्रदेश में सेना ने आईटीबीपी के जवानों के साथ मिलकर अभ्यास किया है. इसे अग्नि परीक्षा का नाम दिया गया है.
India-China Border: भारतीय सेना और ITBP के जवानों ने चीन सीमा के करीब युद्धाभ्यास किया है. (फाइल फोटो)India-China Border: भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में 6 दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ का प्रथम चरण आयोजित किया, जिसका उद्देश्य इंटर-फोर्स कोऑर्डिनेशन और युद्ध की तैयारी को बढ़ाना था. अधिकारियों ने इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी है. रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि यह ज्वाइंट एक्सरसाइज 19 से 24 जनवरी तक पूर्वी सियांग जिले के सिगार में आयोजित किया गया और इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों के बीच युद्ध के दौरान तालमेल को मजबूत करना था.
कर्नल रावत ने कहा कि छह दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम दोनों बलों के बीच ऑपरेशनल इंटीग्रेशन और संयुक्त कौशल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. स्पीयर कोर के स्पीयरहेड गनर्स ने पैदल सेना रेजिमेंट और आईटीबीपी के कर्मियों के साथ मिलकर इस अभ्यास का संचालन किया. यह अपनी तरह की पहली सहयोगात्मक गोलाबारी प्रशिक्षण पहल है. इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य तोपखाने (आर्टिलरी) के विभिन्न अभियानों की प्रक्रियाओं, समन्वय और निष्पादन से गैर-तोपखाना कर्मियों को परिचित कराकर युद्धक्षेत्र में तालमेल बढ़ाना था.
आर्टिलरी फायरिंग
प्रशिक्षण के दौरान पैदल सेना और आईटीबीपी कर्मियों को अनुभवी स्पीयरहेड गनर्स की देखरेख और मार्गदर्शन में स्वतंत्र रूप से कई तोपखाना फायरिंग अभ्यास करने के लिए व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित किया गया. लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य तोपखाने के वास्तविक उपयोग से गैर-तोपखाना (non artillery) कर्मियों को परिचित कराकर पारंपरिक भूमिकाओं के बीच के अलगाव को तोड़ना था, जिससे गतिशील युद्ध परिदृश्यों में गोलाबारी के एकीकरण की उनकी समझ में सुधार हो सके. उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण ने भाग लेने वाली सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और तत्परता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया.
अग्नि परीक्षा का पहला स्टेज
कर्नल रावत ने आगे कहा कि अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ का प्रथम चरण एक अग्रणी पहल है जो भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए आवश्यक एकीकृत युद्ध क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. अभ्यास का सफल संचालन भारतीय सेना की संयुक्त कार्यकुशलता और वास्तविक, मिशन-उन्मुख प्रशिक्षण के माध्यम से बल गुणन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा कि इस अभ्यास ने सेना के निरंतर अनुकूलन, नवाचार और अंतर-एजेंसी सहयोग को मजबूत करने के संकल्प की भी पुष्टि की है ताकि बदलते परिचालन संबंधी चुनौतियों का अधिक सामंजस्य और प्रभावशीलता के साथ सामना किया जा सके.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
Itanagar,Papum Pare,Arunachal Pradesh
First Published :
January 26, 2026, 09:43 IST

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