LR-AShM Vs DF27/YJ-21 Missiles In Details: मिसाइल तकनीक के मामले में भारत दुनिया में एक सुपर पावर है. इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं है. लेकिन, हमारा पड़ोसी देश चीन इस वक्त सैन्य क्षमता के मामले में दुनिया के बादशाह कहे जाने वाले अमेरिका को सीधी टक्कर दे रहा है. वह एक ग्लोबल पावर है. इस सच्चाई को स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं होना चाहिए. भारत सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में अपनी लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल को प्रदर्शित कर रहा है. इस मिसाइल को LR-AShM नाम दिया गया है. तकनीक के मामले में यह मिसाइल एक गेम चेंजर है. यह एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है. यानी इसकी स्पीड मैक 10+ है. यह ध्वनि की स्पीड से 10 गुना तेज है. किलोमीटर में इसकी रफ्तार करीब 12500 किमी प्रति घंटे की है. इसकी मारक क्षमता 1500 किमी बताई जा रही हैं.
हालांकि एक्सपर्ट बता रहे हैं कि इस रेंज को बढ़ाकर 3500 किमी किया जा सकता है. अब आप सोच रहे होंगे कि इस मिसाइल का उद्देश्य क्या है? दरअसल, यह एक एंटी एयरक्राफ्ट कैरियर मिसाइल है. आप इसी से अनुमान लगा सकते हैं कि भारत की नौसेना के पास फिलहाल में केवल दो एयरक्राफ्ट कैरियर है. इसी तरह चीन के पास भी केवल तीन एयरक्राफ्टर कैरियर होने की बात कही जाती है. अब आप समझ गए होंगे कि एयरक्राफ्ट कैरियर कितने अहम होते हैं. भारत ने इनको समंदर में डुबोने के लिए ये मिसाइल बनाई है.
भारत की इस LR-AShM की तुलना चीन की DF-27 और YJ-21 मिसाइलों से की जा रही है. DF-27 और YJ-21 श्रेणी में चीन के पास कई मिसाइलें हैं जिनकी मारक क्षमता 1500 से 8000 किमी तक है. उसकी ये मिसाइलें परमाणु हथियार भी ले जा सकती हैं.
LR-AShM की चीन की DF-27 और YJ-21 से तुलना
| मिसाइल | प्रकार | रेंज | गति | लॉन्च प्लेटफॉर्म | स्थिति |
| LR-AShM | हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) | 1,500+ किमी | मैक 10–12 | लैंड (TEL), भविष्य में समंदर | सीरियल प्रोडक्शन शुरू |
| DF-27 | मल्टी-रोल HGV / ASBM | 5,000–8,000 किमी | मैक 10+ | लैंड-बेस्ड (मोबाइल TEL) | ऑपरेशनल (2025 के अंत से) |
| YJ-21 | एयर/सी-लॉन्च्ड ASBM | 1,500–2,000 किमी | मैक 8–10 | शिप (VLS) / एयर (H-6K बॉम्बर) | पूरी तरह ऑपरेशनल |
विस्तृत विश्लेषण
LR-AShM (लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप मिसाइल)
यह DRDO द्वारा विकसित भारत का पहला लॉन्ग-रेंज हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है. दो-स्टेज सॉलिड प्रोपल्शन रॉकेट से लॉन्च होता है. यह हाइपरसोनिक गति प्रदान करता है, फिर अनपावर्ड, अत्यधिक मैन्यूवरेबल ग्लाइड व्हीकल (डेल्टा-विंग HGV) तैनात होता है.
उद्देश्य: मुख्य रूप से भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) में एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे हाई-वैल्यू नौसैनिक लक्ष्यों को नष्ट करना. कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर रडार से बचाव और 2,000°C तक तापमान सहन करने की क्षमता.
स्थिति: नवंबर 2024 में सफल फ्लाइट टेस्ट; 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन. अब सीरियल प्रोडक्शन शुरू. भविष्य में रेंज 3,500 किमी तक बढ़ाने की योजना.
चीन की हापरसोनिक मिसाइल डीएफ-20.
DF-27 (डोंग फेंग-27)
यह चीन की इंटरमीडिएट-रेंज से इंटरकॉन्टिनेंटल-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (ASBM/IRBM) है, जिसमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) लगा है.
उद्देश्य: ‘कैरियर किलर’ के रूप में जाना जाता है. चीन की A2/AD रणनीति को दूसरे द्वीप श्रृंखला से आगे बढ़ाता है, हवाई द्वीपों या यहां तक कि अमेरिका के कुछ हिस्सों तक पहुंच.
स्थिति: पेंटागन रिपोर्ट के अनुसार 2025 के अंत से ऑपरेशनल. ग्लोबल दूरी पर मूविंग मैरिटाइम टारगेट्स पर स्ट्राइक की क्षमता बढ़ाता है.
YJ-21 (ईगल स्ट्राइक-21)
यह DF-21D का शिप-लॉन्च्ड या एयर-लॉन्च्ड संस्करण माना जाता है. टाइप 055 डिस्ट्रॉयर से ‘कोल्ड-लॉन्च’ सिस्टम या H-6K बॉम्बर से लॉन्च.
उद्देश्य: दुनिया के महासागरों में लगातार हाइपरसोनिक खतरा प्रदान करना, क्योंकि यह नौसैनिक प्लेटफॉर्म्स में एकीकृत है.
स्थिति: दुनिया का पहला ऑपरेशनल शिप-बोर्न हाइपरसोनिक मिसाइल माना जाता है. पूरी तरह तैनात.
चीन की वाईजे श्रेणी की मिसाइलें.
रणनीतिक महत्व और तुलना
LR-AShM भारत के लिए ‘हाइपरसोनिक क्लब’ में प्रवेश का प्रतीक है, जो IOR में समुद्री संतुलन बदल देता है. यह ब्रह्मोस जैसे पारंपरिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और हाई-एंड स्ट्रैटेजिक बैलिस्टिक मिसाइल के बीच की खाई को भरता है.
खासियत: मैक 10 की गति और लो-एल्टीट्यूड, नॉन-लिनियर ग्लाइड मैन्यूवर से एजिस जैसे शिप-बेस्ड डिफेंस सिस्टम को बायपास करता है.
सटीकता: एक्टिव रडार सीकर और स्वदेशी एवियोनिक्स से मूविंग वारशिप पर भी 100 फीसदी सटीकता से वार.
ड्यूल-रोल: कन्वेंशनल और न्यूक्लियर वारहेड ले जा सकता है, जो चीन की ‘कैरियर किलर’ का जवाब है.
DF-27 से तुलना
LR-AShM की रेंज DF-27 (8,000 किमी) से कम है, लेकिन यह अधिक शार्प है. हिंद महासागर की चुनौतियों के लिए बेहद सटीक है. DF-27 ग्लोबल स्ट्रैटेजिक हथियार है. LR-AShM की सटीकता 100 फीसदी है और इसे रडार से कैद करना लगभग नामुकिन है. यहां गुणवत्ता के मामले में LR-AShM चीनी मिसाइल पर भारी है.
YJ-21 से तुलना
तकनीकी रूप से समान, लेकिन LR-AShM शुरुआत में कोस्टल बैटरी (मोबाइल लैंड लॉन्चर) पर फोकस करता है, जो अनसिंकेबल हाई-सर्वाइवेबिलिटी प्लेटफॉर्म देता है, जबकि YJ-21 शिप-बोर्न है और फ्लीट पर निर्भर. यानी यहां भी LR-AShM चीनी मिसाइल पर बीस है.

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