Iran Protest: रविवार को राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान में बताया गया कि यह लिस्ट राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के कानूनी चिकित्सा संगठन से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है. इसमें आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवानों के नाम भी शामिल हैं.
राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक अब तक कुल 3117 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 131 लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी पहचान होने के बाद एक अतिरिक्त सूची जारी की जाएगी. बयान में कहा गया है कि सरकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध है. इसमें यह भी कहा गया कि मरने वाले सभी लोग ईरान के अपने बच्चे थे और किसी भी पीड़ित परिवार की बात अनसुनी नहीं की जाएगी.
बता दें कि दिसंबर के आखिर से जनवरी तक ईरान में कई हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन हुए. ये प्रदर्शन देश की मुद्रा रियाल के तेजी से कमजोर होने के विरोध में शुरू हुए थे. शुरुआत में ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे लेकिन बाद में झड़पों में बदल गए. इस दौरान जानमाल का नुकसान हुआ और मस्जिदों, सरकारी इमारतों और बैंकों को भी नुकसान पहुंचा. ईरान ने इन घटनाओं के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है.
इस बीच ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातामी ने पिछले सप्ताह चेतावनी दी कि अगर अमेरिका कोई भी गलती करता है, तो इससे उसकी अपनी सुरक्षा, इजरायल की सुरक्षा और पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी. तेहरान में एक समारोह के दौरान बोलते हुए हातामी ने कहा,'आज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बल पूरी तरह से रक्षा और सैन्य तत्परता में हैं और क्षेत्र में दुश्मन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं. हमारी उंगली ट्रिगर पर है. अगर दुश्मन कोई गलती करता है तो यह निसंदेह अपनी हिफाजत और इजरायल व इलाके की सुरक्षा को खतरे में डाल देगा.'
उन्होंने पड़ोसी देशों की उन घोषणाओं का भी स्वागत किया कि वे अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने देंगे, क्योंकि ये देश जानते हैं कि ईरान के खिलाफ कोई भी असुरक्षा पूरे क्षेत्र को असुरक्षित बना देगी. उन्होंने कहा कि अगर दूसरी पार्टी वास्तव में समस्या का समाधान चाहती है, तो उसे ईरानी जनता के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में एक बड़ा सैन्य बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और ईरान के पास अमेरिका से समझौता करने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है. वहीं, ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान अमेरिका के साथ परमाणु समझौता नहीं करता है, तो यह देखा जाएगा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की चेतावनी सही साबित होती है या नहीं. खामेनेई ने कहा था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़क सकता है.
(इनपुट- आईएएनएस)

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