Last Updated:March 01, 2026, 14:32 IST
मध्यप्रदेश इंप्लॉई सलेक्शन बोर्ड की आबकारी आरक्षक भर्ती 2024 परीक्षा में डिजिटल हेरफेर का मामला सामने आया है. रतलाम के एक परीक्षा केंद्र से जुड़े 12 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई है और जीरो FIR दर्ज की गई है. CCTV, लॉग टाइम और एआई विश्लेषण में असामान्य पैटर्न सामने आया, जिससे हाईटेक नकल की आशंका जताई गई है. मामला फिलहाल जांच के अधीन है.

भोपाल /रतलाम. मध्यप्रदेश इंप्लॉई सलेक्शन बोर्ड की आबकारी आरक्षक भर्ती 2024 परीक्षा एक बार फिर विवादों में है. रतलाम के एक परीक्षा केंद्र से जुड़े 12 अभ्यर्थियों पर डिजिटल माध्यम से अनुचित लाभ लेने के आरोप लगे हैं. जांच के बाद बोर्ड ने सभी की उम्मीदवारी निरस्त कर दी है और मामले में जीरो FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है. यह प्रकरण भर्ती परीक्षाओं में बदलते नकल के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है. प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे पारंपरिक नकल से अलग एक सुनियोजित तकनीकी हेरफेर की ओर संकेत करते हैं. डेटा विश्लेषण, CCTV फुटेज और सिस्टम लॉग की पड़ताल के बाद परीक्षा पैटर्न में असामान्य व्यवहार चिन्हित किया गया. अधिकारियों का कहना है कि मामला जांच के अधीन है और आगे और खुलासे संभव हैं.
जांच एजेंसियों के अनुसार जिन 12 अभ्यर्थियों पर कार्रवाई हुई, उनके बैठने से ठीक पहले सिस्टम के मॉनिटर बदले गए थे. परीक्षा शुरू होने के शुरुआती 10 से 15 मिनट तक संबंधित अभ्यर्थियों ने अधिकतर प्रश्नों को केवल स्क्रॉल किया. अंतिम चरण में अचानक जवाब भरने की रफ्तार तेज हो गई. इस असामान्य पैटर्न ने संदेह को गहरा किया. आईटी टीम ने प्रदर्शन का विश्लेषण किया तो कम समय में असामान्य रूप से अधिक सही उत्तर दर्ज होने का पैटर्न सामने आया. इसे डेटा विश्लेषण में हाई स्ट्राइक रेट की श्रेणी में रखा गया. जांच एजेंसी का मानना है कि सामान्य परीक्षा व्यवहार में ऐसा पैटर्न दुर्लभ होता है. इस आधार पर तकनीकी हेरफेर की आशंका जताई गई.
CCTV और एआई से खुली परतें
ईएसबी की आईटी टीम ने CCTV फुटेज, लॉग टाइम, प्रश्न स्क्रॉलिंग डेटा और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की. कई मामलों में सिस्टम चेकिंग और मॉनिटर बदलने जैसी घटनाएं समान पाई गईं. एआई टूल्स के जरिए 12 अभ्यर्थियों के व्यवहार में एक जैसा पैटर्न मिला. जांचकर्ताओं का कहना है कि कंप्यूटर सिस्टम के संभावित कम्प्रोमाइजेशन की सुनियोजित रणनीति से इंकार नहीं किया जा सकता.
विपक्ष के आरोप और सरकार का जवाब
मामला सामने आते ही कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं. वहीं भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि कार्रवाई होना ही पारदर्शिता का प्रमाण है और सरकार नकल या फ्रॉड के मामलों में सख्त है.
अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थी, एक ही केंद्र
सूत्रों के मुताबिक भिंड, मुरैना, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी एक ही परीक्षा केंद्र से जुड़े पाए गए. परिणाम में शीर्ष सूची में आने के बाद बोर्ड को संदेह हुआ. रातों-रात डेटा जांच कर 12 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी निरस्त की गई. मामला भोपाल के एमपी नगर थाने में दर्ज कर जीरो पर कायम किया गया और रतलाम ट्रांसफर किया गया.
दर्ज आरोपियों के नाम
प्रकरण में आशुतोष, विवेक, कुलदीप, सुभाष सिंह, दयाशंकर कुशवाहा, रवि कुमार, अनिल कुमार, शैलेन्द्र बोहरे, अंकित सिंह, संजीत, पुष्पेंद्र और आशु गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. आबकारी आरक्षक भर्ती 2024 से जुड़ा यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है. भर्ती परीक्षाओं में डिजिटल सुरक्षा और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है.
About the Author
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प...और पढ़ें
Location :
Bhopal,Madhya Pradesh
First Published :
March 01, 2026, 14:32 IST

2 hours ago
