Last Updated:March 09, 2026, 16:04 IST
अररिया के किसान मौहम्मद इनुस क एकड़ जमीन पर लाल साग की खेती करते हैं. लाल साग की खेती से किसान बढ़िया कमाई कर सकते है. लाल साग का दाना एक दिन में छीट सकते है. लाल साग का मार्केट में ज्यादा डिमांड रहती है
बिहार के अररिया में जैसे-जैसे समय बदल रहा है, वैसे-वैसे किसान भी खेती के नए-नए तरीकों को अपना रहे हैं. वे अब पारंपरिक खेती से हटकर अन्य प्रकार की खेती पर भी ध्यान दे रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके. पारंपरिक फसलों पर अधिक निर्भरता के कारण किसानों को कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. यही कारण है कि अब किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जियों की खेती पर जोर दे रहे हैं, जिनमें लौकी, कद्दू, खीरा, झींगा, साग, लाल साग, टमाटर, फूलगोभी आदि शामिल हैं. लाल साग की खेती किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि इसकी बाजार में डिमांड काफी अधिक रहती है. इससे किसान लाखों रुपए का मुनाफा कमा सकते हैं
अररिया जिले के रामपुर गांव के रहने वाले किसान मौहम्मद इनुस जो कि अपने एक एकड़ जमीन पर लाल साग की खेती करते हैं उन्होंने बताया कि इस फ़सल से आराम से एक दिन खेत में साग के दाना छीट देते हैं इसके अलावा इस फ़सल में ज्यादा कुछ करने का जरूरत नहीं पड़ता है उन्होंने बताया कि लाल साग की खेती से यहां के किसान बढ़िया कमाई अर्जित करते हैं उन्होंने बताया कि यहां के लगभग किसान यहां लाल साग की खेती करते हैं.
30 दिनों में तैयार हो जाता है किसान
अररिया जिले के किसान मौहम्मद इनुस जो की अपने एक एकड़ जमीन पर लगभग लाल साग की खेती करते हैं उन्होंने बताया कि लाल साग की खेती महज 30 दिनों में तैयार हो जाता है उन्होंने बताया कि 1-30 दिनों के बाद ये फ़सल तैयार हो जाता है इसके बाद इस फ़सल को काटकर बेचते हैं उन्होंने बताया कि अभी ये लाल साग प्रति किलो 20- 30 रूपया प्रति किलो के हिसाब से मिलता है उन्होंने बताया कि इस लाल साग की खेती से 30 दिनों में बढ़िया कमाई अर्जित करते हैं.।
First Published :
March 09, 2026, 16:04 IST

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