'आसमान से मिसाइल गिर रहा', ईरान-अमेरिका जंग में फंसे 90 लाख भारतीय, खाड़ी देशों से बताई आंखों देखी

2 hours ago

होमताजा खबरदेश

ईरान-अमेरिका जंग में फंसे 90 लाख भारतीय, खाड़ी देशों से बताई आंखों देखी

Last Updated:March 02, 2026, 08:58 IST

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से खाड़ी देशों में लाखों भारतीय भी फंस गए हैं. दुबई, अबू धाबी, बहरीन, कतर और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय परिवारों के घरों में अब रातें बेचैनी और दिन चिंता में बीत रहे हैं. मोबाइल फोन पर लगातार अलर्ट, वॉट्सएप ग्रुप्स में अफवाहें और 'घर से' आने वाली चिंतित कॉल्स ने रोजमर्रा की जिंदगी को ठप कर दिया है.

ईरान-अमेरिका जंग में फंसे 90 लाख भारतीय, खाड़ी देशों से बताई आंखों देखीZoom

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से खाड़ी देशों में लाखों भारतीय फंस गए हैं.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने खाड़ी देशों को हिला दिया है. यहां बसे दस लाखों भारतीयों के लिए यह जंग अपनी जान-माल की चिंता का सबब बन गया है. दुबई, अबू धाबी, बहरीन, कतर और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय परिवारों के घरों में अब रातें बेचैनी और दिन चिंता में बीत रहे हैं. मोबाइल फोन पर लगातार अलर्ट, वॉट्सएप ग्रुप्स में अफवाहें और ‘घर से’ आने वाली चिंतित कॉल्स ने रोजमर्रा की जिंदगी को ठप कर दिया है.

खाड़ी के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) की रविवार को बैठक हुई. इस बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई. कमेटी ने खाड़ी में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई. यात्रियों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहे असर की समीक्षा की गई.

खाड़ी देशों में कितने भारतीय?

खाड़ी देशों में भारतीय लोग सबसे बड़ी विदेशी समुदाय हैं. यहां करीब 90 लाख भारतीय रहते हैं. इसमें सबसे अधिक 35.68 लाख भारतीय यूएई, 24.63 लाख सऊदी अरब, बहरीन में 3.27 लाख, कुवैत में 9.95 लाख, कतर में 8.37 लाख भारतीय, जबकि इजरायल में करीब एक लाख भारतीय और ईरान में 10 हजार भारतीय नागरिक या भारतीय मूल के लोग रहते हैं. इनमें भी सबसे ज्यादा केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब से लोग हैं. खाड़ी देश भारत के लिए सबसे बड़े रेमिटेंस स्रोत हैं. 2023-24 में भारत को 118.7 अरब डॉलर रेमिटेंस मिले, जिसमें यूएई का हिस्सा 19.2% (दूसरा स्थान) और सऊदी अरब का 6.7% (चौथा स्थान) था.

अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर ईरान के ताबड़तोड़ हमले से इन देशों में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ गई है. कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले की लैला गांव में रहने वाली 56 वर्षीय आशिया बीवी हर पल अपने दो बेटों के लिए दुआ मांग रही हैं. एक बेटा अबू धाबी में और दूसरा बहरीन में नौकरी करता है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आशिया बताती हैं, ‘जब हमले की खबर आई, तो मैं तुरंत मस्जिद में चली गई और दोनों बच्चों के लिए दुआ मांगी. जब दोनों ने फोन करके बताया कि वे सुरक्षित हैं, तब जाकर सीने से बोझ हटा.’

‘घर के अंदर छिप गए’

दुबई में अपना कारोबार चला रहे जालंधर निवासी एसपी सिंह ओबेरॉय ने अखबार से कहा, ‘दुबई के आसमान में ड्रोन और मिसाइलें खुलेआम गुजर रही हैं. इंटरसेप्ट होने के बाद मलबा गिर रहा है, जिससे यहां भी कुछ नुकसान हुआ है.’ वहीं बहरीन की राजधानी मनामा में तिरुवनंतपुरम के एक व्यापारी ने बताया, ‘जफैर इलाका पूरी तरह बंद है. मिसाइल हमलों के बाद सरकार ने सभी को शेल्टर में जाने को कहा है. दवाइयों की मांग बढ़ गई है. लोग अलर्ट आने पर शेल्टर की ओर भाग रहे हैं.’ अबू धाबी में रहने वाले मोहम्मद आदम और अकबर अली कहते हैं, ‘सायरन बजते ही हम घर के अंदर छिप गए. रिहायशी इलाकों पर हमला नहीं हुआ, लेकिन विस्फोटों की आवाज से पूरी रात डरते रहे.’

CCS ने क्या दिए निर्देश?

उधर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने खाड़ी के ताजा हालात के मद्देनजर सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिए कि प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं. इस बैठक में जंग जल्द समाप्त करने और बातचीत से जरिये मुद्दों के हल पर जोर दिया है. भारतीय दूतावासों ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से घरों में रहने, अफवाहों पर विश्वास न करने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने को कहा है. विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए हैं और फंसे यात्रियों की जानकारी जुटा रहा है. स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है.

About the Author

Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

March 02, 2026, 08:58 IST

Read Full Article at Source