Golden Dome Missile: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ग्रीनलैंड पर प्रस्तावित 'गोल्डन डोम' मिसाइल रक्षा परियोजना को अस्वीकार करने के लिए कनाडा की कड़ी आलोचना की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कनाडा चीन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाता रहा तो बीजिंग अगले वर्ष तक कनाडा को निगल सकता है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि कनाडा ग्रीनलैंड पर गोल्डन डोम के निर्माण के खिलाफ है, जबकि यह प्रणाली कनाडा की रक्षा भी करेगी. इसके बजाय उन्होंने चीन के साथ व्यापार करना चुना, जो पहले ही साल में उन्हें हड़प लेगा.
चीन से बढ़ रही कनाडा की नजदीकियां
ट्रंप की यह टिप्पणी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के हालिया बयान के बाद आई, जिनमें उन्होंने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) में चीन के साथ व्यापार बढ़ाने और वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था के कमजोर होने पर प्रकाश डाला. ट्रंप ने कहा कि कनाडा को अमेरिका से मिलने वाली सुरक्षा और मुफ्त सुविधाओं के लिए अधिक आभारी होना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडा का अस्तित्व अमेरिका की वजह से है. अगली बार जब आप बयान दें, इसे याद रखें.
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ट्रंप ने कनाडा पर साधा निशाना
ट्रंप ने यह भी कहा कि गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली केवल अमेरिका के लिए नहीं बल्कि कनाडा के लिए भी सुरक्षा कवच प्रदान करेगी. उनकी चिंता यह है कि कनाडा की चीन के साथ बढ़ती आर्थिक भागीदारी उत्तरी अमेरिका की सामरिक सुरक्षा में अंतर डाल सकती है. इस बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 17 जनवरी को चीन के साथ नए व्यापार समझौते की घोषणा की. इस समझौते के तहत कनाडाई व्यवसायों और श्रमिकों के लिए 7 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात अवसर खुलेंगे. कार्नी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता एक मजबूत, स्वतंत्र और लचीली अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है. चीन हमारे लिए अपार अवसर प्रस्तुत करता है.
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जानकारी के अनुसार, कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत टैरिफ घटाकर सीमित संख्या में निर्यात की अनुमति दी. शुरुआत में 49000 वाहन प्रति वर्ष, जो पांच वर्षों में 70000 तक बढ़ेंगे. चीन ने भी कनाडाई कैनोला बीज पर टैरिफ 84% से घटाकर लगभग 15% किया. यह समझौता अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ के दबाव को संतुलित करने का प्रयास भी है. कार्नी ने कहा कि चीन अब अमेरिका की तुलना में अधिक भरोसेमंद और पूर्वानुमानित साझेदार बन गया है. बता दें, अमेरिका और चीन ने एक-दूसरे को 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी थी, लेकिन ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक के बाद कुछ चीनी उत्पादों पर टैरिफ से छूट दी गई.

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