Last Updated:January 24, 2026, 07:55 IST
Telangana Stray Dogs Mass Killing Update: तेलंगाना में एक महीने के भीतर करीब 900 आवारा कुत्तों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. जगतियाल जिले में 300 कुत्तों के शव मिलने के बाद पशु क्रूरता का मामला और गंभीर हो गया. आरोप है कि यह हत्या गांव के सरपंच के आदेश पर की गई. वहीं राजस्थान से कुत्ते के सम्मान की तस्वीर सामने आई है.
तेलंगाना में एक महीने में 900 आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या का मामला सामने आया है. (सांकेतिक तस्वीर)Telangana Stray Dogs Killing News: तेलंगाना में आवारा कुत्तों के साथ जो हो रहा है, वह सिर्फ एक राज्य की खबर नहीं, बल्कि इंसानियत पर लगा गहरा धब्बा है. कभी 500, फिर 100 और अब 300 कुत्तों की सामूहिक हत्या. कुल मिलाकर एक महीने में करीब 900 कुत्तों की जान चली गई. कहीं जहर देकर, कहीं इंजेक्शन से तो कहीं गड्ढों में फेंककर. ये मौतें सिर्फ संख्या नहीं हैं ये उस वफादारी की हत्या हैं, जिसे कुत्तों ने सदियों से इंसानों को दी है.
जिस देश में कुत्ते को परिवार का हिस्सा माना जाता है, उसी देश में उन्हें चुनावी वादों और प्रशासनिक फैसलों की बलि चढ़ा दिया गया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार हैदराबाद से 200 किलोमीटर दूर जगतियाल जिले में 300 कुत्तों की लाशें मिलना, सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है. क्या यह विकास है? क्या यही समाधान है? या फिर यह सत्ता के नशे में की गई क्रूरता की पराकाष्ठा?
क्या है पूरा मामला?
तेलंगाना के जगतियाल जिले के पेगडपल्ली गांव में एक गड्ढे से करीब 300 कुत्तों के शव बरामद हुए. इससे पहले राज्य के कामारेड्डी, हनुमाकोंडा और रंगा रेड्डी जिलों में भी सैकड़ों आवारा कुत्तों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं. पुलिस के मुताबिक इन सभी घटनाओं को जोड़ें तो सिर्फ एक महीने में मृत कुत्तों की संख्या करीब 900 तक पहुंच चुकी है.
कैसे दिया गया कत्लेआम को अंजाम?
एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट प्रीति मुदावथ के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि दो महिलाओं ने कुत्तों को घातक इंजेक्शन दिए. इसके बाद शवों को गड्ढे में फेंक दिया गया. आरोप है कि यह सब गांव के सरपंच के आदेश पर हुआ. चुनाव जीतने के बाद आवारा कुत्तों को हटाने का वादा निभाने के नाम पर यह अमानवीय कदम उठाया गया.
तेलंगाना के जगतियाल जिले के पेगडपल्ली गांव में एक गड्ढे से करीब 300 कुत्तों के शव बरामद हुए.
क्यों उठे सरपंच पर सवाल?
पुलिस ने प्रीति मुदावथ की शिकायत पर गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 3(5) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(a) के तहत दर्ज हुआ है. सवाल यह है कि क्या किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को कानून हाथ में लेने का अधिकार है?
राजस्थान से आई इंसानियत की मिसाल
इसी बीच राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के राजियावास गांव से एक बिल्कुल अलग तस्वीर सामने आई. यहां ‘डॉग-सा’ नाम के कुत्ते का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. वही कुत्ता जो हर इंसान की शवयात्रा में साथ चलता था. करीब 100 ग्रामीणों ने उसकी अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया. हिंदू-मुस्लिम सभी समुदायों ने मिलकर उसे विदाई दी. यह कहानी बताती है कि समस्या कुत्ते नहीं हमारी सोच है.
तेलंगाना में कुत्तों का सामूहिक कत्लेआम और राजस्थान में कुत्ते का सम्मान. दो तस्वीरें. दो सोच. सवाल साफ है क्या वफादारी का यही सम्मान होगा? या अब भी इंसानियत के लिए कुछ जगह बची है?
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
January 24, 2026, 07:55 IST

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