Last Updated:January 12, 2026, 12:36 IST
भारतीय रेलवे ने 12 जनवरी से ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किया है. अब केवल आधार-वेरिफाइड IRCTC यूजर ही एडवांस रिजर्वेशन पीरियड खुलने के दिन टिकट बुक कर सकेंगे. खास बात यह है कि अब सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक की बंदिश खत्म कर दी गई है और आप आधी रात तक टिकट बुक कर पाएंगे. रेल मंत्रालय के इस फैसले के बाद आम यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की उम्मीद कितना बढ़ गई है? जानें रेलवे ने दलालों पर नकेल कसने के लिए कितने बदलाव किए हैं?
आज से ट्रेन टिकट खरीदने के नियम गए बदल.नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने नए साल में आम यात्रियों को बड़ा तोहफा देते हुए आज से ट्रेन टिकट बुकिंग की पूरी व्यवस्था को ही बदल दिया है. आज यानी 12 जनवरी 2026 से रेलवे की ई-टिकटिंग यानी ऑनलाइन टिकट बुकिंग के नियमों में आईआरसीटीसी (IRCTC) ने 10 बड़े बदलाव किए हैं. इन बदलावों के बाद उम्मीद की जा रही है कि अब दलालों और अनाधिकृत एजेंटों का बना बनयाा पुराना सिस्टम ठप हो जाएगा. अब उन दलालों पर नकेल कसेगा, जो सॉफ्टवेयर के जरिए मिनटों में कन्फर्म टिकट उड़ा ले जाते थे. आइए जानते हैं कि नए इंडियन रेलवे ने कन्फर्म टिकट का कोटा पहले से कितना बढ़ा दिया है? क्यों अब आप अपनी यात्रा के लिए चार महीने पहले टिकट बुक करना चाहते हैं तो आपके पास आधार-प्रमाणित (Aadhaar-Verified) अकाउंट होना जरूरी हो गया है?
पहले नियम यह था कि एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) खुलने के दिन आधार-वेरिफाइड यूजर केवल सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही टिकट बुक कर सकते थे. इस चार घंटे की छोटी सी विंडो का फायदा उठाकर दलाल अपनी सेटिंग के जरिए आम लोगों की सीटें बुक कर लेते थे. लेकिन आज से यह सीमा खत्म कर दी गई है. अब आधार-वेरिफाइड पैसेंजर्स के पास एआरपी खुलने के दिन सुबह 8 बजे से लेकर उसी दिन आधी रात तक का समय होगा. इसका सीधा मतलब यह है कि आपको टिकट बुक करने के लिए सुबह-सुबह सर्वर हैंग होने या इंटरनेट की धीमी गति से जूझने की जरूरत नहीं है.
दलालों पर कड़ा प्रहार
आधार बना ढाल रेलवे ने साफ कर दिया है कि 12 जनवरी 2026 से एआरपी खुलने के पहले दिन केवल उन्हीं लोगों को ऑनलाइन रिजर्वेशन की अनुमति दी जाएगी जिनके अकाउंट आधार से लिंक हैं. जो यूजर आधार सत्यापित नहीं हैं, वे एआरपी के पहले दिन पोर्टल पर बुकिंग नहीं कर पाएंगे. रेलवे का यह कदम ई-टिकटिंग प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है. दलाल अक्सर फर्जी आईडी और बोगस ईमेल एड्रेस के जरिए हजारों अकाउंट बना लेते थे. आधार अनिवार्य होने से अब हर टिकट एक वास्तविक व्यक्ति की पहचान से जुड़ जाएगा. इससे ‘बोट्स’ और ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर के जरिए होने वाली बुकिंग पर लगाम लगेगी.
5.73 करोड़ संदिग्ध अकाउंट्स पर गिरी गाज
रेल मंत्रालय ने अपनी तकनीक को इतना उन्नत कर लिया है कि वह संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पहचान रहा है. हाल ही में की गई एक बड़ी कार्रवाई में रेलवे ने 5.73 करोड़ संदिग्ध और निष्क्रिय IRCTC यूजर अकाउंट्स को या तो हमेशा के लिए बंद कर दिया है या अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. ये वे अकाउंट थे जिनसे असामान्य तरीके से भारी मात्रा में बुकिंग की जा रही थी या जो लंबे समय से किसी संदिग्ध गतिविधि का हिस्सा थे. यह सफाई अभियान इसलिए चलाया गया है ताकि डेटाबेस पूरी तरह साफ रहे और केवल वास्तविक यात्रियों को ही लॉगिन करने में प्राथमिकता मिले.
पहले और अब में क्या बदला?
पुराने सिस्टम में आधार वेरिफिकेशन का दायरा बहुत सीमित था. शुरुआत में इसे केवल बुकिंग के पहले 15 मिनट के लिए लागू किया गया था, फिर इसे बढ़ाकर सुबह 10 बजे तक किया गया. लेकिन नए नियमों के तहत अब पूरा पहला दिन केवल आधार-वेरिफाइड यूजर्स के लिए सुरक्षित कर दिया गया है. पहले आम यात्री को डर रहता था कि अगर 8:05 तक टिकट बुक नहीं हुई तो दलाल सारी सीटें ले जाएंगे. अब दलालों के लिए फर्जी आधार बनाना नामुमकिन होगा, जिससे आम यात्रियों के लिए कन्फर्म बर्थ मिलने की संभावना 40% तक बढ़ गई है.
काउंटर बुकिंग पर क्या होगा असर?
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर आधारित पीआरएस (PRS) काउंटरों पर जाकर टिकट लेने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहां पहले की तरह ही फॉर्म भरकर टिकट लिया जा सकेगा. यह नए नियम मुख्य रूप से ऑनलाइन बुकिंग और मोबाइल ऐप यूजर्स के लिए हैं, जहां सबसे ज्यादा धोखाधड़ी की गुंजाइश रहती थी. हालांकि, काउंटर पर भी अब रैंडम तरीके से आईडी प्रूफ की मांग बढ़ाई जा सकती है.
आम यात्रियों को कैसे होगा फायदा?
पारदर्शिता: आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आपसे पहले किसी मशीन ने नहीं बल्कि किसी इंसान ने टिकट बुक की है.
समय की बचत: सुबह 8 बजे की अफरा-तफरी से मुक्ति मिलेगी, आप दिन में कभी भी टिकट बुक कर सकते हैं.
सुरक्षा: आपका डेटा आधार से जुड़ा होने के कारण टिकट ट्रांसफर या कालाबाजारी का डर खत्म हो जाएगा.
कन्फर्मेशन: दलालों के बाहर होने से वेटिंग लिस्ट छोटी होगी और टिकट कन्फर्म होने के चांस बढ़ेंगे.
रेल मंत्रालय के अनुसार, ई-टिकटिंग प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी सहारा लिया जा रहा है ताकि संदिग्ध पैटर्न को तुरंत पकड़ा जा सके. यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत अपने IRCTC प्रोफाइल में जाकर आधार केवाईसी (KYC) अपडेट कर लें, ताकि अगली बार यात्रा प्लान करते समय उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.
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रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा...और पढ़ें
First Published :
January 12, 2026, 12:36 IST

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