PSLV-C62 Mission: भारत का ईओएस-एन1 मिशन हुआ फेल, इसरो प्रमुख ने कही ये बात

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Last Updated:January 12, 2026, 12:24 IST

PSLV-C62 Mission: PSLV C62 मिशन में तीसरे चरण में गड़बड़ी के कारण भारत का जासूसी उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित नहीं हो सका है. इसरो प्रमुख वी नारायणन ने सभी केंद्रों से डेटा इकट्ठा कर विश्लेषण करने की बात कही है. रिपोर्ट के मुताबिक मिशन के तीसरे चरण में गड़बड़ी आई.

 भारत का EOS-N1 मिशन फेल, इसरो प्रमुख ने कही ये बातअंतरिक्ष में जासूसी उपग्रह भेजने का इसरो का मिशन सफल नहीं हो पाया है.

PSLV-C62 Mission: अंतरिक्ष में जासूसी उपग्रह भेजने का भारत का प्रयास विफल हो गया है. इसको लेकर इसरो के प्रमुख वी नारायणन ने एक अहम घोषणा की है. सोमवार सुबह में ही PSLV C62 यानी ईओएस-एन1 मिशन का प्रक्षेपण हुआ था. लेकिन, प्रक्षेपण के बाद PSLV C62 रॉकेट अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया. इस कारण यह मिशन पूर्व निर्धारित मार्ग से आगे नहीं बड़ा. इसरो सभी ग्राउंड स्टेशनों से डेटा इकट्ठा कर पूरी प्रक्रिया का विश्लेषण करने जा रहा है. अगर यह मिशन पूरा हो जाता तो अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में भारत की एक बड़ी उपलब्धि होती है.

44.4 मीटर लंबा, चार चरणों वाला पीएसएलवी-सी62 रॉकेट सोमवार सुबह 10 बजकर 18 मिनट के पूर्व निर्धारित समय पर यहां प्रक्षेपण केंद्र से रवाना हुआ. प्रक्षेपण के मात्र 17 मिनट की यात्रा के बाद उपग्रहों को लगभग 511 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूर्य की तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित किए जाने की उम्मीद थी. इसरो के अनुसार, पहले दो चरणों ने अपेक्षित मापदंडों के भीतर प्रदर्शन किया और तीसरे चरण (पीएस3) के अंत में यान को ‘अड़चन’ का अनुभव हुआ.

मिशन के तीसरे चरण में आई बाधा

यहां मिशन नियंत्रण केंद्र में टीम को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख नारायणन ने कहा कि पीएसएलवी एक चार चरणों वाला वाहन है जिसमें दो ठोस चरण और दो तरल चरण हैं. तीसरे चरण के अंत तक वाहन का प्रदर्शन अपेक्षित था. तीसरे चरण के अंत के करीब हम वाहन में अधिक गड़बड़ी देख रहे हैं और बाद में उड़ान पथ में विचलन देखा गया. हम डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द से जल्द आपको आगे की जानकारी देंगे.

बाद में एक्स पर एक पोस्ट में इसरो ने कहा कि पीएसएलवी-सी62 मिशन को पीएस3 (तीसरे चरण) के अंत के दौरान एक विसंगति का सामना करना पड़ा. एक विस्तृत विश्लेषण शुरू किया गया है. यह मिशन वर्ष का पहला प्रक्षेपण था, जो इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड को मिले अनुबंध का हिस्सा था.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

January 12, 2026, 12:00 IST

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