Who will be the next President of Venezuela: अमेरिका ने आज अचानक वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर भीषण बमबारी करके दुनिया को चौंका दिया. यह हमला इतना तेज और औचक था कि वेनेजुएला के सारे एयर डिफेंस सिस्टम एक बार में ही तबाह हो गए. यानी कि ट्रंप ने वेजेजुएला को चारों ओर से घेरने के लिए ऐसा चक्रव्यूह बनाया कि उसे जवाबी कार्रवाई करना का मौका तक नहीं मिला. अमेरिका ने सीधे वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर अटैक करने के साथ ही 4 बड़े शहरों को निशाना बनाया. हमला इतना खतरनाक था कि कुछ ही घंटे में वेनेजुएला की आर्मी को सरेंडर करना पड़ गया. यही नहीं बल्कि हमले के कुछ मिनट बाद अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया.
वेनेजुएला का नया राष्ट्रपति कौन बनेगा?
मादुरे को पकड़ा जाना और वेनेजुएला की आर्मी की ओर से सरेंडर करने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अब इस बात की हो रही है कि अब वेनेजुएला का नया राष्ट्रपति कौन होगा. इसे लेकर बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है. कहा जा रहा है कोरिना मचाडो अब वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति हो सकती है. मचाडो मादुरो की धुर विरोधी रही हैं. मादुरो ने कोरिना को चुनाव लड़ने से भी रोका था. कोरिना ट्रंप समर्थक मानी जाती है और उन्हें पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
एक इंजीनियर से राजनेता बनीं कोरिना मचाडो वेनेजुएला की दक्षिणपंथी पार्टी वेंटे वेनेजुएला की संस्थापक हैं. यानी कि ट्रंप कोरिना को वेनेजुएला का राष्ट्रपति बनाकर वहां का कंट्रोल अमेरिका के हाथ में लेना चाहते हैं. जिसमें वो कामयाब भी दिखाई दे रहे हैं. वहीं मादुरे के खिलाफ वेनेजुएला के सभी विपक्षी नेता एक साथ आ गए हैं. उधर ट्रंप ने वेनेजुएला में हुए हमले को लेकर कहा है कि मादुरो के खिलाफ यूएस का ऑपरेशन शानदार रहा.
इस आयरन लेडी का नाम चर्चा में
माचाडो 2023 में विपक्षी प्राइमरी में भारी बहुमत (92%) से विजयी हुईं, लेकिन मादुरो सरकार ने उन्हें 2024 चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया. इसके बाद विपक्ष ने एडमुंडो गोंजालेज को उम्मीदवार बनाया, जिन्हें विपक्षी दावों के अनुसार चुनाव में भारी जीत मिली थी. लेकिन मादुरो के प्रभाव वाले चुनाव आयोग ने एक बार फिर निकोलस मादुरो को ही विजेता घोषित कर दिया.
हालांकि अगर वेनेजुएला के संविधान को देखें तो उसके अनुसार वहां पर उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अंतरिम राष्ट्रपति चुनी जा सकती हैं. लेकिन अमेरिकी हस्तक्षेप और वेनेजुएला की सैन्य कमजोरी से इसकी संभावना कम नजर आ रही हैं. वैश्विक मीडिया में भी माचाडो को वेनेजुएला की अगली नेता के रूप में देखा जा रहा है. वह देश में लोकतांत्रिक पुनर्स्थापना का भी प्रतीक बन सकती हैं.
हमले से पहले यूएस ने की थी प्रैक्टिस
वेनेजुएला में हुए ऑपरेशन को लेकर बड़ा खुलासा भी हुआ है कि इस ऑपरेशन से पहले यूएस डेल्टा फोर्स ने प्रैक्टिस की थी. अमेरिका ने बड़ा बयान देते हुए ये भी कहा है कि मादुरो को अपने किए की सजा मिलेगी. यानी कि साफ है अमेरिका जिस तरह से कैरिबियन सागर में तनाव बढ़ा रहा था. उसके पीछे की एक ही वजह थी कि किसी भी तरह से मादुरो का तख्तापलट किया जाए. जिसमें अब वो कामयाब भी हो गया है.
हालांकि अब सबकी नजर इस बात पर भी है कि जिस तरह से रूस ने हमले के बाद अमेरिका को ललकारा है. रूस अब कुछ क्या एक्शन लेता है और चीन क्या कार्रवाई करता है. अमेरिका के प्रतिद्वंदी देश ईरान के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है. उसने अपने एक बयान में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से किया गया हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है. अब देखना ये होगा कि आने वाले दिनों में वेनेजुएला के अंदर क्या कुछ बदलाव होता है.

17 hours ago
