Venezuela Crisis: तो क्या ड्रैगन से नजदीकी बनी मादुरो की मुसीबत? जानिए अमेरिकी अटैक से पहले क्या हुआ था

17 hours ago

Why US Attack Venezuela: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान शनिवार को आखिरकार सैन्य कार्रवाई में बदल गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्मी को वेनेजुएला पर हमले का आदेश दिया, जिसके बाद देखते ही देखते यूएस के लड़ाकू जहाज और आर्मी ने वेनेजुएला धरती पर बम और मिसाइल बरसानी शुरू कर दी. लेकिन अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई के लिए चीन को जिम्मेदार माना जा रहा है. लेकिन क्या सच में मादुरो के लिए ड्रैगन से नजदीकी इस अटैक का कारण है? 

चीन और मादुरो की नजदीकी
दरअसल, ट्रंप काफी लंबे समय से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को युद्ध की धमकी दे रहे थे. क्योंकि अमेरिका वेनेजुएला और चीन के बीच करीबी को लेकर लगातार नाराज चल रहा था. जिसकी वजह मादुरो की चीन से नजदीकी को बताया जा रहा है. क्योंकि वेनेजुएला में तेल के भंडार है और वो चीन का सबसे बड़ा एनर्जी पार्टनर माना जाता है. अमेरिका को साइड लाइन कर सारा तेल चीन को सप्लाई करना ट्रंप को बर्दाश्त नहीं हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के हमले से पहले कुछ घंटे पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और चीनी दूत के बीच करीब 3 घंटे तक मुलाकात हुई थी, जिसकी भनक डोनाल्ड ट्रंप को लगी और उन्होंने सेना को हमले का आदेश दिया. 

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अमेरिका क्यों गुस्सा? 

चीन रोजाना 650000 बैरल तेल वेनेजुएला से खरीदता है. जिससे ट्रंप को लैटिन अमेरिका में यूएस की बादशाहत खत्म होने का डर है. अमेरिकी हमले से पहले ट्रंप को मादुरो और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दूत चिउ शियाओछ से मुलाकात की भनक लगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मादुरो ट्रंप के इरादों से अवगत थे और वो चीन की शरण में जाने की योजना बना रहे थे. जिसके लिए उन्होंने चीन के दूत से मुलाकात की. वेनेजुएला पर हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरों की गिरफ्तारी को लेकर ट्रंप ने दावा किया है. ट्रंप जल्द ही अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. 

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