Last Updated:February 14, 2026, 12:09 IST
Tipu Sultan Portrait Controversy LIVE: शान-ए-हिंद निहाल अहमद समाजवादी पार्टी की पार्षद हैं और मालेगांव नगर निगम में इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र (ISLAM) पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन से बने ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’ के समर्थन से डिप्टी मेयर चुनी गई हैं. डिप्टी मेयर ने बताया कि यह चित्र उन्हें पार्षदों द्वारा उपहार में दिया गया था और उन्हें इसे लगाने में कोई आपत्ति नहीं है.

Tipu Sultan Portrait Controversy LIVE: महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में डिप्टी मेयर के दफ्तर में 18वीं सदी के मैसूर शासक Tipu Sultan का चित्र लगाए जाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने तीखी आपत्ति जताई है, जबकि डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने अपने फैसले का बचाव किया है. विवाद ने स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है और इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. विवाद तब शुरू हुआ जब मालेगांव नगर निगम की डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का पोर्ट्रेट लगाया गया. भाजपा ने इसे वास्तविक नायकों का अपमान करार दिया. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर तो लगाई गई है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गांधी और बाबा साहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नेताओं के चित्र नहीं लगाए गए. उन्होंने इसे देश के महान नायकों का अपमान बताया. पूनावाला ने यह भी कहा कि संविधान ने ही उन्हें डिप्टी मेयर बनने का अवसर दिया है और संविधान के निर्माता डॉ. आंबेडकर के प्रति सम्मान होना चाहिए. उन्होंने विपक्षी दलों पर “वोट बैंक की राजनीति” करने का आरोप लगाया और कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है. शिवसेना के पार्षदों ने भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया. समूह नेता निलेश आहेर के नेतृत्व में पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर पोर्ट्रेट हटाने की मांग की. आहेर ने कहा कि जब तक चित्र नहीं हटाया जाता, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा. विरोध के दौरान डिप्टी मेयर और शिवसेना पार्षदों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिससे विवाद और गहरा गया.
टीपू सुल्तान तस्वीर विवाद: पल-पल का अपडेट
टीपू सुल्तान तस्वीर विवाद LIVE: टीपू सुल्तान की तस्वीर का विवाद स्थानीय स्तर से निकलकर राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नगर प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या यह सियासी टकराव और तेज होता है. अब इस विवाद में शिवसेना (उद्धव गुट) के सीनियर लीडर और सांसद संजय राउत भी कूद गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार को टीपू सुल्तान से विरोध है तो आदेश देकर तस्वीर हटवा दे.
फ्रीडम फाइटर बनाम धार्मिक असहिष्णुता
टीपू सुल्तान एक विवादित ऐतिहासिक व्यक्तित्व रहे हैं. एक वर्ग उन्हें अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा और स्वतंत्रता सेनानी के रूप में देखता है, जिन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध संघर्ष किया. वहीं, दूसरा वर्ग उन पर धार्मिक असहिष्णुता और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हिंदुओं पर अत्याचार के आरोप लगाता रहा है. इसी वजह से उनके नाम पर होने वाले कार्यक्रम और जयंती समारोह पहले भी विवादों में रहे हैं. विवाद बढ़ने पर डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक तस्वीर को लेकर अनावश्यक राजनीति की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘यह फोटो लगाई गई है. अगर उसकी मरम्मत करनी होगी तो उसे हटाया जा सकता है, ताकि वह खराब न हो, लेकिन बाद में हम अपनी सोच के अनुसार फिर से लगाएंगे. एक फोटो को मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है, समझ नहीं आता.’ उन्होंने यह भी कहा कि टीपू सुल्तान जयंती को लेकर पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुई थीं, जिनमें पुलिस अनुमति को लेकर विवाद हुआ था. उनके अनुसार, सरकार ने अदालत में दायर हलफनामों में भी टीपू सुल्तान को अंग्रेजों से लड़ने वाला बताया है. टीपू सुल्तान भारत के स्वतंत्रता सेनानी थे. न केवल भारत, बल्कि ब्रिटेन ने भी उनके संघर्ष की सराहना की है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
Nashik,Maharashtra
First Published :
February 14, 2026, 11:03 IST

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