Last Updated:February 14, 2026, 10:33 IST
MBBS without Biology in 12th: क्या बिना बायोलॉजी के डॉक्टर बनना मुमकिन है? NMC के नए नियमों के अनुसार, अब 12वीं में गणित पढ़ने वाले छात्र भी एमबीबीएस कर सकते हैं. एमबीबीएस पात्रता, एडिशनल विषय की प्रक्रिया और नीट परीक्षा में शामिल होने के जानिए नए नियमों की पूरी जानकारी.

नई दिल्ली (MBBS without Biology in 12th). लंबे समय तक माना जाता था कि 12वीं कक्षा में मुख्य विषय के रूप में बायोलॉजी या बायोटेक्नोलॉजी विषय नहीं पढ़ने वाले आगे जाकर डॉक्टर नहीं बन सकते. लेकिन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने पात्रता मानदंडों में ढील देते हुए उन लाखों छात्रों को बड़ी राहत दी है, जिन्होंने 12वीं में ‘पीसीएम’ (PCM) स्ट्रीम चुनी थी. मेडिकल की पढ़ाई के लिए स्ट्रीम की बाधाएं खत्म हो चुकी हैं और डॉक्टर बनने का रास्ता केवल बायोलॉजी के छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है.
एनएमसी के इस कदम का उद्देश्य शिक्षा में फ्लेक्सिबिलिटी लाना है, जिसका सुझाव ‘नई शिक्षा नीति’ (NEP) में भी है. जिन छात्रों ने 11वीं और 12वीं में गणित विषय पढ़ा है, वे ‘एडिशनल सब्जेक्ट’ के रूप में बायोलॉजी की परीक्षा देकर एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) जैसे मेडिकल कोर्स के लिए पात्र हो सकते हैं. इस बदलाव से न केवल करियर के अधिक ऑप्शन उपलब्ध होंगे, बल्कि इंजीनियरिंग से करियर पाथ बदलने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए वरदान भी साबित होगा.
एनएमसी (NMC) के नए नियम: क्या और कैसे?
अगर आपने 12वीं मैथ विषय से पास की है, लेकिन अब फील्ड बदलकर मेडिकल के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो समझिए, आपका सपना कैसे पूरा हो सकता है.
एडिशनल विषय के रूप में बायोलॉजी
पुराने नियमों के अनुसार, नीट (NEET) परीक्षा के लिए बायोलॉजी को 11वीं और 12वीं में दो साल तक मुख्य विषय के रूप में पढ़ना अनिवार्य था. एनएमसी के नए नियमों के तहत, अगर आपने 12वीं पास कर ली है और अब मेडिकल में जाना चाहते हैं तो आप किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से ‘एडिशनल सब्जेक्ट’ के रूप में बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा दे सकते हैं.
NEET UG Eligibility Criteria: नीट यूजी पात्रता नियम
अगर किसी स्टूडेंट ने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स यानी पीसीएम विषयों के साथ पढ़ाई की है और बाद में एडिशनल सब्जेक्ट के रूप में बायोलॉजी का पेपर पास किया है तो वह नीट परीक्षा में बैठने के लिए पूरी तरह योग्य है. सफल होने पर भारत और विदेश, कहीं के भी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं.
स्ट्रीम बदलने की आजादी
यह नियम उन स्टूडेंट्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो 10वीं कक्षा के बाद करियर चुनाव को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति में हैं. अक्सर छात्र दबाव में या जानकारी के अभाव में इंजीनियरिंग के लिए PCM चुन लेते हैं, लेकिन बाद में उनका झुकाव मेडिकल की तरफ हो जाता है.
करियर में ‘यू-टर्न’ का मौका: अब ये छात्र 12वीं की पढ़ाई गणित के साथ पूरी करने के बाद भी अपनी राह बदल सकते हैं. उन्हें बस किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से एडिशनल सब्जेक्ट के रूप में बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा पास करनी होगी. गैप ईयर की चिंता खत्म: पहले छात्रों को पूरी 11वीं-12वीं दोबारा बायोलॉजी से करनी पड़ती थी. लेकिन अब केवल 1 विषय की परीक्षा देकर नीट के लिए पात्र हो सकते हैं. इससे समय बचेगा और एक साथ इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) के दरवाजे खुले रखने की सुविधा भी मिलेगी.एमबीबीएस के लिए आयु सीमा और अंक प्रतिशत
एनएमसी ने पात्रता मानदंडों को सरल तो बनाया है, लेकिन बुनियादी योग्यताओं को लेकर नियम स्पष्ट हैं. इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहेगी:
न्यूनतम आयु सीमा: नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में बैठने के लि आयु प्रवेश वर्ष के 31 दिसंबर तक कम से कम 17 वर्ष पूरी होनी चाहिए. अधिकतम आयु सीमा (Upper Age Limit) को लेकर फिलहाल कोई पाबंदी नहीं है, जो विभिन्न बैकग्राउंड के छात्रों को डॉक्टर बनने का मौका देती है. अनिवार्य अंक: 12वीं बोर्ड परीक्षा में केवल पास होना भर काफी नहीं है. जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए PCB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) के कुल अंकों का औसत (Aggregate) कम से कम 50% होना अनिवार्य है. आरक्षित वर्ग को राहत: ओबीसी, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को पात्रता अंक में छूट दी गई है. उनके लिए पीसीबी में 40% अंक होना जरूरी है. दिव्यांग (PWD) श्रेणी के छात्रों के लिए यह सीमा 45% रखी गई है. एडिशनल सब्जेक्ट का अंक जुड़ाव: अगर किसी स्टूडेंट ने बायोलॉजी को एडिशनल विषय के रूप में लिया है तो उसके उस विषय के अंक भी पात्रता गणना (Eligibility Calculation) में मान्य होंगे.About the Author
With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
February 14, 2026, 10:33 IST

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