Last Updated:February 17, 2026, 11:55 IST
NHAI Highway Monetisation : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया है कि एनएचएआई ने महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में 310 किलोमीटर के दो हाईवे को करीब 6,221 करोड़ रुपये में बेच दिया है. इन पैसों की भरपाई अब टोल वसूली के जरिये की जाएगी. एनएचएआई इन पैसों का इस्तेमाल देश में दूसरे हाईवे और सड़क निर्माण में करता है. इनविट और टोल वसूली मॉडल के जरिये एनएचएआई ने चालू वित्तवर्ष कें अब तक 28 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की वसूली कर ली है.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने देश के दो हाईवे को मोनेटाइज करके 6,220.90 का फंड जुटाने का जुगाड़ कर लिया है. नेशनल हाईवे इंफ्रा ट्रस्ट ने प्राधिकरण को यह ऑफर दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. इस प्रस्ताव के तहत एनएचएआई को सड़क मोनेटाइजेशन से मोटा पैसा मिलेगा. इन पैसों की वसूली अब हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों से टोल के रूप में की जाएगी. प्राधिकरण ने अभी तक देश के कई हाईवे को टोल वसूली के लिए समर्पित करके करीब 50 हजार करोड़ रुपये का फंड जुटा लिया है.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि एनएचएआई ने नेशनल हाईवेज इंफ्रा ट्रस्ट के 6,220.90 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. इस प्रस्ताव में 310 किलोमीटर के दो हाईवे सेक्शन को मोनेटाइजेशन के लिए दिया गया है. संपत्ति मोनेटाइजेशन एनएचएआई के लिए मौजूदा संपत्तियों की वैल्यू बढ़ाने और निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने का एक रणनीतिक तरीका बनकर उभरा है.
टोल और इनविट हैं सफल मॉडल
टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (ToT) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvIT) जैसे मॉडलों के जरिए एनएचएआई ने सफलतापूर्वक फंड जुटाए हैं, जिन्हें नए नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स में फिर से निवेश किया जा रहा है. मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 28,077 करोड़ रुपये की नेशनल हाईवे संपत्तियों का मोनेटाइजेशन किया गया है. इसका मतलब है कि एनएचएआई ने पिछले साल अप्रैल से अब तक 28 हजार करोड़ से भी ज्यादा की राशि मोनेटाइजेशन से जुटाई है.
किन राज्यों में हैं दोनों हाईवे
नए प्रस्ताव के तहत मोनेटाइजेशन के लिए दी जाने वाली संपत्तियां आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थित हैं. केंद्रीय मंत्रालय ने बताया कि एनएचएआई ने ‘नेशनल हाईवेज़ इंफ्रा ट्रस्ट’ (NHIT) के 6,220.90 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को दो नेशनल हाईवे सेक्शनों की संपत्ति मोनेटाइजेशन के लिए स्वीकार कर लिया है, जो दो राज्यों में 310.35 किलोमीटर में फैले हैं. इन संपत्तियों में महाराष्ट्र में 255.97 किलोमीटर लंबा अमरावती-चिखली-तारसोड सेक्शन (NH-53) और आंध्र प्रदेश में 54.38 किलोमीटर लंबा गुंडुगोलानु-चिन्ना-अवुतापल्ली सेक्शन (NH-16) शामिल है.
अब तक कितने पैसे जुटाए
एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने बताया कि InvIT देशभर में नेशनल हाईवे नेटवर्क के आगे के विकास के लिए वित्तीय पूंजी जुटाने में अहम भूमिका निभा रहा है. इस अवॉर्ड के साथ NHIT के जरिये कुल 49,858 करोड़ रुपये की संपत्तियों का मोनेटाइजेशन हो चुका है. एनएचआईटी, जो एनएचएआई द्वारा प्रायोजित एक InvIT है, अब तक सीपीपीआईबी, ओटीपीपी, ईपीएफओ, एनएचएआई और एसबीआई ग्रुप जैसे बड़े निवेशकों के साथ 4 राउंड में पूंजी जुटा चुका है. 700 से ज्यादा निवेशकों के साथ, एनएचआईटी यूनिट्स का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 28,000 करोड़ रुपये है. एनएचआईटी यूनिट्स नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दोनों पर सूचीबद्ध हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 17, 2026, 11:55 IST

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