Last Updated:February 17, 2026, 11:48 IST
CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 2026 से लागू नए टू-बोर्ड सिस्टम में कक्षा 10वीं के स्टूडेंट्स को पहले बोर्ड एग्जाम में बैठना अनिवार्य होगा. जो पहले एग्जाम में शामिल नहीं होंगे, उन्हें दूसरे एग्जाम में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी और वे 'Essential Repeat' कैटेगरी में डाल दिए जाएंगे.

नई दिल्ली (CBSE Board Exam 2026). सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने साल 2026 से लागू होने वाले नए टू-बोर्ड एग्जाम सिस्टम को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि कक्षा 10वीं के हर छात्र के लिए पहले बोर्ड एग्जाम में शामिल होना अनिवार्य होगा. कई छात्र और अभिभावक पहली परीक्षा को छोड़कर सीधे दूसरे एग्जाम में बैठने की अनुमति मांग रहे थे. बोर्ड ने ऐसी सभी मांगों को खारिज करते हुए कहा है कि नई नीति में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी.
सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो गईं हैं. देश-विदेश के लगभग 46 लाख स्टूडेंट्स इसमें शामिल हो रहे हैं. सीबीएसई ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है. बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ‘पेपर लीक’ की फर्जी खबरों और अफवाहों से बचने की सलाह दी है. बोर्ड का कहना है कि छात्र केवल अपनी मेहनत पर भरोसा करें और किसी भी भ्रामक जानकारी के झांसे में न आएं.
पहला एग्जाम देना क्यों है जरूरी?
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, सीबीएसई बोर्ड 10वीं परीक्षा 2026 के नए सिस्टम के तहत छात्रों को पहले बोर्ड एग्जाम में बैठना ही होगा. अगर कोई छात्र पहले एग्जाम के दौरान तीन या तीन से अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है तो उसे दूसरे बोर्ड एग्जाम में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे स्टूडेंट्स को ‘एसेंशियल रिपीट’ (Essential Repeat) कैटेगरी में डाल दिया जाएगा, जिसका मतलब है कि उन्हें अगले साल ही दोबारा मुख्य परीक्षा देनी होगी.
सीबीएसई इम्प्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा के नियम
सीबीएसई बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र पहले एग्जाम में पास हो जाएंगे, उन्हें दूसरे एग्जाम में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं जैसे किसी भी तीन विषयों में अपना स्कोर सुधारने (Improvement) का मौका मिलेगा. वहीं, जिन छात्रों की पहले एग्जाम में ‘कंपार्टमेंट’ आएगी, उन्हें दूसरे एग्जाम में कंपार्टमेंट कैटेगरी के तहत बैठने की अनुमति दी जाएगी. यह व्यवस्था छात्रों को अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करने का एक एक्सट्रा अवसर प्रदान करती है.
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने के साथ ही सीबीएसई ने फर्जी खबरों से सावधान रहने की सलाह दी है. बोर्ड ने कहा है कि कुछ असामाजिक तत्व सीबीएसई पेपर लीक के झूठे दावे कर छात्रों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं. सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. स्टूडेंट्स, अभिभावकों और शिक्षकों को केवल आधिकारिक वेबसाइट www.cbse.gov.in पर दी गई जानकारी ही सही माननी चाहिए.
अतिरिक्त विषयों पर रोक
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कक्षा 10वीं पास करने के बाद किसी भी अतिरिक्त (Additional) या स्टैंडअलोन विषय को लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इन नियमों से छूट की मांग करने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा. बोर्ड का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में एकरूपता और अनुशासन बनाए रखना है. इस साल कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 10 मार्च 2026 को खत्म होंगी, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 9 अप्रैल 2026 तक चलेंगी.
कुल 46 लाख छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं.
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First Published :
February 17, 2026, 11:48 IST

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