Odisha Plane Crash: ओडिशा में शनिवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक छोटे यात्री विमान से अचानक ‘Mayday… Mayday…’ की इमरजेंसी कॉल सुनाई दी. भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा IndiaOne एयर का नौ सीटों वाला विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी परेशानी में फंस गया और खेत में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान तो बच गई. लेकिन हादसे ने एयर सेफ्टी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए.
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि पायलट ने आखिरी क्षणों में सूझबूझ दिखाते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अलर्ट किया और आबादी से दूर खुले इलाके में विमान उतारने का फैसला लिया. अगर यह फैसला कुछ मिनट भी देर से होता, तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था.
क्या है पूरा मामला?
IndiaOne एयर का यह विमान भुवनेश्वर एयरपोर्ट से दोपहर 12:27 बजे रवाना हुआ था और इसे 1:19 बजे राउरकेला में लैंड करना था. लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले हालात बदल गए. भुवनेश्वर एयरपोर्ट के डायरेक्टर प्रसन्न कुमार प्रधान के मुताबिक 1:14 बजे विमान के पायलट ने ‘Mayday’ डिस्टेस कॉल जारी की. यह संकेत था कि विमान किसी गंभीर तकनीकी संकट में है और तुरंत मदद की जरूरत है.
पायलट की Mayday कॉल से बड़ा हादसा टला. (फोटो PTI)
कैसे आई इमरजेंसी की नौबत?
ATC को दी गई जानकारी में पायलट ने बताया कि विमान में तकनीकी समस्या आ गई है और वह राउरकेला एयरस्ट्रिप पर सुरक्षित लैंडिंग नहीं कर पाएगा. इसके बाद पायलट ने पास के एक खुले खेत में इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया. Charlie-208 मॉडल के इस विमान ने एयरस्ट्रिप के पास जगड़ा ब्लॉक इलाके में जबरन लैंडिंग की. इससे विमान को नुकसान पहुंचा लेकिन एक बड़ी दुर्घटना टल गई.
विमान में कौन-कौन सवार थे?
इस विमान में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें दो पायलट और चार यात्री शामिल थे. घायल पायलटों की पहचान कैप्टन नवीन कडंगा और को-पायलट तरुण श्रीवास्तव के रूप में हुई है. घायल यात्रियों में सुशांत कुमार बिवाल, अनीता साहू, सुनील अग्रवाल और सबिता अग्रवाल शामिल हैं. राहत की बात यह है कि सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं.
हादसे के बाद क्या हुआ?
क्रैश लैंडिंग की सूचना मिलते ही इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंच गईं. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. राउरकेला और पानपोष फायर स्टेशन की दमकल गाड़ियों को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि किसी भी आग या अन्य खतरे से निपटा जा सके. स्थानीय प्रशासन और ट्रांसपोर्ट सचिव पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं.
जांच में कौन-कौन एजेंसियां जुटीं?
हादसे के तुरंत बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) हरकत में आ गया. भुवनेश्वर और कोलकाता से DGCA की टीमें राउरकेला रवाना की गई हैं. इसके अलावा एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम भी रविवार को राउरकेला पहुंचकर विस्तृत जांच करेगी. शुरुआती तौर पर विमान में मैकेनिकल फेल्योर की आशंका जताई जा रही है.
DGCA और AAIB जांच में जुटे. (फोटो PTI)
‘Mayday’ कॉल क्यों होती है इतनी अहम?
एविएशन की भाषा में ‘Mayday’ सबसे गंभीर इमरजेंसी कॉल मानी जाती है. इसका मतलब होता है कि विमान, क्रू या यात्रियों की जान तत्काल खतरे में है. इस केस में पायलट की समय पर दी गई Mayday कॉल और खुले खेत में लैंडिंग का फैसला ही यात्रियों की जान बचाने में सबसे अहम साबित हुआ.
इस हादसे से क्या सवाल उठते हैं?
यह घटना एक बार फिर छोटे विमान और रीजनल फ्लाइट्स की मेंटेनेंस और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर सवाल खड़े करती है. हालांकि पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन DGCA और AAIB की जांच के बाद ही साफ होगा कि तकनीकी खराबी क्यों आई और क्या इसे पहले ही रोका जा सकता था.

14 hours ago
