Last Updated:January 12, 2026, 07:54 IST
Maharashtra BMC Election Live: महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव की हवा चल रही है. ऐसे में सियासत भी जमकर हो रही है. विपक्षी पार्टियां सरकार के हर कदम पर पैनी नजर रख रही हैं. अब प्रदेश की महायुति सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसको लेकर विपक्ष की तरफ से गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं.
Maharashtra BMC Election Live: बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी चुनाव से ठीक पहले लाडकी बहिन योजना के तहत पात्र महिलाओं को पैसा देने के फसले को लेकर प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. इस बीच, BMC चुनाव के लिए महायुति की ओर से घोषणा पत्र जारी किया गया है. (फोटो: PTI)Maharashtra BMC Election Live: महाराष्ट्र सरकार की ओर से नगर निकाय चुनाव से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री-माझी लाडकी बहिन योजना की दो किश्तों की राशि लाभार्थियों के खातों में जमा करने के फैसले ने राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है. इस फैसले को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा की अगुआई वाली महायुति और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं. राज्य सरकार ने योजना के तहत दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की किश्तों को एक साथ 14 जनवरी को जारी करने का निर्णय लिया है. इसके तहत महिला लाभार्थियों को कुल 3000 रुपये मिलेंगे. विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि यह कदम नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले उठाकर सरकार ने एक करोड़ से अधिक महिला मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने इस मुद्दे पर राज्य चुनाव आयोग (SEC) से शिकायत की है. कांग्रेस ने इसे ‘सरकारी रिश्वत’ करार देते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता के दौरान इस तरह की राशि जारी करना नियमों का उल्लंघन है. पार्टी ने आयोग से मांग की है कि मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह राशि जारी की जाए.
कांग्रेस क्यों नाराज?
कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव से महज 24 घंटे पहले दो महीने की किश्तें एक साथ जारी करना संयोग नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति है, ताकि मतदाताओं पर असर डाला जा सके. पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार वाकई नियमों का सम्मान करती है तो भुगतान को कुछ दिन टालने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. वहीं, राज्य के राजस्व मंत्री और नागपुर जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताते हुए कहा कि लाडकी बहिन योजना चुनाव की घोषणा से पहले शुरू की गई थी और इसका नगर निकाय चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है. बावनकुले ने कहा, ’29 नगर निकायों के चुनाव के कारण पूरे राज्य की महिलाओं को उनके हक से वंचित नहीं किया जा सकता. यह एक सतत कल्याणकारी योजना है. उन्होंने चेतावनी दी कि भुगतान रोकने की मांग करना महिलाओं के साथ भेदभाव के समान होगा और कांग्रेस पर पाखंड व बाधा डालने का आरोप लगाया.
संजय राउत क्या बोले?
इसी बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत के एक बयान ने भी सियासी विवाद को हवा दे दी. राउत ने दावा किया कि उनकी पार्टी आज भी 10 मिनट में मुंबई बंद करा सकती है. इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि राउत अपने घर के आसपास का इलाका भी बंद नहीं करा सकते. फडणवीस ने इसे खोखली धमकी बताते हुए कहा कि भाजपा ऐसी बातों से डरने वाली नहीं है. इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निकाय चुनाव से पहले महाराष्ट्र का राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है, अब सबकी नजर राज्य चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
January 12, 2026, 07:54 IST
Live: बीएमसी चुनाव से पहले फडणवीस सरकार का झोली भरने का फैसला, सियासी घमासान

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