Joint Pains: खाने की इन 5 चीजों को छोड़ दें तो नहीं होगा घुटनों का दर्द! देखिए लिस्ट

2 hours ago

Last Updated:February 17, 2026, 11:50 IST

Joint Pains: आजकल घुटनों में दर्द आम हो गया है. पहले यह सिर्फ बुजुर्गो में होता था लेकिन आजकल युवा लोगों को भी इस तरह की परेशानी होने लगी है. जोड़ों की मुलायम हड्डी (कार्टिलेज) घिस जाने, शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से होने वाले गाउट, लिगामेंट की चोट या अधिक वजन के कारण जोड़ों पर पड़ने वाले दबाव से घुटनों में दर्द (Knee Pain) होता है. इस दर्द को बढ़ाने में 5 फूड मुख्य रूप से जिम्मेदार होते हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं.

बहुत से लोगों में घुटनों का दर्द एक आम समस्या बन जाता है. घुटनों में दर्द के कई कारण होते हैं. आमतौर पर जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ती है तो घुटनों के आसपास कार्टिलेज के पास क्रिस्टल की तरह जमने लगता है और यही दर्द का कारण बनता है. अगर किसी का वजन ज्यादा है तो यह दर्द और ज्यादा हो जाता है. जब हमें कोई चोट लगती है या संक्रमण होता है, तो उसे ठीक करने के लिए हमारी इम्यूनिटी सिस्टम प्रतिक्रिया करता है. इस प्रक्रिया में होने वाली सूजन और बनने वाले फ्री रेडिकल्स के कारण टिशू को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में घुटनों का दर्द और ज्यादा बढ़ सकता है. Photo : Shutterstock

घुटनों में दर्द को बढ़ाने के लिए कुछ खाद्य पदार्थ बेहद जिम्मेदार होते हैं. ज्यादा चीनी वाले मिठाई और कोल्ड ड्रिंक, मैदे से बनी चीजें, सैचुरेटेड फैट से भरपूर रेड मीट, प्रोसेस्ड जंक फूड, चिप्स और अन्य पैक्ड खाद्य पदार्थ, ओमेगा-6 फैटी एसिड वाले कुकिंग ऑयल और शराब जैसी आदतें भी जोड़ों के दर्द और गाउट के खतरे को बढ़ा सकती हैं. डॉक्टरों का कहना है कि घुटनों का दर्द न हो या जिन लोगों को यह समस्या है उनमें दर्द ज्यादा न बढ़े, इसके लिए कुछ तरह के खाद्य पदार्थ बिल्कुल नहीं खाने चाहिए. आइए जानते हैं वे कौन-से हैं. 

मांसाहार: जो लोग रेड मीट ज्यादा खाते हैं, उनमें जोड़ों के दर्द की आशंका अधिक हो सकती है. रेड मीट में सूजन बढ़ाने वाले तत्व (इन्फ्लेमेटरी कंपाउंड्स) ज्यादा मात्रा में होते हैं. इसमें ट्रांस फैट या हाइड्रोजेनेटेड ऑयल भी हो सकते हैं, जो घुटनों के दर्द का कारण बनते हैं. रेड मीट में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है. जब ये शरीर में टूटते हैं, तो यूरिक एसिड बनता है. यह यूरिक एसिड जोड़ों में जमा होकर सूजन और घुटनों में दर्द पैदा करता है. जो लोग नॉनवेज कम करके शाकाहार अपनाते हैं, उनमें इस दर्द की तीव्रता कम हो सकती है. 

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चीनी वाले खाद्य पदार्थ: चाय, कॉफी और मिठाइयों में मौजूद चीनी के अलावा कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड फ्रूट जूस और अन्य खाद्य पदार्थों में पाई जाने वाली आर्टिफिशियल शुगर और स्वीटनर स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक होते हैं. ये हमारे खून में शुगर का स्तर बढ़ा देते हैं. इस प्रक्रिया में ये रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं को सक्रिय करते हैं और सूजन पैदा करने वाले तत्वों को बढ़ाते हैं. इससे शरीर के महत्वपूर्ण ऊतकों और जोड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. फास्ट फूड, प्रोसेस्ड स्नैक्स और मैदे से बने बेकरी उत्पादों में चीनी, ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट और प्रिजर्वेटिव्स अधिक मात्रा में होते हैं. ये सभी घुटनों के दर्द का खतरा बढ़ा सकते हैं.  

शराब (अल्कोहल): शराब तो हर तरह से हमारे लिए दुश्मन है लेकिन शराब की आदत घुटनों के दर्द के लिए ली जाने वाली दवाओं के असर को कम कर सकती है. यह आर्थराइटिस के लक्षणों को बढ़ा देती है और जोड़ों के दर्द व गाउट के खतरे तथा समस्या की गंभीरता को और बढ़ा सकती है. जोड़ों के बीच मौजूद ‘साइनोवियल फ्लूइड’ (Synovial Fluid) सही मात्रा में बना रहे, इसके लिए शरीर में पर्याप्त पानी होना जरूरी है. शराब शरीर को डिहाइड्रेट कर देती है, जिससे जोड़ों में कुशनिंग कम हो जाती है और दर्द बढ़ सकता है.

कुछ प्रकार के तेल : हमारे शरीर को ओमेगा-6 फैटी एसिड की जरूरत होती है, लेकिन अगर इसकी मात्रा शरीर में ज्यादा हो जाए तो यह घुटनों और जोड़ों के लिए हानिकारक बन सकता है. ओमेगा-6 शरीर में सूजन पैदा करने वाले रसायनों के उत्पादन को बढ़ाता है. यह मूंगफली के तेल, वेजिटेबल ऑयल, सनफ्लावर ऑयल और मक्का में अधिक मात्रा में पाया जाता है. ओमेगा-6 का अधिक सेवन करने से शरीर में ‘अराकिडोनिक एसिड’ बनता है. यह जोड़ों में सूजन पैदा करने वाले प्रोस्टाग्लैंडिन्स के उत्पादन को बढ़ाता है.इसके कारण जोड़ों में सूजन और दर्द की समस्या हो सकती है.

नमक: नमक शरीर की कोशिकाओं में पानी को रोककर रखता है. इससे घुटनों का दर्द और जोड़ों की सूजन बढ़ सकती है. मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) भी इसी तरह काम करता है. यह लंबे समय तक जोड़ों में सूजन पैदा कर सकता है और घुटनों के दर्द को बढ़ा सकता है. कैन में मिलने वाले सूप, पिज्जा, कुछ प्रकार के चीज, फास्ट फूड और अन्य प्रोसेस्ड या पैक्ड खाद्य पदार्थों में सोडियम और MSG अधिक मात्रा में होते हैं. इसलिए इन खाद्य पदार्थों को बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, और अगर संभव न हो तो कम से कम इनका सेवन कम कर देना चाहिए.

First Published :

February 17, 2026, 11:50 IST

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