Last Updated:February 06, 2026, 08:55 IST
Eklavya School Recruitment Controversy 2025: एकलव्य स्कूल भर्ती 2025 के नतीजों ने हर किसी को चौंका दिया है. यहां प्रिंसिपल पद के लिए महज 1 अंक और स्टाफ नर्स के लिए -13 अंक पाने वाले भी टियर-2 के लिए क्वॉलिफाई हो गए हैं.

नई दिल्ली (Eklavya School Recruitment 2025). एकलव्य आवासीय विद्यालय स्टाफ सिलेक्शन परीक्षा-2025 के टियर-1 नतीजों ने भर्ती प्रक्रियाओं और उनकी पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिया है. इसके सरकारी रिजल्ट में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है. 100 अंकों की परीक्षा में सिर्फ 1 अंक पाने वाले टियर-2 परीक्षा के लिए क्वॉलिफाई कर गए हैं. इतना ही नहीं, महिला स्टाफ नर्स पद के लिए तो हद ही हो गई. इसमें -13 अंक पाने वाली उम्मीदवार को भी अगले चरण की परीक्षा के लिए चुन लिया गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि एकलव्य आवासीय विद्यालय के नतीजे भर्ती प्रक्रिया की क्वॉलिटी को प्रभावित करते हैं. जब किसी उच्च पद के लिए न्यूनतम क्वॉलिफाइंग मार्क्स तय नहीं होते तो चयन प्रक्रिया केवल पदों की संख्या भरने तक सीमित रह जाती है. इस परीक्षा में 1/3 नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान था, जिसका मतलब है कि गलत उत्तरों ने स्कोर को शून्य से भी नीचे पहुंचा दिया, फिर भी चयन होना व्यवस्था की खामियां उजागर करता है. यह मामला सोशल मीडिया और शैक्षिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
EMRS Recruitment: चयन प्रक्रिया और चौंकाने वाले कटऑफ
एकलव्य आवासीय विद्यालयों में कुल 7,267 पदों पर भर्ती के लिए टियर-1 परीक्षा आयोजित की गई थी. इसमें प्रिंसिपल पद के लिए कुल 225 पद विज्ञापित हैं. नियमों के मुताबिक, टियर-2 के लिए हर पद के मुकाबले 10 गुना यानी 2250 उम्मीदवारों का चयन किया जाना था. चौंकाने वाली बात यह है कि उम्मीदवारों की कमी या कमजोर प्रदर्शन के चलते प्रिंसिपल पद के लिए एससी (SC) कैटेगरी का कटऑफ मात्र 4 अंक और एसटी (ST) कैटेगरी का कटऑफ महज 1 अंक रहा.
माइनस स्कोर पर भी मिला मौका
सबसे ज्यादा हैरानी एकलव्य आवासीय विद्यालयों में स्टाफ नर्स के चयन को लेकर है. यहां माइनस 13 (-13) अंक पाने वाली महिला उम्मीदवार को भी टियर-2 परीक्षा की दौड़ में शामिल किया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि उम्मीदवार ने सही जवाबों से ज्यादा गलत जवाब दिए, जिससे उसका स्कोर नकारात्मक हो गया. इसके बावजूद, उस अभ्यर्थी को अगले चरण के लिए योग्य माना गया है. ऐसे मामले चयन प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल उठाते हैं.
लाखों में सैलरी, पर योग्यता का पैमाना क्या?
एकलव्य आवासीय विद्यालय में चयनित प्रिंसिपल को लेवल-12 के तहत 78,000 रुपये से लेकर 2.09 लाख रुपये तक का वेतन मिलेगा. इतनी भारी-भरकम सैलरी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाले पद के लिए महज 1 या 4 अंक लाने वालों का चयन करना शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता माना जा रहा है. कुल 7267 पदों में प्रिंसिपल, पीजीटी, टीजीटी, हॉस्टल वॉर्डन और लैब अटेंडेंट जैसे पद शामिल हैं, जिनकी जिम्मेदारी देश के जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य संवारना है.
क्या कहता है परीक्षा का पैटर्न?
एकलव्य आवासीय विद्यालय टियर-1 परीक्षा 100 अंकों की थी, जिसमें 100 मल्टिपल चॉइस (MCQ) सवाल पूछे गए थे. अब इसमें सफल उम्मीदवारों को टियर-2 परीक्षा देनी होगी, जो फिर से 100 अंकों की होगी. इसमें 40 ऑब्जेक्टिव और 60 डिस्क्रिप्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे. प्रिंसिपल पद के लिए इसके बाद 40 अंकों का इंटरव्यू भी रखा गया है. हालांकि, पहले चरण का आधार इतना कमजोर होने से अंतिम चयन की गुणवत्ता पर संदेह जताया जा रहा है.
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First Published :
February 06, 2026, 08:55 IST

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