Last Updated:February 06, 2026, 10:44 IST
RBI MPC Meeting 2026 : साल की पहली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ब्याज दरों को पहले की तरह यथावत बनाए रखने का फैसला किया गया है. गवर्नर ने बैठक के बाद ग्रोथ और महंगाई को थामने पर ही ज्यादा फोकस रखा.

नई दिल्ली. फरवरी में आम आदमी को दो बार निराशा झेलनी पड़ी. पहली 1 तारीख को पेश बजट में उसके हाथ कुछ नहीं और अब रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कर्ज सस्ता करने की उम्मीदों को खत्म कर दिया. आरबीआई की नीतिगत बैठक यानी एमपीसी मीटिंग के बाद शुक्रवार को गवर्नर ने अपने फैसलों से देश को अवगत कराया. उन्होंने एक और बार रेपो रेट में कटौती से साफ इनकार किया और कहा कि अर्थव्यवस्था अभी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है. महंगाई काबू में है और ग्रोथ रेट अनुमान के मुताबिक चल रही है. ऐसे में रेपो रेट से छेड़छाड़ के बजाय मौजूदा स्थिति को और बेहतर बनाने पर फोकस किया जाएगा.
गर्वनर ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है, जिसका मतलब है कि आपकी ईएमआई में कोई बदलाव नहीं आएगा. होम लोन, पसर्नल लोन या ऑटो लोन सहित किसी भी प्रकार खुदरा लोन पर ब्याज दरें पहले की तरह ही लागू रहेंगी, उनमें कोई बदलाव नहीं दिखेगा. इस फैसले से मकान खरीदारों को सबसे अधिक निराशा हुई, जो कर्ज सस्ता होने के बाद खरीदने का प्लान कर रहे थे. अब आरबीआई ने साफ कर दिया है कि फिलहाल अप्रैल तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. अप्रैल में होने वाली अगली बैठक में स्थिति के हिसाब से रेपो रेट घटाने पर फैसला हो सकता है.
बैंक और आरबीआई के बीच कर्ज की दर नहीं बदली
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि रेपो रेट के साथ मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी यानी एमएसएफ की दरों को भी 5.50 फीसदी पर बकरार रखा जाएगा. यह वह ब्याज दर है, जिस पर बैंक पैसों की कमी होने पर आरबीआई से एक दिन के लिए कर्ज उठाते हैं. इसके अलावा स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलटी यानी एसडीएफ की ब्याज दर भी 5 फीसदी पर बरकरार रखी है. एसडीएफ वह ब्याज दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों का अतिरिक्त पैसा अपने पास रखता है और उन्हें ब्याज देता है.
महंगाई भी काबू में
रिजर्व बैंक को सबसे बड़ी चिंता महंगाई को लेकर रहती है. गवर्नर ने वित्तवर्ष 2027 में खुदरा महंगाई को लेकर अनुमान जारी किया है. उन्होंने कहा कि अगले वित्तवर्ष की पहली तिमाही में खुदरा महंगाई 4 फीसदी तो दूसरी तिमाही में 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि चालू वित्तवर्ष के लिए खुदरा महंगाई का आंकड़ा 2.1 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान है. चौथी तिमाही में भी खुदरा महंगाई 3.2 फीसदी तक जा सकेगी. हालांकि, अगले वित्तवर्ष की पहली छमाही में इसका अनुमान थोड़ा ज्यादा रह सकता है.
विकास दर से खुश दिखे गवर्नर
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वैसे तो जीडीपी की नई सीरीज अगले कुछ महीने में आ जाएगी, लेकिन मौजूदा विकास दर देश की मजबूत आर्थिक प्रगति और विकास दोनों को दिखाती है. उन्होंने कहा कि अगले वित्तवर्ष की पहली तिमाही में 6.9 फीसदी तो दूसरी तिमाही में 7 फीसदी की विकास दर रहने का अनुमान है. फिलहाल चालू वित्तवर्ष की विकास दर 7.4 फीसदी रह सकती है. यह पिछले वित्तवर्ष के मुकाबले ज्यादा है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वित्तवर्ष 2027 के बारे में जीडीपी अनुमान नई सीरीज आने के बाद अप्रैल की बैठक में दिया जाएगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 06, 2026, 10:44 IST

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