Dr. Brahma Chellaney Analysis: अली खामेनेई की मौत भर से नहीं बदल जाएगा ईरान! ब्रह्मा चेलानी आखिर किस बात की दे रहे चेतावनी

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खामेनेई की मौत से नहीं बदलेगा ईरान! ब्रह्मा चेलानी किस बात की दे रहे चेतावनी

Last Updated:March 01, 2026, 10:11 IST

Dr. Brahma Chellaney Analysis: आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका-इजराइल हमलों से ईरान में शासन परिवर्तन नहीं हुआ, बल्कि आईआरजीसी का प्रभाव बढ़ेगा और सिस्टम और सख्त हो सकता है. यह आकलन सामरिक मामलों के जाने माने जानकार ब्रह्मा चेलानी का है.

खामेनेई की मौत से नहीं बदलेगा ईरान! ब्रह्मा चेलानी किस बात की दे रहे चेतावनीZoom

सामरिक मामलों के जानेमाने जानकार ब्रह्मा चेलानी ने खामेनेई की मौत के बाद के ईरान को लेकर गहरी चिंता जताई है.

Dr. Brahma Chellaney Analysis: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत ने मध्य पूर्व की राजनीति में भूकंप ला दिया है. अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में 86 वर्षीय खामेनेई की मौत के साथ ही ईरान के 31 में 24 प्रांतों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे शांति के लिए निर्णायक कदम बताया और ईरानियों से अपने शासकों को उखाड़ फेंकने की अपील की. लेकिन रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने चेतावनी दी है कि खामेनेई की मौत से ईरान में शासन परिवर्तन नहीं होगा. हवाई शक्ति अकेले कभी भी किसी शासन को उखाड़ नहीं फेंक पाई है. चेलानी एक प्रसिद्ध भू-रणनीतिक विशेषज्ञ हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि अमेरिका-इजराइल का यह संयुक्त युद्ध का लक्ष्य नियंत्रण नहीं, बल्कि शासन परिवर्तन है. खामेनेई तीन दशकों से अधिक समय से ईरान की विदेश, सैन्य और परमाणु नीतियों के बारे में अंतिम फैसले लेते थे. उनकी हत्या और कुछ वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की मौत से ईरान की कमान और नियंत्रण व्यवस्था में जरूर एक खालीपन आ गया है. लेकिन डिकैपिटेशन यानी शीर्ष लीडर्स की मौत अपने दम पर रीजिम चेंज नहीं ला सकती. इतिहास गवाह है कि हवाई हमलों से इराक (सद्दाम हुसैन), लीबिया (गद्दाफी) या अफगानिस्तान में भी पूर्ण शासन परिवर्तन नहीं हुआ. चेलानी ने जोर दिया कि ईरान का मामला अलग है. यहां सिस्टम बेहद मजबूत और बहुस्तरीय है.

ईरानी नागरिक की चिंता

एक अन्य ईरानी मूल के यूजर इमाम जलाली ने भी X पर लिखा- खामेनेई मर गए. अच्छा हुआ. लेकिन मेरे परिवार वाले ईरान में हैं. मेरे पिता अभी वहां हैं. मैं अभी जश्न नहीं मना रहा. ईरान ने इस पल के लिए दुनिया की सबसे मजबूत आपात योजना बनाई है. हर महत्वपूर्ण पद पर चार स्तर की उत्तराधिकार व्यवस्था. पहले से अधिकृत सैन्य हमले. क्षेत्रीय कमांडरों को तेहरान से आदेश की जरूरत नहीं. जैसे ही आप यह पढ़ रहे हैं, नया सर्वोच्च नेता पहले से ही चुना जा चुका है. हम बस नाम नहीं जानते. यह वेनेजुएला का मदुरो जैसा नहीं है. सरकार उखड़ी नहीं. सिस्टम ने झटका सोख लिया. यही तो इसका डिजाइन था. हर विश्वसनीय खुफिया आकलन यही कहता है कि खामेनेई के बाद का ईरान नरम नहीं, बल्कि और सख्त होगा. आईआरजीसी (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) का दबदबा और खतरनाक होगा. ईरानी जनता के लिए ये खामेनेई से भी बदतर हो सकता है. अभी सांस मत लो. अभी बहुत दूर जाना है.

चेलानी की चेतावनी कितना महत्वपूर्ण

चेलानी की चेतावनी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि ईरान की आईआरजीसी और धार्मिक नेतृत्व ने उत्तराधिकार की बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई है, जो बाहरी हमलों से बचाव के लिए डिजाइन की गई है. खामेनेई की मौत के बाद भी सिस्टम कमजोर नहीं हुआ है. आईआरजीसी का प्रभाव बढ़ेगा, परमाणु कार्यक्रम तेज हो सकता है और क्षेत्रीय प्रॉक्सी (हिजबुल्लाह, हूती, हमास) और सक्रिय हो जाएंगे. चेलानी ने पहले भी कहा था कि लक्षित हत्याएं ईरान के खिलाफ लंबे समय में उल्टी पड़ती हैं. वे शासन को एकजुट करती हैं, न कि कमजोर.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

March 01, 2026, 10:10 IST

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