Last Updated:March 01, 2026, 07:32 IST
अमेरिका इजरायल की ओए से ईरान पर हमला कर दिया है. साथ ही ईरानी मीडिया से खबर सामने आ रही है कि खामेनेई की मौत हो गई है. ट्रंप भी उनकी मौत का दावा किया था. मगर इन सबके बीच यूपी के बाराबंकी के कुछ परिवारों की टेंशन बढ़ गई है. आइए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला.

बाराबंकी: ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों के बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में कई परिवार चिंता में हैं. जानकारी के अनुसार जिले के करीब एक दर्जन छात्र और इस्लामिक स्कॉलर इस समय ईरान के कोम शहर में पढ़ाई कर रहे हैं. हमले के बाद कुछ लोगों से संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है. आइए जानते हैं विस्तार से आखिर क्या है पूरा मामला.
न्यूज़ 18 भी रात्रि में ऐसे परिवारों के पास पंहुचा जिनके रिश्तेदार मौजूदा समय में ईरान में मौजूद है. ईरान में मौजूद लोगों में मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी, आबिद हुसैन काज़मी, अली मेहदी रिज़वी, सैयद काशिफ रिज़वी के परिजन, फातिमा रबाब, मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद काज़िम, मौलाना फैज़ बाकरी और कटरा निवासी मौलाना अली मेहदी शामिल बताए जा रहे हैं.
मौलाना जफर फैजी के भाई मौलाना अब्बास मेंहदी ने बताया कि हमले के समय उनकी भाई से बात हुई थी. उनके अनुसार क़ुम शहर के बॉर्डर क्षेत्र में हमला हुआ था, लेकिन फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और आम जनजीवन सामान्य है. वहीं अधिवक्ता दिलकश रिजवी ने कहा कि शुरुआती संपर्क के बाद दोबारा बातचीत नहीं हो सकी, जिससे परिवार परेशान है. परिजन मस्जिदों में एकत्र होकर अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं और सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं. मौजूदा हालात ने जिले में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है. वहीं इस बीच ईरानी मीडिया के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है कि खामेनेई की मौत हो गई है.
First Published :
March 01, 2026, 07:32 IST

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