Last Updated:February 01, 2026, 10:25 IST
Budget 2026 LIVE Updates, Budget 2026: बजट को लेकर एजुकेशन सेक्टर को भी काफी उम्मीदें हैं. हर साल तमाम स्टूडेंटस डॉक्टर इंजीनियर का ख्वाब देखते हैं और NEET-JEE जैसी कठिन परीक्षाएं देते हैं. मेडिकल कॉलेजों और IIT में कम होने के कारण काफी कम युवाओं को ही मौका मिलता है.
education news, budget session, Budget 2026 LIVE Updates: एजुकेशन सेक्टर को क्या फायदा?Budget 2026 LIVE Updates, Budget 2026: आज 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना नौवां बजट पेश कर रही हैं.ये बजट छात्रों, पढ़ाई करने वालों और नौकरी की तलाश में लगे युवाओं के लिए काफी अहम है.खास तौर से शिक्षा क्षेत्र में इस बार भी बड़ी उम्मीदें हैं जैसे मेडिकल सीटें बढ़ना, IIT-यूनिवर्सिटी का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होना, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल शिक्षा का विस्तार और नई नौकरियां पैदा करने के उपाय.
पिछले साल शिक्षा को कितना मिला था?
पिछले बजट (2025-26) में शिक्षा क्षेत्र को कुल 1,28,650 करोड़ रुपये दिए गए थे जो उससे पहले वाले साल से 6.65% ज्यादा था. स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग का बजट 78,572 करोड़ रुपये और समग्र शिक्षा अभियान का बजट 41,250 करोड़ रुपये था.सरकार ने पिछले साल 75,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने और IIT-IIIT के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की बड़ी योजना बनाई थी. इनसे मेडिकल और टेक्निकल शिक्षा की क्वालिटी और क्षमता बढ़ाने का टारगेट था.
आर्थिक सर्वेक्षण में शिक्षा-स्वास्थ्य पर क्या कहा?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में शिक्षा और स्वास्थ्य को देश की प्रगति के लिए सबसे जरूरी बताया गया है. प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाई में सुधार हुआ है, लेकिन क्लास 8 के बाद नामांकन सिर्फ 52.2% रह जाता है यानी बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं ये बड़ी चुनौती है. सर्वे कहता है कि शिक्षा और स्वास्थ्य आपस में जुड़े हैं जो इंसानों का विकास, समाज का भला और अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के लिए बेस हैं.
भारत की शिक्षा में अब तक क्या-क्या अच्छा हुआ?
– देश में अब 23 IIT,21 IIIT और 20 AIIMS हैं.
– दो नए IIIT कैंपस जांजगीर और अबू धाबी में भी बने हैं.
-राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP)और शिक्षा का अधिकार (RTE) 2009 ने समावेश, नई सोच और बेहतर क्वालिटी लाने में बड़ी भूमिका निभाई है. प्राइमरी स्तर का सकल नामांकन अनुपात (GER) 90.9% और उच्च प्राथमिक स्तर का GER 90.3% है. अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) 2,660 संस्थानों ने 4.6 करोड़ ID जारी किए हैं.
इस बार शिक्षा बजट से क्या-क्या उम्मीदें हैं?
छात्र और युवा इस बजट को लेकर काफी उत्साहित हैं. मुख्य उम्मीदें ये हैं:
– मेडिकल शिक्षा में और सुधार, नए AIIMS और मेडिकल कॉलेज खुलना, मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी.
– IIT, IIIT और यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश.
– रिसर्च, इनोवेशन और AI पर फोकस.
– स्किल ट्रेनिंग और वोकेशनल एजुकेशन को बढ़ावा.
– सरकारी स्कूलों का उन्नयन, स्मार्ट स्कूल, डिजिटल लैब्स का विस्तार (करीब 30 करोड़ छात्रों तक फ्री डिजिटल लैब्स पहुंचाने की बात चल रही है).
– स्कूलों में रविवार को भी पढ़ाई जैसी नई पहल.
– विभिन्न राज्यों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कोचिंग, अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा के नए प्रोजेक्ट.
– विदेशी यूनिवर्सिटी को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति.
– छात्रों को ज्यादा स्कॉलरशिप, बेहतर अवसर और नई नौकरियां पैदा करने के उपाय.
शिक्षा बजट क्यों इतना जरूरी है?
शिक्षा बजट 2026 सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि लाखों छात्रों-युवाओं का भविष्य है. मेडिकल और टेक्निकल शिक्षा बढ़ने से स्वास्थ्य और साइंस सेक्टर मजबूत होंगे. स्कूलों में सुधार और उच्च शिक्षा में निवेश से मानव संसाधन तैयार होगा. स्किल डेवलपमेंट और वोकेशनल कोर्स से युवाओं को अच्छी-खासी नौकरियां मिलेंगी. कुल मिलाकर, ये बजट देश को आगे बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है.
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Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व ...और पढ़ें
First Published :
February 01, 2026, 10:21 IST

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