history of budget, Budget 2026 Updates, Budget History: भारत का पहला बजट आजादी के बाद वाला आज भी काफी रोचक है, क्योंकि वो समय बहुत मुश्किल था. देश को आजाद हुए महज 3 महीने ही हुए थे, विभाजन की वजह से लाखों लोग बेघर हुए थे, कश्मीर में लड़ाई चल रही थी, और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना था.26 नवंबर 1947 को आर. के. शणमुखम चेट्टी ने साढ़े 7 महीने का इंटरिम बजट पेश किया था.राजस्व ₹171 करोड़, खर्च ₹197 करोड़ और सबसे ज्यादा रक्षा पर ₹92 करोड़ पर फोकस किया गया था क्योंकि देश को सुरक्षा की बड़ी चुनौतियां थीं. आज 2026 में भी बजट में रक्षा, इंफ्रा और विकास पर फोकस रहता है, लेकिन स्केल बहुत बड़ा हो चुका है.
स्वतंत्र भारत का पहला बजट कब और किसने पेश किया?
स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था यानी 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के ठीक 3 महीने बाद. इसे देश के पहले वित्त मंत्री आर.के.शणमुखम चेट्टी(R. K. Shanmukham Chetty) ने संसद (तब कंस्टीट्यूएंट असेंबली) में पेश किया. चेट्टी 1947 से 1949 तक वित्त मंत्री रहे थे. उन्होंने भाषण की शुरुआत में कहा था-‘मैं एक स्वतंत्र और आजाद भारत का पहला बजट पेश कर रहा हूं. ये ऐतिहासिक मौका है.’
बजट कितना बड़ा था और कितना खर्च हुआ?
ये बजट पूरे साल का नहीं, बल्कि साढ़े 7 महीने का 15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948 तक का था. इस बजट में कुल राजस्व (आय)₹171.15 करोड़ अनुमानित था और कुल खर्च ₹197.29 करोड़ होने का अनुमान था. कुल घाटा (फिस्कल डेफिसिट) ₹26 करोड़ के आसपास का था.उस समय के हिसाब से ये काफी था, लेकिन आज के बजट (लाखों करोड़) से तुलना करें तो बहुत छोटा लगता है.
सबसे ज्यादा खर्च कहां हुआ?
सबसे बड़ा हिस्सा रक्षा पर गया-₹92.74 करोड़.जो बजट का करीब 47% हिस्सा था. वजह साफ थी विभाजन के बाद पाकिस्तान से तनाव, कश्मीर में जंग, और देश की सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत. बाकी खर्च शरणार्थियों की मदद, सिविल एडमिनिस्ट्रेशन और रिहैबिलिटेशन पर हुआ.
ब्रिटिश काल में भारत का सबसे पहला बजट कब था?
भारत में बजट की परंपरा ब्रिटिश समय से चली आ रही है. सबसे पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था. इसे स्कॉटिश अर्थशास्त्री और द इकोनॉमिस्ट अखबार के फाउंडर जेम्स विल्सन ने पेश किया था. 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने भारत की फाइनेंस सिस्टम को ठीक करने के लिए उन्हें भेजा था. उन्होंने इनकम टैक्स जैसी चीजें भी शुरू कीं.
बजट पेश करने का समय कैसे बदला?
पहले बजट शाम 5 बजे पेश होता था.ये ब्रिटिश परंपरा थी, लेकिन 1999 में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे सुबह 11 बजे कर दिया. वजह यह थी कि ज्यादा समय मिले संसद में डिबेट करने के लिए और मीडिया को कवर करने के लिए. अब ये 11 बजे ही होता है.
सबसे छोटा और सबसे लंबा बजट भाषण
बजट पर अब तका सबसे छोटा भाषण 1977-78 में वित्त मंत्री हीरूभाई एम.पटेल ने सिर्फ 800 शब्दों में भाषण दिया.सबसे लंबा भाषण निर्मला सीतारमण ने 2020 में 2 घंटे 42 मिनट का भाषण दिया.ये रिकॉर्ड अब तक है.
हलवा सेरेमनी की मजेदार परंपरा
बजट तैयार होने के आखिरी स्टेज में फाइनेंस मिनिस्ट्री में हलवा सेरेमनी होती है.बजट प्रिंटिंग शुरू होने से पहले फाइनेंस मिनिस्टर खुद कढ़ाई में हलवा चलाते हैं और स्टाफ को सर्व करते हैं. ये 40 साल से ज्यादा पुरानी परंपरा है-उत्साह बढ़ाने और शुभ काम के लिए. बजट प्रिंटिंग के दौरान स्टाफ को लॉक-इन पीरियड में रहना पड़ता है.कोई बाहर नहीं जा सकता,फोन बंद रहता है, ताकि लीक न हो.
एक नजर में देखें पूरी जानकारी
– स्वतंत्र भारत का पहला बजट:26 नवंबर 1947, आर. के. शणमुखम चेट्टी द्वारा.
– राजस्व: ₹171.15 करोड़, खर्च: ₹197.29 करोड़, रक्षा पर सबसे ज्यादा.
– ये साढ़े 7 महीने का इंटरिम बजट था.
– ब्रिटिश काल का पहला: 1860 में जेम्स विल्सन द्वारा.
– समय: 1999 से सुबह 11 बजे.
– हलवा सेरेमनी: बजट प्रिंटिंग की शुरुआत का उत्सव.
ये तथ्य दिखाते हैं कि भारत का बजट कैसे छोटे से शुरू होकर आज दुनिया के सबसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो गया.

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