BMC मेयर पर एकनाथ शिंदे ने चली चाल, कहीं नहीं जा पाएंगे शिवसेना पार्षद, होटल में ही हुआ नया खेल

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Last Updated:January 19, 2026, 13:55 IST

बीएमसी चुनाव रिजल्ट के बाद मुंबई के नए मेयर को लेकर खींचतान जारी है. इस बीच एकनाथ शिंदे ने होटल में बंद शिवसेना के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को टूट से बचाने के लिए नई चाल चली है. माना जा रहा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोई भी नगरसेवक पार्टी छोड़कर दूसरी तरफ न जा सके.

BMC मेयर पर एकनाथ शिंदे ने चली चाल, कहीं नहीं जा पाएंगे शिवसेना पार्षदएकनाथ शिंदे ने निर्देश दिए हैं कि सभी 29 जीते हुए नगरसेवकों के कागजात तैयार कर उन्हें जल्द से जल्द गैजेट कराया जाए.

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद मुंबई के नए मेयर को लेकर खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही. शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शिंदे खेमा किसी भी तरह की टूट-फूट या दलबदल की आशंका को खत्म करने के लिए नगरसेवकों से जुड़े सभी दस्तावेजी काम जल्द से जल्द पूरे कराना चाहता है.

सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने निर्देश दिए हैं कि सभी 29 जीते हुए नगरसेवकों के कागजात तैयार कर उन्हें जल्द से जल्द गैजेट कराया जाए. इसी कड़ी में आज दिनभर नगरसेवकों की पेपर फॉर्मेलिटी तेज़ी से चल रही है. एक बार गैजेट की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही इन सभी नगरसेवकों को होटल से बाहर निकलकर अपने-अपने घर जाने की अनुमति दी जाएगी. माना जा रहा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोई भी नगरसेवक पार्टी छोड़कर दूसरी तरफ न जा सके.

शिवसेना से रेस में कौन-कौन?

पार्टी सूत्रों का कहना है कि आज ही शिवसेना पार्षदों के नेता के नाम की भी घोषणा की जा सकती है. पार्टी के भीतर यामिनी जाधव, तृष्णा विश्वासराव और अमेय घोले जैसे युवा लेकिन अनुभवी नगरसेवकों के नाम अहम जिम्मेदारियों के लिए चर्चा में हैं.

बीएमसी चुनाव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा ने 89 सीटें हासिल की हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीटों पर जीत मिली है. वहीं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की अगुवाई वाले गठबंधन ने शरद पवार गुट की एनसीपी के साथ मिलकर 72 सीटें जीती हैं. 227 सदस्यीय सदन में भाजपा-शिंदे गुट के पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल महापौर पद को लेकर बना हुआ है.

बीएमसी पर दशकों से शिवसेना का मेयर?

बीएमसी में दशकों से शिवसेना का महापौर रहा है और पार्टी टूट के बाद एकनाथ शिंदे के लिए यह पद बेहद अहम माना जा रहा है. शिंदे गुट चाहता है कि मेयर उनकी पार्टी से बने, ताकि यह संदेश जाए कि वही असली शिवसेना है. वहीं बीएमसी में अब तक कभी भाजपा का महापौर नहीं रहा है. ऐसे में उसके लिए भी यह पद अहम हो जाता है.

दूसरी ओर मेयर पद को लेकर बीजेपी-शिवसेना में जारी इस खींचतान के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने नया पासा फेंक दिया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी अगर मेयर चुनाव में अपना उम्मीदवार खड़ी करती है, तो वह इससे अपना कदम पीछे खींच लेगी. शिवसेना (यूबीटी) के 65 पार्षद निर्वाचित हुए हैं. इस तरह अगर वह इस चुनाव से गैरहाजिर रहती है तो 227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 82 पर पहुंच जाएगा. इस तरह 89 पार्षदों के साथ बीजेपी आसानी से अपना मेयर बना सकती है.

क्या विपक्ष भी कर सकता है कोई खेल?

वहीं विपक्ष की बात करें तो शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), मनसे और शरद पवार गुट की एनसीपी को मिलाकर 72 सीटें हैं. कांग्रेस ने 24, AIMIM ने 8 और समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें जीती हैं. अगर पूरा विपक्ष एकजुट होता है, तो संख्या 106 तक पहुंच सकती है, जो बहुमत से कुछ सीटें कम है. हालांकि, राजनीतिक जानकार इसे फिलहाल दूर की कौड़ी मान रहे हैं.

इसी सियासी गणित के चलते शिंदे गुट कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है. चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद सभी 29 नगरसेवकों को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में ठहराया गया, ताकि किसी भी तरह की ‘खरीद-फरोख्त’ की कोशिश न हो सके.

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Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें

Location :

Mumbai,Maharashtra

First Published :

January 19, 2026, 13:55 IST

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