150 राफेल, 60 Su-57, 10 S-400, 210 तेजस और 40 AMCA, भारत सुपर एयर पावर, पाकिस्तान ही नहीं चीन का भी निकलेगा दम!

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Last Updated:January 21, 2026, 11:44 IST

Rafale, Su-57, S-400, Tejas and AMCA Update: आने वाले वक्त में भारत सुपर एयर बनने की राह पर है. राफेल, सुखोई-57, एस-400, तेजस और एम्का फ्यूचर के इस एयर पावर की रीढ़ बनेंगे. इसके लिए भारत ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है. ऐसे में पाकिस्तान का होश ठिकाने लगान लाजिमी है. लेकिन, भारत के इस फ्यूचर प्लान से चीन भी बेदम होता दिख रहा है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले चार से पांच दशक तक भारत इस एयर पावर के दम पर अपनी बादशाहत कायम रख सकता है.

150 राफेल, 60 Su-57, 10 S-400, 210 तेजस और 40 AMCA, भारत बना सुपर एयर पावर!अगले 10 साल भारत को एयर सुपर पावर बनाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए लाखों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं.

Rafale, Su-57, S-400, Tejas and AMCA Update: इसमें कोई शक नहीं है कि मौजूदा वक्त में इंडियन एयरफोर्स कई चुनौतियों का सामना कर रही है. उसके पास लड़ाकू विमानों की भारी कमी है. उसका देसी फाइटर जेट प्लान उस रफ्तार से नहीं चल रहा है जिस रफ्तार में उसे चलना चाहिए था. रूस के यूक्रेन जंग में उलझे होने के कारण वह कई बेहद जरूरी हथियारों की समय पर आपूर्ति नहीं कर पा रहा है. दूसरी तरफ पाकिस्तान और चीन मिलकर गंदा खेल खेल रहे हैं. चीन अपना पांचवीं पीढ़ी फाइटर जेट जे-20 और जे-35 पाकिस्तान को देने की बात कही जा रही है.

उधर, टैरिफ विवाद के कारण अमेरिका के साथ रिश्ते भी गर्मजोशी वाले नहीं है. इस कारण वहां से भी कई बड़े हथियारों की आपूर्ति में देरी हो रही है. मगर, हमें बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है. आने वाले वक्त यानी अगले 10 वर्षों में यह तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है. भारत अगले कुछ सालों में सुपर एयर पावर बनने की तैयारी में है. इस दिशा में कदम बढ़ाए जा चुके हैं. जल्द ही रिजल्ट भी आना भी शुरू हो जाएगा.

सुपर पावर बनने की राह पर

मौजूदा वक्त की बात करें तो भारत अपने एयरफोर्स को सुपर पावर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है. 2035 तक एयरफोर्स के बेड़े में करीब 150 राफेल, 60 5वीं पीढ़ी के रूसी फाइटर जेट सुखोई-57, दुनिया का सबसे तगड़ा डिफेंस सिस्टम एस-400 के 10 यूनिट, 210 से अधिक देसी तेजस फाइटर जेट्स और 40 के करीब देसी फिफ्थ जेन फाइटर जेट्स एम्का शामिल हो चुके होंगे या होने की प्रक्रिया में होंगे. इस फ्यूचर प्लानिंग को देखकर पाकिस्तान क्या अब चीन का दम भी निकलने लगेगा. चीन अपनी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट जे-35 को लेकर बहुत इतरा रहा है. लेकिन, उसे भी पता है कि भारत जिस एम्का प्रोग्राम पर काम कर रहा है वह करीब-करीब छठी पीढ़ी के जेट्स हैं.

फ्रांस से 114 राफेल खरीदने पर अंतिम मुहर लगने वाली है. फोटो- रायटर

150+ राफेल

भारत के पास पहले से 36 राफेल जेट हैं. वह फ्रांस से 114 राफेल की और डील कर रहा है. यह डील अब अंतिम चरण में है और अगले कुछ माह में दोनों देश इस पर साइन कर देंगे. इसके बाद तीन से चार साल के भीतर इसकी डिलिवरी शुरू हो जाएगी. शुरुआती कुछ विमान फ्लाइ-अवे कंडिशन में सीधे फ्रांस से आएंगे. बाकी के विमान इंडिया में बनाएं जाएंगे. यह डील करीब तीन लाख करोड़ रुपये की है. भारत ने अपनी नेवी के लिए 26 मरीन राफेल की भी खरीद की है.

60 सुखोई-57

कहां जा रहा था कि राफेल की डील होने बाद भारत पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की होड़ में शामिल नहीं होगा. लेकिन, अब रिपोर्ट आ रही है कि भारत राफेल के साथ-साथ रूस से 60 सुखोई-57ई का डील करेगा. ये पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स हैं. चीन-पाकिस्तान की जुगलबंदी को टक्कर देने के लिए यह डील की जाएगी. वेबसाइट idrw.org की एक रिपोर्ट में एक सीनियर एयरफोर्स ऑफिसर के हवाले से इसकी पुष्टी की गई है. इतना ही नहीं बीते दिनों इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट छापी है जिसमें कहा गया है कि इसी माह रूसी एक्सपर्स पब्लिक सेक्टर की कंपनी एचएएल को एक रिपोर्ट देने वाले हैं. इस रिपोर्ट में भारत में सुखोई-57ई बनाने पर आने वाले खर्च का आंकलन होगा. भारत पहले ही सुखोई-30 एमकेआई बना चुका है. ऐसे में माना जा रहा है कि उसके पास करीब 50 फीसदी इंफ्रास्ट्रक्च मौजूद हैं.

भारत की योजना रूस से 10 एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम हासिल करने की है. फोटो- रायटर

10 एस-400 डिफेंस सिस्टम

भारत की योजना अटैक के साथ फुल प्रूफ डिफेंस की भी है. एयरफोर्स देश के आसमान को पूरी तरह सुरक्षित बनाना चाहती है. इसके लिए सुदर्शन चक्र प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है. इसमें देसी आकाश और रूसी एफ-400 डिफेंस सिस्टम की भूमिका सबसे अहम है. भारत को अब तक तीन एस-400 डिफेंस सिस्टम मिल चुके हैं, बाकी के दो स्क्वाड्रन जल्द मिलने वाले हैं. इसके अलावा वह रूस के साथ पांच और एस-400 की डील करने की तैयारी में है. यानी वह कुल 10 एस-400 खरीदने की योजना पर काम कर रहा है.

तेजस एमके1ए और एमके-2

भारत देसी फाइटर जेट तेजस प्रोग्राम पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. एयरफोर्स को चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट तेजस एमके1ए की डिलिवरी जल्द शुरू होने वाली है. एयरफोर्स ने पहले 73 तेजस एमके1ए का ऑर्डर दिया था. इसके बाद 97 और तेजस एमके1ए के ऑर्डर पर जल्द अंतिम मुहर लगने वाली है. इसके साथ ही भारत इसी साल तेजस एमके-2 के प्रोटोटाइप को उड़ाने वाला है. यह राफेल और टायफून श्रेणी के विमान होंगे. इसको भी 2030 तक सेना में शामिल करने की योजना है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत ऐसे कम से कम 40 विमानों का ऑर्डर देने की तैयारी में है. यानी अगले 10 सालों में 210 से अधिक तेजस श्रेणी के विमान एयरफोर्स में शामिल होंगे.

भारत अपना फिफ्थ जेन फाइटर जेट प्रोग्राम एम्का शुरू कर चुका है. फोटो- रायटर

देसी पांचवीं पीढ़े के 40 AMCA

भारत ने बीते साल ही अपने एडवांस फाइटर जेट एम्का प्रोग्राम को मंजूरी दी थी. इसके लिए शुरुआत में 15,000 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिए गए. डीआरडीओ पूरी शिद्दत से इस प्रोजेक्ट पर लगा हुआ है. डीआरडीओ की योजना 2030 तक इसका प्रोटोटाइप तैयार करने की है. इसके बाद एयरफोर्स के सुझाव पर उसमें तीन से चार साल तक जरूरी बदलाव किए जाएंगे. फिर 2035 तक इसको एयरफोर्स में शामिल करने का प्लान है. डीआरडीओ 4.5 पीढ़ी के तेजस मार्क-2 फाइटर जेट से काफी कुछ सीख चुका है. तेजस मार्क-2 और एम्का में कई चीजें कॉमन हैं. ऐसे में इस प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने की पूरी संभावना है. रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि भारत के इस एम्का में भरपूर एआई का इस्तेमाल किया जाएगा. ऐसे में यह 5.5 पीढ़ी के जेट बनेंगे, जो चीन के जे-35 से काफी आगे के विमान होंगे.

First Published :

January 21, 2026, 11:40 IST

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