Last Updated:February 12, 2026, 14:08 IST
वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को केंद्र सरकार ने सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है, जिससे बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर को तेज कनेक्टिविटी और व्यापार, पर्यटन में बढ़ावा मिलेगा.

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों से पहले केंद्र सरकार ने राज्य को बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात देने की तैयारी तेज कर दी है. रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड ने देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं. इनमें वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर को सबसे ऊपर रखा गया है, ताकि बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर को जोड़ने वाला ये रूट जल्द धरातल पर उतरे.
रेलवे बोर्ड ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को साफ कहा है कि जिन कॉरिडोर की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार है, उन्हें अपडेट कर मौजूदा लागत, निर्माण खर्च और रिटर्न के हिसाब से तुरंत आगे बढ़ाया जाए. साथ ही वाराणसी-सिलीगुड़ी की डीपीआर को सबसे पहले तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
कौन से हैं 7 प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
मुंबई-पुणे पुणे-हैदराबाद हैदराबाद-बेंगलुरु हैदराबाद-चेन्नई चेन्नई-बेंगलुरु दिल्ली-वाराणसी वाराणसी-सिलीगुड़ीक्या होगी प्राथमिकता
वाराणसी-सिलीगुड़ी
पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार इस कॉरिडोर को सबसे आगे बढ़ाना चाहती है. ये रूट उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को सीधे जोड़ते हुए सिलीगुड़ी के ज़रिये पूर्वोत्तर तक तेज़ कनेक्टिविटी देगा. इससे पर्यटन, व्यापार और सामरिक आवाजाही तीनों को बड़ा फायदा होगा.
दिल्ली-वाराणसी
राजधानी से पूर्वांचल तक हाई-स्पीड कनेक्शन पहले से राजनीतिक और आर्थिक रूप से अहम है. इसकी डीपीआर पहले से काफी आगे है, इसलिए इसे भी जल्दी शुरू करने की तैयारी है.
मुंबई-पुणे
देश का सबसे व्यस्त इंडस्ट्रियल बेल्ट. यहां ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है, इसलिए इस रूट पर भी तेज़ी से काम की संभावना है.
दक्षिण भारत के कॉरिडोर
पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु पर एक साथ तैयारी होगी, लेकिन इनका निर्माण चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा.
कोर टीम को क्या निर्देश
NHSRCL को हर प्रोजेक्ट के लिए फील्ड में कोर टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही पूरे देश में हाई-स्पीड रेल के लिए एक जैसा तकनीकी स्टैंडर्ड तैयार किया जाएगा. मैनपावर ट्रेनिंग, प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी और कॉन्ट्रैक्ट डॉक्यूमेंट्स भी तुरंत शुरू होंगे.
बंगाल के लिए क्यों खास है वाराणसी-सिलीगुड़ी?
उत्तर भारत से बंगाल और पूर्वोत्तर की दूरी घटेगी. सााथ ही पर्यटन दार्जिलिंग, सिक्किम,असम को बढ़ावा मिलेगा. व्यापार और लॉजिस्टिक्स में तेजी सामरिक और सुरक्षा दृष्टि से मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी.
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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज...और पढ़ें
Location :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
February 12, 2026, 14:08 IST

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