Last Updated:January 05, 2026, 09:42 IST
Vande Bharat Sleeper News-वंदेभारत स्लीपर विश्व की बेहतरीन ट्रेनों में एक साबित होने वाली है. भारती की यह पहली सेमी हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन है, जो ओवर नाइट सफर कराएगी. यहां पर लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि यह आधुनिक ट्रेन पावर कट होने के बाद रुक जाएगी या चलती रहेगी. इस ट्रेन में हाईबिड मोड क्यों रखा जा सकता है. आइए जानते हैं-
दो से ढाई घंटे का पॉवर बैकअप है ट्रेन में.नई दिल्ली. भारत की पहली सेमी हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन यानी वंदेभारत स्लीपर जल्द ही आम लोगों के लिए ट्रैक पर दौड़ने वाली है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा कर दी है. 17 या 18 जनवरी को प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा. इस हाईटेक ट्रेन को लेकर लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि बिजली गुल होने पर भी ट्रेन चल सकती है, इसमें डीजल इंजन या अन्य कोई हाईब्रिड मोड है या फिर पॉवर फेल होने पर पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा, आइए जानते हैं-
वंदेभारत एक्सप्रेस देश की सबसे आधुनिक स्लीपर ट्रेन है. इसको तैयार करने से पहले दूसरे देशों की सेमी हाईस्पीड ट्रेनों की स्टडी करायी गयी है. इस तरह विश्व की सबसे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर स्लीपर वंदेभारत को तैयार की गयी है और यह तकनीक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक ट्रेनों में ही इस्तेमाल हो सकती है. यानी पूरी ट्रेन बिजली से चलेगी.
क्या हाईब्रिड जैसी कोई व्यवस्था है
रेलवे मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ट्रेन हाईब्रिड जैसी कोई तकनीक लागू नहीं की जा सकती है. ट्रेन का इंजन या तो डीजल हो सकता है या फिर इलेक्ट्रिक. इस वजह से हाईब्रिड नहीं हो सकती है.
ट्रेन में आगे और पीछे पॉवर कार है.
हाईब्रिड न होने में क्या वजह
मंत्रालय के अनुसार दो तरह की ट्रेनें अभी चल रही हैं, पहली ट्रेन सेट और दूसरी इंजन वाली. ट्रेन सेट वो ट्रेन होती है, जिसमें अलग से इंजन नहीं होता है. पहले और आखिरी कोच में पावर कार के साथ ही बीच में भी पावर बैट्री होती है. इस वजह से ट्रेन कुछ ही सेकेंड में स्पीड पकड़ती है और कुछ ही सेकेंड में धीमी की जा सकती है. क्योंकि कई कोच में पावर होता है. इसी तरह वंदेभारत ट्रेन है. इसके हर दूसरे कोच में पावर बैट्री लगी है. जिससे स्टेशन से ट्रेन छूटने के कुछ ही सेकेंड बाद फुल स्पीड में आ जाती है.
ट्रेन में हाइब्रिड मोड नहीं है, क्योंकि यह ट्रेनसेट टाइप है . ट्रेन में 2-2.5 घंटे का बैटरी-ऑक्सिलियरी बैकअप उपलब्ध है. बैकअप में लाइट्स, फैन, ब्लोअर और अन्य जरूरी सिस्टम चलते रहेंगे. एसी बंद होगा, लेकिन यात्रियों को अंधेरा या गर्मी से तुरंत परेशानी नहीं होगी. ट्रेन ट्रेनसेट है, जिसमें कई कोच में पावर डिस्ट्रीब्यूशन होता है,तेज एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग के लिए.वहीं, इंजन वाली ट्रेन में केवल आगे ( कुछ पुश-पुल वाली ट्रेन हैं जिसमें आगे और पीछे इंजन ) इंजन होता है. इनको स्पीड पकड़ने में और फिर धीमी करने में समय लगता है. इस वजह से दोनों मोड एक साथ नहीं हो सकते हैं.
क्या पावर कट होते ही हो जाएगा अंधेरा
ट्रेन में पावर कट होते ही अंधेरा नहीं होगा. मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ट्रेन में दो से ढाई घंटे का पॉवर बैकअप रहेगा. इस दौरान वंदेभारत स्लीपर में एसी को छोड़कर सारे इलेक्ट्रिक उपकरण चलते रहेंगे. ब्लोवर भी चलेगा. यानी अगर कभी पॉवर कट हो जाए तो ट्रेन भले ही रुक जाए पर यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. लाइट और ब्लोवर तक चलते रहेंगे.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन क्या है?
यह भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन है, जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक ट्रेनसेट है. यह ओवरनाइट लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिज़ाइन की गई है.
ट्रेन की अधिकतम स्पीड कितनी है?
डिज़ाइन स्पीड 180 किमी.प्रति घंटे है, जबकि ऑपरेटिंग/सर्विस स्पीड 160 किमी.प्रति घंटा है.
ट्रेन में कितने कोच और यात्रियों की क्षमता क्या है?
इसमें 16 कोच हैं (AC 1, AC 2 Tier और AC 3) होंगे.इसकी क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है.
क्या ट्रेन में डीजल इंजन या हाइब्रिड मोड है?
नहीं, यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक ट्रेन है. यह ट्रेनसेट टाइप है जिसमें पावर कई कोच में डिस्ट्रीब्यूटेड होती है.
पावर कट होने पर यात्रियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
ट्रेन में 2 से 2.5 घंटे का ऑक्सिलियरी पावर बैकअप (बैटरी/सिस्टम) होता है. इस दौरान लाइट्स, फैन/ब्लोअर, चार्जिंग पॉइंट्स और अन्य जरूरी उपकरण चलते रहेंगे.
Location :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
January 05, 2026, 09:30 IST

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