Last Updated:January 06, 2026, 07:38 IST
SBI Clerk News: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक छोटी सी गलती केरल यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर लैटिन अमेरिकन स्टडीज को भारी पड़ गई. बैंक क्लर्क का एक टाइपो अब पूरे ब्रांच को भारी पड़ रहा है.
केरल यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर लैटिन अमेरिकन स्टडीज को बैंक वालों की एक छोटी सी गलती भारी पड़ गई.केरल यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर लैटिन अमेरिकन स्टडीज को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक छोटी सी गलती भारी पड़ गई. बैंक ट्रांजैक्शन के दौरान हुआ एक छोटा सा ‘टाइपो’ ने यूनिवर्सिटी को करीब 16.5 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा दिया, जिसे अब तक वापस नहीं पाया जा सका है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में ब्राजील के पत्रकार और गेस्ट लेक्चरर मिलान सिमे मार्टिनिक ने चार ऑनलाइन लेक्चर दिए थे. इसके एवज में उन्हें 20 हजार रुपये दिया जाना था. लेकिन पेमेंट के दौरान एसबीआई की तिरुवनंतपुरम टेक्नोपार्क स्थित तेजस्विनी ब्रांच के एक कर्मचारी ने पैसे ट्रांसफर करते समय रुपये के चिन्ह (₹) की जगह डॉलर ($) का इस्तेमाल कर दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि 20 हजार रुपये की बजाय 20 हजार डॉलर ट्रांसफर हो गए.
केरल यूनिवर्सिटी को लगा कितने का चूना?
इस गलती की वजह से यूनिवर्सिटी के खाते से करीब 16.5 लाख रुपये अतिरिक्त निकल गए. यह रकम गेस्ट लेक्चरर की पत्नी कैथलीन मार्टिनिक के खाते में ट्रांसफर हुई थी, जो उस समय नामित अकाउंट था.
यूनिवर्सिटी अधिकारियों के मुताबिक, यह चूक 15 जून 2023 को हुई, जिसका पता काफी बाद में चला. साल 2024 में सेंटर ने इस नुकसान की जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी. इसके बाद गेस्ट लेक्चरर से संपर्क किया गया. सेंटर के प्रमुख गिरीश कुमार ने बताया कि मिलान मार्टिनिक ने अतिरिक्त राशि लौटाने का भरोसा दिया था और दावा किया कि उन्होंने पैसा वापस भेज दिया है, लेकिन यूनिवर्सिटी के खाते में वह रकम कभी नहीं पहुंची.
अब क्या कह रहा स्टेट बैंक?
दरअसल राज्य सरकार ने सेंटर को छात्र विनिमय कार्यक्रम के लिए 20 लाख रुपये मंजूर किए थे. यह राशि बाद में कैथलीन के जरिए एक कंसल्टिंग ग्रुप के खाते में ट्रांसफर की गई. कुछ महीनों बाद मिलान मार्टिनिक का निधन हो गया, जिससे यूनिवर्सिटी के लिए यह रकम वापस पाना और भी मुश्किल हो गया.
मामला उलझता देख सेंटर ने बैंकिंग लोकपाल (ओम्बड्समैन) से शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है. भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए यूनिवर्सिटी से यह भी कहा है कि वह राशि पाने वाले पक्ष पर पैसे लौटाने का दबाव बनाए.
इस पूरे मामले ने न सिर्फ यूनिवर्सिटी को आर्थिक झटका दिया है, बल्कि सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में वित्तीय लेनदेन की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें
Location :
Thiruvananthapuram,Thiruvananthapuram,Kerala
First Published :
January 06, 2026, 07:38 IST

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