Last Updated:January 07, 2026, 14:49 IST
Robert Vadra on Hindus: रॉबर्ट वाड्रा ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और अत्याचार को लेकर फेसबुक पोस्ट किया. हालांकि इस पोस्ट में लिखी उनकी बातों से ज्यादा चर्चा उनके नए अवतार की हो रही है. जानें इन तस्वीर के पीछे छिपा संदेश और उनका मकसद क्या है?
रॉबर्ट वाड्रा का एक ताजा फेसबुक पोस्ट खूब चर्चा में है.कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का एक ताजा फेसबुक पोस्ट काफी चर्चा में है. इस पोस्ट में रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी तस्वीर भी लगाई है, जिसमें वह बिल्कुल अलग अवतार में दिख रहे हैं. वाड्रा यहां माथे पर त्रिपुंड लगाए दिख रहे हैं और उनके पीछे तिरंगा लहरा रहा है. अपनी इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर बात की है, लेकिन सोशल मीडिया पर रॉबर्ट वाड्रा के बयान से ज्यादा उनके इस नए अवतार की हो रही है. कई लोग इसे सीधा उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षा से जोड़कर देख रहे हैं. माना जा रहा है कि वाड्रा राजनीति में आने के लिए खूब हाथ-पैर मार मार रहे हैं और बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा पर उनका यह पोस्ट उसी का हिस्सा है.
रॉबर्ट वाड्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. उन्होंने हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही भाषा में किए इस पोस्ट में लिखा, ‘मैं बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. वहां की सरकार में जारी अस्थिरता, प्रशासनिक विफलताएं या वैचारिक परिवर्तन किसी भी रूप में किसी समुदाय पर हिंसा और उत्पीड़न को सही नहीं ठहरा सकते.’
रॉबर्ट वाड्रा की पोस्ट में क्या?
इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है कि किसी अन्य देश की आंतरिक अव्यवस्था का खामियाज़ा भारतीयों और खासकर हिंदुओं को भुगतना पड़े. मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को कभी भी राजनीतिक अराजकता की बलि नहीं चढ़ाया जा सकता.’
अपने इस पोस्ट के साथ उन्होंने ॐ और तिरंगे का इमोजी भी लगाया है. धार्मिक और राष्ट्रवादी प्रतीकों के इस संयोजन को कई लोग वाड्रा के ‘नए अवतार’ को राजनीति के चश्मे से देखा जा रहा है. वैसे भी रॉबर्ट वाड्रा अपनी राजनीतिक महत्वकाक्षाओं को खुलकर पेश करते रहे हैं. अप्रैल 2025 में उन्होंने कहा था, ‘अगर कांग्रेस कॉल करेगी, तो मैं परिवार की सहमति से राजनीति में कदम रखूंगा.’ इससे पहले नवंबर 2024 में भी उन्होंने साफ कहा था, ‘अगर लोग चाहेंगे तो मैं राजनीति में आ सकता हूं.’
वाड्रा के अरमानों पर कांग्रेस का पानी
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले वे अमेठी या रायबरेली से चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके थे. उन्होंने कहा था कि ‘मैं लोगों की सेवा के लिए तैयार हूं.’ उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि उन्हें जमीनी मुद्दों और आम लोगों की समस्याओं से जुड़ने में रुचि है. हालांकि कांग्रेस अभी तक उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं पर ज्यादा तवज्जो देती नहीं दिखी है और कोई राजनीतिक पद या चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा नहीं की है.
वाड्रा का हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर खुलकर बोलना और उसे धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रस्तुत करना कई सवाल खड़े कर रहा है. क्या यह केवल मानवीय संवेदना का मामला है, या इसके पीछे भविष्य की राजनीतिक रणनीति भी छिपी है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बदलते राजनीतिक माहौल में रॉबर्ट वाड्रा खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय हित, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखता है. कुल मिलाकर, रॉबर्ट वाड्रा का यह पोस्ट सिर्फ एक बयान भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे उनके संभावित राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है.
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An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
January 07, 2026, 14:49 IST

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