रेगिस्तान की तुलसी खेजड़ी, किसान, फसल और प्रकृति की सबसे बड़ी साथी

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जहां बूंद-बूंद को तरसता है रेगिस्तान, वहां खेजड़ी देती है संजीवनी

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जहां बूंद-बूंद को तरसता है रेगिस्तान, वहां खेजड़ी देती है संजीवनी

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राजस्थान के शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्र में खेजड़ी का पेड़ जीवन का आधार माना जाता है. बेहद कम पानी में जीवित रहने वाला यह पेड़ मरुस्थल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को संजीवनी देता है. खेजड़ी न केवल किसानों की फसलों के लिए सहायक है, बल्कि पशुओं, वन्य जीवों और मानव जीवन के लिए भी वरदान है. इसकी गहरी जड़ें जमीन की नमी को खींचकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं. धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से खेजड़ी को ‘रेगिस्तान की तुलसी’ कहा जाता है. वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह पेड़ पर्यावरण संतुलन और कार्बन अवशोषण में अहम भूमिका निभाता है.

Last Updated:February 04, 2026, 15:25 ISTबीकानेरदेश

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