प्रेमानंद महाराज को लेकर आई खबर, होली के बाद कब तक नहीं होंगे दर्शन? भक्त जान लें

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Last Updated:February 24, 2026, 11:26 IST

होली के बाद वृंदावन में प्रेमानंद महाराज का जन्‍मोत्‍सव मनाया जाएगा, ज‍िसके चलते होली के बाद श्री राधा केलि कुंज आश्रम में महाराज के दर्शन और एकांत‍िक वार्तालाप के टोकन नहीं मिलेंगे. 18 मार्च के बाद ही टोकन म‍िल सकेंगे और 19 मार्च के बाद ही प्रेमानंद जी के दर्शन भक्‍त कर सकेंगे.

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प्रेमानंद महाराज का जन्‍मद‍िन मार्च में आने वाला है, उनके दर्शन और एकांत‍िक वार्तालाप को लेकर जानें अपडेट.

Premanand Maharaj Janamdin news: वृंदावन के प्रसिद्ध संत और रसिक प्रेमानंद महाराज के भक्त और चाहने वाले सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हैं. उनकी एक झलक पाने के लिए सैकड़ों भक्त रोजाना उनके श्री राधा केलि कुंज आश्रम में पहुंचते हैं. बहुत सारे भक्त अपने जीवन की समस्याओं और सवालों को लेकर उनके पास पहुंचते हैं और एकांतिक वार्तालाप में उनसे शास्त्रसम्मत जवाब पाकर संतुष्ट होते हैं. हालांकि उनके दर्शनों और एकांतिक वार्तालाप को लेकर अभी हाल ही में बड़ा अपडेट आया है, जिसे जान लेना जरूरी है, नहीं तो भक्तों को परेशान होना पड़ सकता है.

प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केलि कुंज परिकर की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है होली के बाद प्रेमानंद महाराज के दर्शनों और एकांतिक वार्तालाप के लिए आने वाले भक्तों को टोकन नहीं मिलेंगे. बताया गया कि 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक केलिकुंज आश्रम में पूज्य गुरुदेव का जन्मोत्सव मनाया जाएगा.ऐसे में इस दौरान आश्रम में एकांतिक वार्तालाप और दर्शन आदि के टोकन नहीं मिलेंगे. इस दौरान सिर्फ महाराज जी से दीक्षित परिकर ही आश्रम में प्रवेश कर सकेंगे.

केलि कुंज परिकर के मुताबिक टोकन की लाइन 11 मार्च से ही बंद हो जाएगी और 18 मार्च से लाइन शुरू हो सकती है. हालांकि महाराज जी के दर्शन 19 मार्च के बाद ही होंगे. ऐसे में इस सूचना के अनुसार ही भक्त अपनी योजना बनाएं.

बता दें कि 3 और 4 मार्च को होली और फिर हुरंगों के आयोजनों को देखने के लिए देश और दुनिया से लाखों की संख्या में भक्त पूरे ब्रज और बरसाना की होली में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे. इसके बाद संभव है कि अगर वे प्रेमानंद जी के दर्शन भी करना चाहते हैं तो उनके पास 5 मार्च से 10 मार्च तक का समय रहेगा. इसके बाद एकांतिक वार्तालाप और दर्शनों के लिए भक्तों को एक हफ्ते का इंतजार करना होगा.

ब्रज की होली में बरसेगा आनंद
बता दें कि ब्रज की होली पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. रंगभरनी एकादशी से ही वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में भरपूर गुलाल और रंगों की होली शुरू हो जाती है और यह धुलेंडी के दिन तक चलती है. इसके बाद नंदगांव सहित कई गांवों में हुरंगे का आयोजन होता है. जबकि होली के दिन फालैन में रात को पंडा जलती होली से भी गुजरता है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्...और पढ़ें

Location :

Vrindavan,Mathura,Uttar Pradesh

First Published :

February 24, 2026, 11:26 IST

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