Thailand-Cambodia : थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे सीमा विवाद में एक नया मोड़ आ गया है. थाईलैंड ने उस विवादित इलाके में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कर दी है, जहां कुछ हफ्ते पहले भगवान विष्णु की मूर्ति को जेसीबी से हटाया गया था. उसके इस कदम पर कंबोडिया ने गहरी नाराजगी जताते हुए इसे उकसावे वाली कार्रवाई कहा है.
सहयोगी वेबसाइट WION की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस इलाके में थाईलैंड ने गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की है. उसे थाईलैंड में एन मा और कंबोडिया में एन सेस के नाम से जाना जाता है. दोनों देश उस क्षेत्र पर लंबे वक्त से अपना-अपना दावा करते रहे हैं.
पहले हटाई गई थी भगवान विष्णु की मूर्ति?
जिस इलाके में यह प्रतिमा स्थापित की गई है. वहां पर दोनों मुल्कों के बीच नवंबर-दिसंबर 2025 में झड़प हो चुकी है. इसी दौरान थाईलैंड की सेना ने विवादित इलाके पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद वहां पर लगी भगवान विष्णु की मूर्ति को जेसीबी की मदद से हटा दिया था.
थाई सेना का दावा है कि यह मूर्ति साल 2013 में कंबोडियाई सेना ने उस जमीन पर लगाई थी. जिसे थाईलैंड अपना इलाका मानता है. इसीलिए भगवान विष्णु की प्रतिमा हटाने की कार्रवाई की गई. वहीं थाई सेना इस आरोप को गलत बताती है.
उसके मुताबिक, यह कदम किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं उठाया गया. इसके पीछे का मकसद क्षेत्र पर अपना नियंत्रण दिखाना था.
बुद्ध की प्रतिमा लगाने का क्या है मकसद?
करीब एक महीने बाद अब उसी इलाके में थाई सेना ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की है. थाई सेना का कहना है कि यह कदम पूरी तरह धार्मिक है. इसका मकसद स्थानीय लोगों का मनोबल बढ़ाना है.
थाई सेना का कहना है कि इसका उद्देश्य किसी भी धर्म या देश का अपमान करना नहीं है. यह धार्मिक स्वतंत्रता के तहत किया गया कार्य है. थाईलैंड ने कंबोडिया पर इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है.
यह मूर्ति हमारे क्षेत्र में स्थित थी- कंबोडिया
वहीं कंबोडिया ने इस कदम को सीजफायर की भावना के खिलाफ बताया है. वहां की सरकार का कहना है कि यह इलाका उनके नियंत्रण में आता है. ऐसे में वहां पर किसी भी तरह का निर्माण तनाव बढ़ा सकता है.
कंबोडिया के सरकारी प्रवक्ता किम चानपन्हा ने इस मुद्दे पर सरकार की ओर से बयान जारी किया. उन्होंने कहा, 'यह मूर्ति हमारे क्षेत्र में स्थित थी. हम प्राचीन मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने की कड़ी निंदा करते हैं. ये बौद्ध और हिंदू दोनों समुदायों की आस्था से जुड़े हैं. ऐसे में थाईलैंड के ऐसे कदम शांति प्रक्रिया को कमजोर करते हैं.'
भारत दे चुका है कड़ी प्रतिक्रिया
इस मसले पर भारत ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन वह भगवान विष्णु की प्रतिमा हटाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुका है. भगवान विष्णु की मूर्ति तोड़े जाने पर भारत ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया था. साथ ही कहा था कि ऐसी हरकतों से दुनियाभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचती है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि हिंदू और बौद्ध देवी-देवता हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत हैं. इसलिए सभी को उनका सम्मान करना चाहिए. उन्होंने दोनों पक्षों से इस मुद्दे पर संयम बरतने की अपील की थी.

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