पलामू टाइगर रिजर्व में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी, आजीविका के साथ सशक्तिकरण की नई मिसाल

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Last Updated:March 10, 2026, 10:40 IST

पलामू टाइगर रिजर्व झारखंड का इकलौता टाइगर रिजर्व है. यह न केवल जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां स्थानीय लोगों की भागीदारी से संरक्षण का अनूठा मॉडल भी विकसित किया जा रहा है. खासकर महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. इससे संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी नया आधार मिल रहा है.

पलामू टाइगर रिजर्व झारखंड का इकलौता टाइगर रिजर्व है. यह न केवल जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां स्थानीय लोगों की भागीदारी से संरक्षण का अनूठा मॉडल भी विकसित किया जा रहा है. खासकर महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. इससे संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी नया आधार मिल रहा है.

जन भागीदारी से जुड़ी पहल
डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने लोकल18 को बताया कि पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन की ओर से जन भागीदारी के तहत कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना और उन्हें सतत रोजगार उपलब्ध कराना है. इसके जरिए ग्रामीणों को प्रकृति और वन्यजीवों के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है.

महिलाओं को मिल रहा रोजगार का अवसर
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय महिलाओं को मिल रहा है. कई महिलाएं पढ़ाई करने के बाद भी रोजगार से दूर थीं. लेकिन अब उन्हें टाइगर रिजर्व से जुड़ी गतिविधियों में शामिल कर आजीविका का अवसर दिया जा रहा है. इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

सर्वे के जरिए चुनी जा रहीं महिलाएं
प्रबंधन की ओर से गांवों में सर्वे कर युवाओं और महिलाओं की पहचान की जा रही है. जिन महिलाओं में काम करने की इच्छा और क्षमता है, उन्हें प्रशिक्षण के लिए चुना जाता है. इसके बाद उन्हें विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ा जा रहा है.

महिला गाइड की नई पहचान
पलामू टाइगर रिजर्व में महिला गाइड की पहल को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. कई महिलाएं प्रशिक्षण लेकर गाइड के रूप में काम कर रही हैं. वे पर्यटकों को जंगल, वन्यजीव और स्थानीय संस्कृति के बारे में जानकारी देती हैं. इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है बल्कि उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हो रहा है.

पर्यटकों की सराहना
टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटक भी महिला गाइड की पहल की सराहना कर रहे हैं. कई विजिटर खास तौर पर महिला गाइड की मांग करते हैं. इससे महिलाओं के काम को पहचान मिल रही है और यह पहल महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बन रही है.

इको विकास समिति से भी जुड़ाव
इको विकास समिति के माध्यम से भी कई महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है. महिलाओं ने श्रमदान के जरिए वाटरशेड विकास, घास के मैदान तैयार करने और अन्य संरक्षण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ गांव की महिलाओं को भी रोजगार मिला है.

भविष्य में बढ़ेगी भागीदारी
पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण को और बढ़ावा दिया जाएगा. विभिन्न योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें रोजगार से जोड़ने के नए अवसर दिए जाएंगे. इससे संरक्षण और आजीविका दोनों को मजबूती मिलेगी.

Location :

Palamu,Jharkhand

First Published :

March 10, 2026, 10:40 IST

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