न कोई दवा, न कॉपर टी, बांह में इस छोटी सी चीज को लगाकर 3 साल तक रोक सकते हैं अनचाही प्रेगनेंसी

2 hours ago

Last Updated:January 28, 2026, 23:59 IST

Easiest Way To Avoid Unwanted Pregnancy: कई सालों से महिलाएं गर्भनिरोध के लिए गोलियों, इंजेक्शन, कंडोम और आईयूडी पर निर्भर रही हैं. लेकिन अब अनचाही गर्भधारण से बचने का तरीका आसान हो गया है. एक्सपर्ट ने एक ऐसा अविष्कार किया है, जिसे बांह में इंप्लांट करके 3 साल तक प्रेगनेंसी से बचा जा सकता है.

आजकल लोग फैमिली प्लानिंग के बारे में पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं. अब तक कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां, इंजेक्शन या आईयूडी (इंट्रायूटेराइन डिवाइस) जैसे तरीके आम तौर पर इस्तेमाल किए जाते रहे हैं. हालांकि, कई महिलाओं को गोलियों से साइड इफेक्ट या आईयूडी से असुविधा का सामना करना पड़ता है, जिससे इन विकल्पों को लंबे समय तक अपनाना मुश्किल हो जाता है.

अगर गर्भनिरोध का उपाय त्वचा के नीचे लगाई जाने वाली एक छोटी सी सुई से संभव हो जाए तो कैसा रहेगा? मेडिकल साइंस ने इसे संभव कर दिखाया है. बांह में लगाया जाने वाला एक छोटा सा इम्प्लांट तीन साल तक प्रेग्नेंसी को रोक सकता है. ये एडवांस मैथड अब तक महाराष्ट्र सहित भारत के कुछ हिस्सों में अपनाई जा चुकी है.

गर्भनिरोध की यह नई विधि क्या है? चिकित्सकीय रूप से, इस विधि को 'सबडर्मल इम्प्लांट' कहा जाता है. यह बहुत छोटा होता है, लगभग माचिस की तीली के आकार का. गोलियों या गर्भाशय में लगाए जाने वाले उपकरणों के विपरीत, इस इम्प्लांट को कोहनी के पास त्वचा के ठीक नीचे लगाया जाता है.

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इंप्लांट कैसे काम करता है? त्वचा के नीचे लगाने के बाद, इंप्लांट धीरे-धीरे शरीर में प्रोजेस्टिन नामक हार्मोन छोड़ता है. यह हार्मोन दो मुख्य तरीकों से काम करता है. पहला, यह अंडे के निर्माण को रोकता है. दूसरा, यह शुक्राणु को अंडे तक पहुंचने से रोकता है. इंप्लांट लगाने के बाद, तीन साल तक किसी अन्य गर्भनिरोधक विधि की आवश्यकता नहीं होती है.

क्या इम्प्लांट हटाने के बाद प्रजनन क्षमता वापस आ सकती है? जी हां.... यदि कोई महिला गर्भधारण करना चाहती है, तो डॉक्टर की मदद से इसे कभी भी हटाया जा सकता है. इम्प्लांट हटाने के कुछ दिनों के भीतर प्राकृतिक प्रजनन क्षमता आमतौर पर वापस आ जाती है. आईयूडी के विपरीत, इसमें जननांग क्षेत्र में कोई चीरा नहीं लगाया जाता, गर्भाशय में इम्प्लांट नहीं डाला जाता, और संक्रमण या असुविधा का जोखिम बहुत कम होता है.

महाराष्ट्र में यह सुविधा कहां उपलब्ध है? यह सेवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शुरू की गई है. वर्तमान में, यह महाराष्ट्र के छह माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है, जिनमें जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. भविष्य में, मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम का और विस्तार होने की उम्मीद है.

इंप्लांट कैसे लगाया जाता है? इंप्लांट को एक छोटी सी सर्जिकल प्रक्रिया के माध्यम से लगाया जाता है जिसमें केवल कुछ मिनट लगते हैं. इसे हमेशा किसी योग्य डॉक्टर के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए.

सबडर्मल इंप्लांट को परिवार नियोजन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है. यह महिलाओं को गर्भनिरोधक का एक सुरक्षित, दीर्घकालिक और परेशानी मुक्त विकल्प प्रदान करता है.

First Published :

January 28, 2026, 23:59 IST

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