Last Updated:February 07, 2026, 09:15 IST
Tirupati Laddu Row: तिरुपति लड्डू विवाद ने आंध्र प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया कि लड्डू बनाने में इस्तेमाल घी में बाथरूम साफ करने वाला केमिकल मिलाया गया था. वहीं जगन मोहन रेड्डी ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया. CBI रिपोर्ट में केमिकल मिलावट के संकेत मिले हैं, लेकिन जानवर की चर्बी मिलने की पुष्टि नहीं हुई.

Tirupati Laddu Row: आंध्र प्रदेश की राजनीति में तिरुपति लड्डू विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया है कितिरुपति मंदिर के प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी में बाथरूम साफ करने वाले केमिकल का इस्तेमाल किया गया था. यह आरोप बेहद गंभीर माना जा रहा है. नायडू ने सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि यह मामला श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है. इस खुलासे के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. विपक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. मामले ने धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ सियासी बहस को भी तेज कर दिया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस विवाद की जड़ें पिछले सरकार से जोड़ी जा रही हैं. आरोप है कि 2019 से 2024 के बीच तिरुपति लड्डू के लिए इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट हुई. मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि यह सिर्फ तिरुपति तक सीमित नहीं हो सकता. उन्होंने संकेत दिए कि अन्य मंदिरों में भी ऐसा हो सकता है. दूसरी ओर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है. उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उछाला जा रहा है.
क्या कहती है जांच रिपोर्ट?
CBI की चार्जशीट में दावा किया गया है कि तिरुपति लड्डू के घी में जानवर की चर्बी नहीं मिली, लेकिन इसमें प्लांट ऑयल और कुछ केमिकल मिलाए जाने के संकेत मिले हैं. रिपोर्ट के अनुसार जांच में सामने आया कि कुछ कंपनियों के जरिए लैक्टिक एसिड और LABSA जैसे पदार्थ की आपूर्ति की गई. LABSA को नॉन-फूड ग्रेड और खतरनाक इंडस्ट्रियल केमिकल बताया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.
इस मामले में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने आरोप लगाया है कि 2022 से 2024 के बीच फर्जी बिल बनाकर केमिकल की आपूर्ति की गई. आरोप है कि कुछ कंपनियों ने अनौपचारिक माध्यमों जैसे व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर जारी किए. बताया गया कि हजारों किलो केमिकल डेयरी कंपनियों को सप्लाई किया गया था. इस खुलासे के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है. वहीं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है. जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि सीबीआई रिपोर्ट में कहीं भी पशु वसा मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाई गई जांच समिति सिर्फ दिखावा है. रेड्डी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल धार्मिक मुद्दों को राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रहा है.तिरुपति लड्डू विवाद क्या है?
यह विवाद तिरुपति मंदिर के प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट के आरोपों से जुड़ा है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया है कि इसमें बाथरूम साफ करने वाले केमिकल का इस्तेमाल किया गया. हालांकि CBI रिपोर्ट में जानवर की चर्बी मिलने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन केमिकल और प्लांट ऑयल मिलाने की बात सामने आई है.
LABSA केमिकल क्या है और इसे खतरनाक क्यों माना जा रहा है?
LABSA एक इंडस्ट्रियल केमिकल है जिसका उपयोग सफाई उत्पादों में किया जाता है. यह खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल के लिए मान्य नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार इसके सेवन से शरीर के अंदरूनी अंगों को नुकसान हो सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.
इस विवाद पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया रही है?
तेलुगु देशम पार्टी ने इस मामले को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है. वहीं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रचार करार दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि सीबीआई रिपोर्ट सरकार के आरोपों का समर्थन नहीं करती और इस मुद्दे को अदालत में चुनौती दी जाएगी.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
February 07, 2026, 09:15 IST

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