डील पर व्हाइट हाउस ने जारी किया ज्वाइंट स्टेटमेंट, समझें भारत-US बयान की 11 बड़ी बातें

1 hour ago

India US trade deal 2026: अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों ने एक ट्रेड समझौते का ढांचा तैयार किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के लिए बड़ा और सबसे बेहतरीन कदम बताया है. दोनों नेताओं का कहना है कि ये समझौता आपसी सहयोग के लिए नए रास्ते खोलने का काम करेगा, इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों की कंपनियों को नए बाजार मिलेंगे. व्हाइट हाउस की ओर से जारी ज्वाइंट स्टेटमेंट में इस समझौते को आने वाले महीनों में होने वाली बड़ी डील की नींव बताया गया है.

आम लोगों को होगा फायदा-  PM मोदी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत से अमेरिका आने वाले सामान पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा. पहले ये दर 25 फीसदी तक थी, उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल खरीद को रोकने पर सहमति जताई है. ट्रंप का दावा है कि इससे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों को समर्थन मिलेगा. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ आते हैं. तो इसका सीधा फायदा आम लोगों को होता है.

1- अमेरिकी कंपनियों के लिए फायदेमंद
इस समझौते के तहत भारत ने अमेरिका से आने वाले लगभग सभी औद्योगिक सामानों पर टैक्स घटाने या हटाने पर सहमति दी है. इसके साथ ही कई अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर भी शुल्क कम किया जाएगा. इसमें पशु चारे के लिए इस्तेमाल होने वाला ज्वार, ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, मेवे, सोयाबीन तेल और शराब शामिल हैं. इससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में अपना कारोबार बढ़ाना आसान हो जाएगा.

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2- अमेरिका लगाएगा 18 फीसदी टैक्स
टैक्स हटाने की सहमती के बाद अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 18 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का फैसला किया है. ये शुल्क कपड़ों, चमड़े, जूतों, प्लास्टिक, रबर, ऑर्गेनिक केमिकल, सजावटी सामान, हस्तशिल्प और मशीनरी जैसे उत्पादों पर लागू होगा. इसका मतलब ये है कि इन भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में एक तय दर से टैक्स लिया जाएगा.

3-भारत के लिए राहत की उम्मीद
इस समझौते के पूरी तरह लागू होने पर भारत के लिए राहत की भी उम्मीद है. अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह भारत से जाने वाले रत्न, हीरे, विमान के पुर्जों और जेनेरिक दवाओं पर लगाए गए कुछ अतिरिक्त टैरिफ हटा सकता है. ये वही उत्पाद हैं जो एक अलग आदेश की सूची में शामिल हैं. इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिल सकता है.

4-विमान से जुड़े पुर्जों से हटा लिए जाएंगे टैक्स
ज्वाइंट स्टेटमेंट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका कुछ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ वापस लेगा. ये टैरिफ पहले भारत से आने वाले विमान और विमान से जुड़े पुर्जों पर लगाए गए थे. ये शुल्क एल्यूमिनियम, स्टील और कॉपर से जुड़े पुराने सुरक्षा नियमों के तहत लगाए गए थे. अब इन्हें धीरे धीरे हटाने की बात कही गई है.

5- इंडियन ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर भी छूट
इसके अलावा भारत को अमेरिका के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में खास बाजार पहुंच दी जाएगी. खासतौर पर ऑटोमोबाइल पार्ट्स के मामले में भारत को तय सीमा के भीतर कम टैरिफ पर निर्यात करने की सुविधा मिलेगी, और दवाओं के क्षेत्र में भी बातचीत होगी. इसका फैसला अमेरिका की सेक्शन 232 जांच के बाद किया जाएगा.

6- खास सेक्टरों में मिल सकती है छूट
दोनों देशों ने यह भी तय किया है कि वे एक दूसरे को रणनीतिक और जरूरी क्षेत्रों में प्राथमिक बाजार पहुंच देंगे. यानी कुछ खास सेक्टर में भारत और अमेरिका एक दूसरे को लंबे समय तक छूट देंगे. इससे दोनों देशों की कंपनियों को स्थिर और भरोसेमंद बाजार मिलने में मदद मिलेगी.

7- रूल्स ऑफ ओरिजिन
समझौते में रूल्स ऑफ ओरिजिन पर भी सहमति बनी है. इसका मकसद यह तय करना है कि इस डील का फायदा सिर्फ भारत और अमेरिका को ही मिले, किसी तीसरे देश के जरिए सामान भेजकर गलत तरीके से लाभ न लिया जा सके. इससे व्यापार में पारदर्शिता बनी रहेगी.

8- गैर टैरिफ बाधाओं को हटाया जाएगा
गैर टैरिफ बाधाओं को हटाने पर भी जोर दिया गया है. भारत ने अमेरिका के मेडिकल उपकरणों से जुड़े पुराने मुद्दों को सुलझाने का भरोसा दिया है. आईसीटी उत्पादों के आयात लाइसेंस से जुड़े नियम आसान किए जाएंगे. कुछ जरूरी उत्पादों के लिए अमेरिकी या अंतरराष्ट्रीय मानकों को मानने की प्रक्रिया की छह महीने में समीक्षा होगी.

9- अमेरिकी कृषि उत्पाद को भारत में पहुंचाने का करेंगे काम
कृषि व्यापार से जुड़ी तकनीकी और प्रक्रियागत दिक्कतों को भी दूर करने पर सहमति बनी है. अमेरिका का कहना था कि कई नियमों के कारण उसके कृषि उत्पाद भारत में आसानी से नहीं पहुंच पाते. अब दोनों देश मिलकर इन बाधाओं को कम करने पर काम करेंगे.

10- सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर करेंगे काम 
इस समझौते का एक अहम हिस्सा आर्थिक सुरक्षा और टेक्नोलॉजी से जुड़ा है. भारत और अमेरिका सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर साथ काम करेंगे, निवेश की जांच, निर्यात कंट्रोल और तीसरे देशों की अनुचित व्यापार नीतियों से निपटने पर भी सहयोग बढ़ाया जाएगा. साथ ही जीपीयू, डेटा सेंटर हार्डवेयर और दूसरी नई तकनीकों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा.

11- भारत करेगा 500 अरब डॉलर की खरीद
इस पूरे ढांचे में सबसे बड़ा ऐलान भारत की ओर से बड़ी खरीद को लेकर है. भारत अगले पांच साल में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान उपकरण, कीमती धातुएं, तकनीकी सामान और कोकिंग कोल खरीदने की योजना बना रहा है. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार का स्तर काफी बढ़ने की उम्मीद है.

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