Last Updated:January 02, 2026, 14:29 IST
S Jaishankar News: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को फिर सुनाया है. उन्होंने साफ कहा कि भारत आतंकवाद से अपनी रक्षा करने के लिए स्वतंत्र है. कोई देश यह नहीं बताएगा कि भारत को क्या करना चाहिए और क्या नहीं. अरुणाचल प्रदेश मामले पर एस जयशंकर ने चीन को भी अच्छे से समझाया है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर से पाकिस्तान को सुनाया है. (फाइल फोटो)भारत के विदेश मंंत्री एस जयशंकर ने अपने पड़ोसियों को अच्छे से सुनाया है. एस जयशंकर ने शुक्रवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि किसी को भारत को ज्ञान देने की जरूरत नहीं है कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं. भारत को उन पड़ोसियों से खुद का बचाव करने का पूरा अधिकार है जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं और साथ ही नई दिल्ली से सहयोग भी मांगते हैं. पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए विदेश मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अच्छे पड़ोसी संबंध लगातार आतंकवाद की हरकतों के साथ नहीं चल सकते. एस जयशंकर ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन को भी सुना दिया.
आईआईटी मद्रास में एक कार्यक्रम में बोलते हुए एस जयशंकर ने कहा, ‘जब बात बुरे पड़ोसियों की आती है जो आतंकवाद फैलाते रहते हैं, तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह जो भी जरूरी होगा, करेगा. आप हमसे यह नहीं कह सकते कि हम आपके साथ अपना पानी शेयर करें और साथ ही आप हमारे देश में आतंकवाद भी फैलाएं.’ जयशंकर का इशारा साफ तौर पर सिंधु समझौते से था.
भारत की पड़ोस नीति के बारे में बताते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का नजरिया कॉमन सेंस पर आधारित है, जो सहयोगी पड़ोसियों और दुश्मन पड़ोसियों के बीच साफ़ फ़र्क करता है. उन्होंने कहा, ‘आपके बुरे पड़ोसी भी हो सकते हैं. बदकिस्मती से हमारे हैं. जब आपके बुरे पड़ोसी होते हैं, तो पश्चिम वाले को देखिए. अगर कोई देश यह तय करता है कि वह जानबूझकर, लगातार और बिना पछतावे के आतंकवाद जारी रखेगा, तो हमें अपने लोगों को आतंकवाद से बचाने का अधिकार है. हम उस अधिकार का इस्तेमाल करेंगे. हम उस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे, यह हम पर निर्भर करता है. कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए. हम खुद को बचाने के लिए जो कुछ भी करना होगा, वह करेंगे.’
जयशंकर ने पाकिस्तान को सुनाया
एस जयशंकर ने आतंकवाद को क्षेत्रीय सहयोग में भरोसे की कमी से भी जोड़ा, खासकर पानी-बंटवारे के समझौतों जैसे क्षेत्रों में. जयशंकर ने कहा कि ‘कई साल पहले हमने पानी-बंटवारे की व्यवस्था पर सहमति जताई थी, लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद होता है, तो अच्छी पड़ोसी की भावना नहीं रहती है. अगर अच्छी पड़ोसियत नहीं है, तो आप यह नहीं कह सकते, ‘कृपया मेरे साथ पानी शेयर करें, लेकिन मैं आपके साथ आतंकवाद जारी रखूंगा.’ यह मुमकिन नहीं है.’
भारत का अरुणाचल प्रदेश पर चीन को स्पष्ट संदेश
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शंघाई एयरपोर्ट पर अरुणाचल प्रदेश की एक महिला के साथ चीनी इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर की गई बदसलूकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. जयशंकर ने कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा. इस तरह की रणनीतियां ज़मीनी हकीकत को बदल नहीं सकतीं.’ उन्होंने आगे कहा कि भारत ने इस घटना पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे कदमों से वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं आएगा.
विदेश मंत्री ने भारत के रुख को दोहराया
विदेश मंत्री जयशंकर ने यह भी कहा कि लोगों की आवाजाही को लेकर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और नियम मौजूद हैं, जिनका पालन सभी देशों को करना चाहिए. भारत को उम्मीद है कि सभी देश इन नियमों का सम्मान करेंगे. अंत में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट, दृढ़ और अडिग है, और देशवासियों को इस पर पूरी तरह आश्वस्त रहना चाहिए.
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Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho...और पढ़ें
First Published :
January 02, 2026, 13:50 IST

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