Last Updated:January 05, 2026, 23:27 IST
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं. (फाइल फोटो) नई दिल्ली/अहमदाबाद. भारत और जर्मनी के द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations) को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ अगले सप्ताह अपनी पहली भारत यात्रा पर आ रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस यात्रा की आधिकारिक घोषणा की. मंत्रालय के मुताबिक, फ्रेडरिक मर्ज़ 12 जनवरी को भारत पहुंचेंगे. यह उनका दो दिवसीय दौरा होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अहमदाबाद में जर्मन नेता का भव्य स्वागत करेंगे. इस यात्रा का मकसद व्यापार, निवेश और रक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है.
जर्मन चांसलर की यह यात्रा काफी खास मानी जा रही है. पीएम मोदी 12 जनवरी को अहमदाबाद में फ्रेडरिक मर्ज़ की अगवानी करेंगे. दोनों नेताओं के बीच यहां अहम द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह यात्रा उच्च राजनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच हो रही नियमित बातचीत की गति को और आगे बढ़ाएगी. गुजरात में जर्मन निवेश और औद्योगिक सहयोग पर भी चर्चा हो सकती है.
व्यापार, निवेश और रक्षा पर फोकस: इस दौरे का एजेंडा बहुत स्पष्ट है. भारत और जर्मनी अपनी रणनीतिक साझेदारी को अगले लेवल पर ले जाना चाहते हैं.
* रक्षा और सुरक्षा: दोनों देश डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे.
* ट्रेड और इन्वेस्टमेंट: जर्मन कंपनियों द्वारा भारत में निवेश और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर चर्चा होगी.
* टेक्नोलॉजी: नई तकनीकों और ग्रीन एनर्जी में साझेदारी भी एजेंडे में शामिल है.
बेंगलुरु भी जाएंगे जर्मन चांसलर
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ यानी बेंगलुरु भी जाएंगे. वहां वे आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं और बिजनेस लीडर्स से मुलाकात कर सकते हैं. जर्मनी अपनी इंडस्ट्रीज के लिए भारत के स्किल्ड वर्कफोर्स और तकनीकी क्षमता का लाभ उठाना चाहता है.
एक दूरदर्शी साझेदारी का निर्माण
विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, ‘यह भारत और जर्मनी के साझा दृष्टिकोण की पुष्टि करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगी.’ मंत्रालय ने कहा कि इसका लक्ष्य दोनों देशों के लोगों और व्यापक वैश्विक समुदाय के लाभ के लिए एक ‘दूरदर्शी साझेदारी’ (Forward-looking Partnership) का निर्माण करना है.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 05, 2026, 23:27 IST

1 day ago
