Last Updated:February 14, 2026, 14:15 IST
PM Modi inaugurates ELF: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मोरन में पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन किया. इस दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई और मिग फाइटर जेट्स ने हाईवे स्ट्रिप पर शानदार एयर शो किया. यह सुविधा सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों में रक्षा तैयारियों को मजबूती देगी. (सभी फोटो PTI)
पूर्वोत्तर भारत ने शनिवार को एक ऐतिहासिक पल देखा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मोरन में नेशनल हाईवे पर देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) का उद्घाटन किया. यह सुविधा सामरिक और सुरक्षा दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है. प्रधानमंत्री स्वयं वायुसेना के विशेष विमान से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिसने सीधे हाईवे पर बने इस इमरजेंसी रनवे पर सफल लैंडिंग की. उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और सेना के अधिकारियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और इस ऐतिहासिक परियोजना ने देश की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती दी.
यह अत्याधुनिक सुविधा असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन इलाके में बनाई गई है और इसे पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप बताया जा रहा है. उद्घाटन कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और इस परियोजना को राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिससे यह आयोजन क्षेत्र के लिए उत्सव जैसा बन गया.
उद्घाटन के बाद कार्यक्रम का सबसे रोमांचक हिस्सा भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित एयर शो रहा. इस शो में भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स ने शानदार करतब दिखाए. एयर शो में राफेल, सुखोई और मिग जैसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान शामिल थे. इन विमानों ने हाईवे स्ट्रिप से सफल टेक-ऑफ और लैंडिंग कर अपनी ताकत और तकनीकी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया. इस दृश्य को देखने के लिए करीब एक लाख लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे, इससे माहौल देशभक्ति और उत्साह से भर गया.
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कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री को मोरन इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा के महत्व और तकनीकी विशेषताओं पर विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिखाई गई. भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उन्हें इस परियोजना से जुड़ी रणनीतिक जानकारियां दीं. इस प्रस्तुति में बताया गया कि यह सुविधा युद्ध या आपातकाल की स्थिति में वायुसेना को तेजी से ऑपरेशन चलाने में मदद करेगी. साथ ही यह सुविधा प्राकृतिक आपदा या अन्य संकट की परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है.
सरकारी बयान के अनुसार इस इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा को भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर तैयार किया गया है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां 40 टन तक वजन वाले फाइटर विमान और 74 टन तक के अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट विमान भी उतर सकते हैं. करीब 4.2 किलोमीटर लंबे मजबूत कंक्रीट सेक्शन को इस तरह बनाया गया है कि यह सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के विमानों को सुरक्षित रूप से संभाल सके. इस तकनीकी मजबूती ने इस सुविधा को देश की सबसे आधुनिक एयर स्ट्रिप्स में शामिल कर दिया है.
मोरन ELF की सबसे खास बात यह है कि इस हाईवे स्ट्रिप के बीच में कोई रोड डिवाइडर नहीं बनाया गया है. इससे विमान लैंडिंग और टेक-ऑफ के दौरान बिना किसी बाधा के आसानी से संचालन कर सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित होने के कारण इस सुविधा की सामरिक अहमियत और भी बढ़ जाती है. इससे जरूरत पड़ने पर वायुसेना को सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से तैनाती करने में मदद मिलेगी और रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी.
ऊपरी असम में बनी यह सुविधा पूर्वोत्तर भारत के सैन्य बुनियादी ढांचे में एक बड़ी रणनीतिक बढ़ोतरी के रूप में देखी जा रही है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी, खासकर उन इलाकों में जहां हाल के वर्षों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं.
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First Published :
February 14, 2026, 14:15 IST

2 hours ago
