Last Updated:January 01, 2026, 18:48 IST
Who is Nagesh Kapoor: भारतीय वायुसेना में साल 2026 के पहले ही दिन एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के हीरो एयर मार्शल नागेश कपूर ने वायुसेना के नए उपप्रमुख (VCAS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है. पिछले साल पाकिस्तान के एयरबेस को तबाह करने वाले इस जांबाज ऑफिसर के पास 3400 घंटों से अधिक का उड़ान अनुभव है. जानिए उनके करियर की अनसुनी दास्तां और कैसे उन्होंने सरहद पार दुश्मनों के हौसले पस्त किए थे.

एयर मार्शल नागेश कपूर भारतीय वायुसेना (IAF) के नए उपप्रमुख बन गए हैं. पिछला साल ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को दहलाने में नागेश कपूर ने अहम रोल निभाया था. साल 2026 की पहली सुबह भारतीय वायुसेना के लिए एक नई ऊर्जा और संकल्प लेकर आई है. देश के सबसे अनुभवी लड़ाकू पायलटों में से एक, एयर मार्शल नागेश कपूर ने गुरुवार यानी 1 जनवरी 2026 को वायुसेना के उपप्रमुख (Vice Chief of the Air Staff) का पदभार संभाल लिया है. उन्होंने एयर मार्शल नर्मदाश्वर तिवारी का स्थान लिया है, जो 40 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद बुधवार को सेवानिवृत्त हुए. नई दिल्ली स्थित वायु भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में एयर मार्शल कपूर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच यानी फाइटर स्ट्रीम में कमीशन पाने वाले एयर मार्शल नागेश कपूर का करियर साहस और रणनीतिक कौशल की मिसाल रहा है. वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं. वह एक मंझे हुए फाइटर कॉम्बैट लीडर के साथ-साथ क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में मिग-21 से लेकर मिग-29 जैसे विभिन्न लड़ाकू और प्रशिक्षक विमानों पर 3400 से अधिक घंटों का उड़ान अनुभव रखते हैं. अपनी नई जिम्मेदारी से पहले वे गांधीनगर स्थित दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान (SWAC) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के पद पर तैनात थे.

एयर मार्शल नागेश कपूर की नियुक्ति सबसे अधिक चर्चा में इसलिए है क्योंकि उन्हें पिछले साल यानी 2025 के सबसे घातक और सफल हवाई मिशन ऑपरेशन सिंदूर का रणनीतिकार माना जाता है. अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए एक कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने 6 से 10 मई 2025 के बीच यह ऑपरेशन चलाया था. उस समय एयर मार्शल कपूर SWAC की कमान संभाल रहे थे. इस मिशन में जुड़कर वो दुश्मन को घुटनों पर ला दिया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी बुनियादी ढांचों पर बेहद सटीक और विनाशकारी हमले किए थे. एयर मार्शल कपूर के नेतृत्व में वायुसेना ने पाकिस्तान के नूर खान और रहीमयार खान जैसे महत्वपूर्ण एयरबेस के पास स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि भारत ने स्वदेशी तकनीक और सटीक हथियारों जैसे स्पाइस 2000 मिसाइलें का इस्तेमाल करते हुए महज 23 मिनट के भीतर मिशन पूरा किया और पाकिस्तान के चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह जाम कर दिया.

ऑपरेशन सिंदूर में उनके असाधारण नेतृत्व और युद्धक कौशल के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें 15 अगस्त 2025 को 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' (SYSM) से सम्मानित किया था. यह पदक युद्ध के दौरान या युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है. इसके अलावा उन्हें उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और वायु सेना पदक (VM) भी मिल चुके हैं. उनके कार्यकाल के दौरान ही वायुसेना में पीसी-7 एमके II (PC-7 MK II) विमानों के शामिल होने और उनके संचालन में महत्वपूर्ण प्रगति हुई थी.

डिफेंस अटैची एयर मार्शल कपूर के पास न केवल युद्ध का अनुभव है, बल्कि वे कूटनीति के भी माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं. उन्होंने पाकिस्तान में भारत के 'डिफेंस अटैची' (Defence Attache) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं. दुश्मन देश की भौगोलिक स्थिति और उनकी सैन्य मानसिकता की गहरी समझ होने के कारण ही वे 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे संवेदनशील मिशन को इतनी सटीकता से अंजाम देने में सफल रहे.

2026 में वायुसेना की नई रणनीति उपप्रमुख के रूप में एयर मार्शल नागेश कपूर की प्राथमिकता वायुसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और तीन सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को बढ़ावा देना होगी. 2025 में हुए संघर्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य के युद्ध ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और लॉन्ग रेंज गाइडेड मूनिशन पर आधारित होंगे. एयर मार्शल कपूर ने पदभार संभालते ही संकेत दिए हैं कि वे वायुसेना की 'स्ट्राइक कैपेबिलिटी' और 'एयरोस्पेस डोमेन' में भारत की ताकत को और मजबूत करेंगे. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के साथ मिलकर नागेश कपूर अब नई चुनौतियों का सामना करेंगे. देश को उम्मीद है कि जिस तरह उन्होंने पिछले साल आसमान में तिरंगे का मान बढ़ाया, उसी तरह वे उपप्रमुख के रूप में भी वायुसेना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

1 hour ago
