केंद्रीय विद्यालय प्राइवेट है या सरकारी? कम फीस में होती है लाखों वाली पढ़ाई

1 hour ago

नई दिल्ली (Is KVS Government or Private). भारत में जब भी बेहतरीन स्कूली शिक्षा की बात होती है तो केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) का नाम सबसे पहले आता है. अक्सर लोग केवी की बेहतरीन बिल्डिंग, यूनिफॉर्म और मॉडर्न लैब को देखकर उलझन में पड़ जाते हैं कि यह कोई प्राइवेट संस्थान है या सरकारी. केंद्रीय विद्यालयों का अनुशासन और शिक्षा का स्तर टॉप लेवल के प्राइवेट स्कूलों को कड़ी टक्कर देता है. इसलिए कंफ्यूजन होना आम बात है.

केंद्रीय विद्यालय पूरी तरह से सरकारी स्कूल हैं. इनका संचालन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन होता है. इनका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना है, जिनका बार-बार ट्रांसफर होता रहता है. लेकिन समय के साथ इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि आज हर अभिभावक अपने बच्चे का दाखिला केवी में कराना चाहता है. जानिए केवीएस में पढ़ाई कैसे होती है, किस बोर्ड से संबद्ध है और यहां किसे एडमिशन मिल सकता है.

केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) स्वायत्त निकाय (Autonomous Body) है. इसका सीधा नियंत्रण भारत के शिक्षा मंत्री के पास होता है. यह प्राइवेट स्कूलों की तरह किसी व्यक्ति या ट्रस्ट के मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि समाज के बौद्धिक विकास के लिए काम करता है. यहां के फंड्स सीधे केंद्र सरकार के बजट से आते हैं.

केंद्रीय विद्यालय की स्थापना क्यों की गई थी?

केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत 1963 में हुई थी. इनका मुख्य उद्देश्य डिफेंस (Army, Navy, Airforce) और अन्य केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई में आने वाली परेशानी को दूर करना था. दरअसल इन कर्मचारियों का ट्रांसफर एक राज्य से दूसरे राज्य में होता रहता है. इसलिए पूरे देश में केंद्रीय विद्यालय का सिलेबस और किताबें एक समान रखी गई हैं. इससे ट्रांसफर होने पर बच्चे की पढ़ाई का नुकसान नहीं होता है. सभी केवी सीबीएसई से संबद्ध हैं और यहां NCERT किताबें पढ़ाई जाती हैं.

केंद्रीय विद्यालय की फीस कितनी है?

केंद्रीय विद्यालय के सरकारी होने का सबसे बड़ा प्रमाण इसकी फीस है. जहां बड़े प्राइवेट स्कूलों में महीने की फीस हजारों में होती है, वहीं केवी में बहुत ही मामूली फीस ली जाती है.

लड़कियों, SC/ST स्टूडेंट्स और केवी के कर्मचारियों के बच्चों के लिए ट्यूशन फीस में विशेष छूट या माफी का प्रावधान है. यहां ‘विद्यालय विकास निधि’ (VVN) के नाम पर एक छोटा सा हिस्सा लिया जाता है, जिसका इस्तेमाल स्कूल की सुविधाओं को आधुनिक बनाने में किया जाता है.

केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन कैसे मिलता है?

केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन प्रायोरिटी सिस्टम के हिसाब से मिलता है. यह सरकारी स्कूल है- इसलिए पहली प्राथमिकता उन बच्चों को दी जाती है, जिनके माता-पिता केंद्र सरकार के कर्मचारी या सेना में हैं. इसके बाद राज्य सरकार के कर्मचारियों और आखिर में आम जनता (Private/Business category) के लिए आरक्षित सीटों पर दाखिला होता है. यहां ‘शिक्षा का अधिकार’ (RTE) के तहत भी 25% सीटें आरक्षित होती हैं.

कैटेगरी 1: सेना और केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चे. कैटेगरी 5: प्राइवेट जॉब या बिजनेस करने वाले आम नागरिक.

भले ही आम जनता के लिए सीटें कम हों, लेकिन ‘राइट टू एजुकेशन’ (RTE) के तहत गरीब बच्चों के लिए यहां दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं.

केवी में डिजिटल इंडिया की झलक

प्राइवेट स्कूलों की तरह केंद्रीय विद्यालय में भी अब ई-क्लासरूम, कंप्यूटर लैब और खेल के बेहतरीन मैदान हैं. ये सरकारी स्कूल न केवल पढ़ाई में, बल्कि खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं. यहां पढ़ाने वाले टीचर्स की भर्ती केवीएस की सख्त चयन प्रक्रिया और इंटरव्यू से होती है. इसीलिए केवी का बोर्ड रिजल्ट अक्सर महंगे से महंगे प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ देता है. यहां पढ़ाई के साथ ही खेल-कूद और स्काउट-गाइड जैसे प्रोग्राम के जरिए बच्चे की पर्सनैलिटी निखारी जाती है.

केंद्रीय विद्यालय से जुड़े 5 सवाल-जवाब

क्या केवी में प्राइवेट नौकरी वालों के बच्चों का एडमिशन हो सकता है?

हां, बिल्कुल हो सकता है. सरकारी कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलने के बाद बची हुई सीटों पर प्राइवेट सेक्टर या बिजनेसमैन के बच्चों को ‘Category 5’ के तहत दाखिला दिया जाता है. साथ ही, RTE के तहत 25% सीटें सभी के लिए खुली होती हैं.

केवी कक्षा 1 में एडमिशन के लिए सही उम्र क्या है?

नए नियमों के अनुसार, कक्षा 1 में एडमिशन के लिए बच्चे की उम्र 31 मार्च तक कम से कम 6 साल होनी चाहिए. 6 साल से कम उम्र के बच्चों का फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है.

क्या केवी में लड़कियों की फीस माफ होती है?

हां, केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक की सभी लड़कियों की ट्यूशन फीस माफ होती है. उन्हें सिर्फ ‘विद्यालय विकास निधि’ (VVN) देनी पड़ती है, जो बहुत ही कम होती है.

केवी में कौन सा बोर्ड और सिलेबस पढ़ाया जाता है?

सभी केंद्रीय विद्यालय CBSE बोर्ड से मान्यता प्राप्त होते हैं और यहां पूरी तरह से NCERT का सिलेबस पढ़ाया जाता है. पूरे भारत में एक ही समय पर एक जैसा कोर्स चलता है.

केवी में एडमिशन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट सबसे जरूरी हैं?

सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र (Address Proof) हैं. सरकारी कर्मचारियों के लिए उनका ‘सर्विस सर्टिफिकेट’ और पिछले 7 वर्षों के ट्रांसफर की डिटेल देना अनिवार्य है.

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